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गोलीबारी में बाल-बाल बचा था, सौभाग्य से फैसला सुनने का मौका मिला : कुलपति राजाराम
Tue, 12 Nov 2019 06:54 PM IST
ishwar ashish
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Tue, 12 Nov 2019 06:54 PM IST
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वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय, जौनपुर के कुलपति प्रो. राजाराम यादव
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वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय, जौनपुर के कुलपति प्रो. राजाराम यादव ने कहा कि अयोध्या पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला साहसिक और ऐतिहासिक है। इस निर्णय ने जन आस्था और पंथ निरपेक्षता को और मजबूत किया है। महात्मा गांधी के रामराज का सपना भी इसी साहसिक निर्णय से साकार होगा।
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प्रो. राजाराम ने कहा, एक प्रचारक के रूप में मैं दशकों श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन, अशोक सिंघल, प्रो. राजेंद्र सिंह रज्जू भैया के साथ जुड़ा रहा। वर्ष 1990 में 90 किमी. की पदयात्रा के लिए राम जन्मभूमि आंदोलन में सक्रिय सहभागिता के लिए एक नवंबर को देर रात अयोध्या पहुंचा था। 2 नवंबर 1990 को हनुमानगढ़ी में रामभक्तों पर हुई गोलीबारी का चश्मदीद था, कारसेवकों के मोर्चे का नेतृत्व कर रहा था।
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उन्होंने बताया कि गोलीबारी में वे बाल-बाल बच गए थे। सौभाग्य से विजयी निर्णय को सुनने का अवसर मिला है। उन्होंने कहा, विश्वविद्यालय में कुलपति पद संभालने के बाद लगातार तीन बार श्रीराम कथा अमृत वर्षा का आयोजन कराया। श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन की अगुवा टीम में रहे महंत अवेद्यनाथ के नाम पर संगोष्ठी भवन का नामकरण एवं प्रो. राजेंद्र सिंह रज्जू भैया भौतिकीय शोध संस्थान तथा अशोक सिंघल के नाम पर परंपरागत विज्ञान एवं अनुसंधान केंद्र की स्थापना की।
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