मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ देंगे ‘नई काशी’ की सौगात, जोनल प्लान तैयार कर सरकार को भेजा
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उत्तर प्रदेश की योगी सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शहर बनारस को नई काशी के रूप में बड़ी सौगात देने की तैयारी कर रही है। प्रवासी भारतीय दिवस के सफल आयोजन के बाद इस कल्पना को पंख लगे हैं।
सरकार वाराणसी के वरुणापार इलाके में नई काशी बसाने की योजना बना रही है। इसमें हाल में बना रिंगरोड और टेंट सिटी का इलाका भी शामिल होगा। वाराणसी जिला प्रशासन ने प्रवासी भारतीय दिवस के दौरान दुनिया भर से आए प्रवासी मेहमानों को ठहरने के लिए टेंट सिटी बसाई थी।
प्रधानमंत्री मोदी सहित आगंतुक मेहमानों ने टेंट सिटी के प्रयोग की मुक्तकंठ से सराहना की थी। अब वरुणापार के टेंट सिटी व अन्य भूभाग को लेकर काशी को विस्तार देने की योजना है।
वाराणसी विकास प्राधिकरण ने गलियों और घाटों की काशी के लोगों की भविष्य की आवश्यकताओं और संभावनाओं को ध्यान में जोनल प्लान तैयार कर प्रदेश सरकार को भेजा है। नई काशी को नियोजित विकास के मिशाल के तौर पर डवलप करने की योजना है।
48 किलोमीटर एरिया में होगा विकास
प्रस्ताव के मुताबिक वाराणसी के 48 किमी एरिया में नई काशी की बसावट होगी। वरुणा पार हरहुआ इलाके में हाल ही में बनी करीब 16 किलोमीटर लंबी रिंग रोड फेज.1 से कनेक्टिविटी बढ़ने से नई काशी के विस्तार की योजना बनी है।
रिंगरोड के किनारे ग्रीन बेल्ट और आवासीय सुविधाएं
प्रारंभिक प्लान के मुताबिक रिंग रोड के किनारे करीब 20 मीटर की ग्रीन बेल्ट्स और 200 मीटर में आवासीय सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इसके लिए रिंग रोड के किनारे के इलाके का भू उपयोग बदलकर कृषि से मिश्रित भू उपयोग में किया जाएगा।
मिश्रित भू उपयोग से इस क्षेत्र में हर तरह के विकास कार्य किए जा सकेंगें। यहां आवासीय योजनाओं के साथ होटल मॉल और व्यापारिक आवश्यकताओं की संस्थाओं की स्थापना की जा सकेगी।
शासन को भेजा गया जोनल प्लानिंग का प्रस्ताव
वाराणसी विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष राजेश कुमार का कहना है कि वाराणसी शहर के विस्तार पर विचार हो रहा है। इसके लिए शासन को जोनल प्लानिंग का प्रस्ताव भेजा गया है। इससे शहर का नियोजित विकास हो सकेगा। इसके लिए बड़ी मात्रा में जमीन की जरूरत होगी। शासन की अनुमति मिलते ही योजना पर काम शुरू हो जाएगा।
मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार मृत्युंजय कुमार का कहना है कि योगी सरकार काशी की परंपरा और पहचान को बरकरार रखते हुए उसके विकास के लिए लगातार काम कर रही है। नई काशी उसी संकल्प का विस्तार है। बनारस के लोगों की भविष्य की आवश्यकताओं और संभावनाओं को ध्यान में रखकर ही काशी में काम होगा।