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विधान परिषद चुनाव : मैदान छोड़ने वालों पर सपा सख्त, मिर्जापुर-सोनभद्र से उम्मीदवार सहित दो पार्टी से निष्कासित
Mon, 28 Mar 2022 12:22 AM IST
पंकज श्रीवास्तव
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Mon, 28 Mar 2022 12:22 AM IST
सार
सपा सरकार के कार्यकाल में हुए चुनाव के दौरान इन 36 सीट में 33 पर सपा ने कब्जा जमाया था। लेकिन हालात बदले तो विधान सभा चुनाव से ठीक पहले सात एमएलसी भाजपा में चले गए। बाकी बचे 26 में 15 ने चुनाव लड़ने से मना कर दिया, जबकि 11 ने दोबारा मैदान में उतरने का एलान किया।
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सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव।
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
विधान परिषद प्राधिकार क्षेत्र चुनाव में सपा के जिन उम्मीदवारों ने अपने नाम वापस लिए हैं, उन पर पार्टी हाईकमान सख्त हो गया है। पार्टी के छह उम्मीदवारों ने अपने नाम वापस लिए हैं। इनमें से एक तो भाजपा में शामिल भी हो गया है। अब पार्टी का शीर्ष नेतृत्व इनके खिलाफ कार्रवाई में जुट गया है। इसी क्रम में सपा ने मिर्जापुर-सोनभद्र के उम्मीदवार रमेश सिंह व उनके सहयोगी सुनील यादव को पार्टी से निष्काषित कर दिया है। जल्द ही अन्य पर भी कार्रवाई की तैयारी है।
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सपा ने विधान परिषद स्थानीय प्राधिकार क्षेत्र की 36 सीट में 34 पर उम्मीदवार उतारे थे। दो सीटों पर रालोद चुनाव लड़ रहा था। सपा शासन में हुए चुनाव के दौरान इन 36 सीट में से 33 पर सपा ने कब्जा जमाया था। लेकिन हालात बदले तो विधान सभा चुनाव से ठीक पहले सात एमएलसी भाजपा में चले गए। बाकी बचे 26 में 15 ने चुनाव लड़ने से मना कर दिया। सिर्फ 11 ने दोबारा मैदान में उतरने का एलान किया। निवर्तमान एमएलसी के चुनाव लड़ने से मना करते ही पार्टी के अंदरखाने हलचल मच गई।
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कई तरह के सवाल भी उठे। हालांकि बाद में सपा शीर्ष नेतृत्व ने 34 सीटों पर उम्मीदवारों की घोषणा की। बुलंदशहर और मेरठ रालोद के खाते में गई। बुलंदशहर से रालोद ने सुनीता शर्मा को उम्मीदवार बनाया। सुनीता सपा से ब्लॉक प्रमुख रह चुकी हैं। गाजे बाजे के साथ नामांकन करने वाली सुनीता ने बाद में नाम वापस ले लिया। इसी तरह बदायूं से सिनोज कुमार शाक्य, हरदोई से रजीउद्दीन, मिर्जापुर-सोनभद्र से रमेश सिंह, बांदा-हमीरपुर से आनंद कुमार त्रिपाठी एवं गाजीपुर से भोलानाथ शुक्ला ने नाम वापस ले लिया। मैनपुरी-एटा के उम्मीदवार उदयवीर सिंह और राकेश एवं लखीमपुर खीरी के उम्मीदवार अनुराग एवं अलीगढ़ के जसवंत सिंह का पर्चा खारिज हो गया। ऐसे में यहां भाजपा उम्मीदवार निर्विरोध हो गए हैं।
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सपा उम्मीदवारों के नाम वापसी पर पार्टी की गतिविधियों पर नजर रखने वालों का कहना है कि सपा के जिन उम्मीदवारों ने भाजपा प्रत्याशी के पक्ष में पर्चा वापस लेकर उन्हें निर्विरोध चुने जाने का रास्ता साफ किया है, उनके चयन में चूक हुई है। टिकट वितरण कमेटी ने इस बात का ध्यान नहीं रखा कि जिन लोगों को उम्मीदवार बनाया जा रहा है वे पार्टी के प्रति कितने वफादार हैं। इन उम्मीदवारों को पार्टी की कसौटी पर नहीं परखने का नतीजा है कि सपा चुनाव लड़ने से पहले ही इन सीटों पर मात खा गई।
सपा उम्मीदवारों ने किया भाजपा का रूख
रालोद उम्मीदवार के तौर पर मैदान में उतरी सुनीता शर्मा और बदायूं के सिनोज कुमार शाक्य भाजपा में जा चुके हैं। भाजपा अन्य उम्मीदवारों पर भी डोरे डाल रही है। माना जा रहा है कि पर्चा वापस लेने वाले अन्य उम्मीदवार भी जल्द ही भाजपा में शामिल होंगे।