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50 हजार के इनामी बर्खास्त सिपाही ने कोर्ट में किया सरेंडर, जज ने निरस्त की जमानत की अर्जी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Updated Sat, 10 Mar 2018 09:54 AM IST
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आरोपी सिपाही
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अंबेडकरनगर के 50 हजार रुपये के इनामी बर्खास्त सिपाही अजय सिंह ने शुक्रवार को स्पेशल जज गैंगेस्टर एक्ट/एडीजे चतुर्थ विनय कुमार सिंह की कोर्ट में सरेंडर कर दिया।
उसके खिलाफ कूरेभार के ब्लॉक प्रमुख बॉबी सिंह हत्याकांड में ढाई साल से गैर जमानती वारंट था। कोर्ट ने बर्खास्त सिपाही की वारंट निरस्त करने के लिए दी गई अर्जी खारिज कर उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेजने का आदेश दिया है। मामला कोतवाली नगर से जुड़ा है।
कूरेभार के ब्लॉक प्रमुख आनंद प्रकाश सिंह उर्फ बाबी सिंह नगर क्षेत्र के सीताकुंड मोहल्ले में रहते थे। जून 2006 में दीवानी न्यायालय चौराहे के पास हुई गैंगवार में ब्लॉक प्रमुख बॉबी सिंह व उनके चचेरे भाई जयंत सिंह उर्फ गुडलक की गोली मारकर हत्या कर दी थी।
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पुलिस ने मृतक बॉबी सिंह के भाई सनत्य सिंह उर्फ बब्लू की तहरीर पर ठेकेदार नरेंद्र सिंह, उनके पुत्र प्रातेश सिंह उर्फ बंटी व अमित सिंह और पांच अज्ञात के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कराया था। ब्लॉक प्रमुख हत्याकांड में पुलिस ने प्रातेश सिंह उर्फ बंटी, अमित सिंह, दोस्तपुर के बनी गांव निवासी विनोद सिंह और अंबेडकरनगर में महरुआ थानान्तर्गत लोकनाथपुर गांव निवासी बर्खास्त सिपाही अजय सिंह के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी।
ट्रायल कोर्ट ने 15 सितंबर 2015 को बर्खास्त सिपाही के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया। इसी मामले में शुक्रवार को बर्खास्त सिपाही अजय सिंह ने स्पेशल जज गैंगेस्टर एक्ट/एडीजे चतुर्थ विनय कुमार सिंह की कोर्ट में सरेंडर करके वारंट निरस्त करने के लिए अर्जी दी।
कोर्ट ने आरोपी को जमानत का दुरुपयोग करने का दोषी मानते हुए अर्जी खारिज कर उसे जेल भेजने का आदेश दिया। अर्जी खारिज होने के बाद आरोपी को पुलिस ने न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। मामले में अगली सुनवाई तीन अप्रैल को होगी। एसएसपी सूर्यकांत त्रिपाठी ने बताया कि आरोपी अजय सिंह के खिलाफ 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था।
ब्लॉक प्रमुख बॉबी सिंह की हत्या के दौरान ही दूसरे पक्ष के ठेकेदार नरेंद्र सिंह व उनके साथ रहे ललई भी मारे गए थे। फायरिंग से दीवानी चौराहे पर दहशत फैल गई थी।
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उसके खिलाफ कूरेभार के ब्लॉक प्रमुख बॉबी सिंह हत्याकांड में ढाई साल से गैर जमानती वारंट था। कोर्ट ने बर्खास्त सिपाही की वारंट निरस्त करने के लिए दी गई अर्जी खारिज कर उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेजने का आदेश दिया है। मामला कोतवाली नगर से जुड़ा है।
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कूरेभार के ब्लॉक प्रमुख आनंद प्रकाश सिंह उर्फ बाबी सिंह नगर क्षेत्र के सीताकुंड मोहल्ले में रहते थे। जून 2006 में दीवानी न्यायालय चौराहे के पास हुई गैंगवार में ब्लॉक प्रमुख बॉबी सिंह व उनके चचेरे भाई जयंत सिंह उर्फ गुडलक की गोली मारकर हत्या कर दी थी।
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पुलिस ने मृतक बॉबी सिंह के भाई सनत्य सिंह उर्फ बब्लू की तहरीर पर ठेकेदार नरेंद्र सिंह, उनके पुत्र प्रातेश सिंह उर्फ बंटी व अमित सिंह और पांच अज्ञात के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कराया था। ब्लॉक प्रमुख हत्याकांड में पुलिस ने प्रातेश सिंह उर्फ बंटी, अमित सिंह, दोस्तपुर के बनी गांव निवासी विनोद सिंह और अंबेडकरनगर में महरुआ थानान्तर्गत लोकनाथपुर गांव निवासी बर्खास्त सिपाही अजय सिंह के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी।
ट्रायल कोर्ट ने 15 सितंबर 2015 को बर्खास्त सिपाही के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया। इसी मामले में शुक्रवार को बर्खास्त सिपाही अजय सिंह ने स्पेशल जज गैंगेस्टर एक्ट/एडीजे चतुर्थ विनय कुमार सिंह की कोर्ट में सरेंडर करके वारंट निरस्त करने के लिए अर्जी दी।
कोर्ट ने आरोपी को जमानत का दुरुपयोग करने का दोषी मानते हुए अर्जी खारिज कर उसे जेल भेजने का आदेश दिया। अर्जी खारिज होने के बाद आरोपी को पुलिस ने न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। मामले में अगली सुनवाई तीन अप्रैल को होगी। एसएसपी सूर्यकांत त्रिपाठी ने बताया कि आरोपी अजय सिंह के खिलाफ 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था।
ब्लॉक प्रमुख बॉबी सिंह की हत्या के दौरान ही दूसरे पक्ष के ठेकेदार नरेंद्र सिंह व उनके साथ रहे ललई भी मारे गए थे। फायरिंग से दीवानी चौराहे पर दहशत फैल गई थी।