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Lucknow News: सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए टीकाकरण जरूरी
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लखनऊ। एचपीवी संक्रमण से होने वाली बीमारियों की रोकथाम के लिए टीकाकरण बेहद जरूरी है। इसी संदेश के साथ बृहस्पितवार को बार्ड मैत्री महिला मंच लखनऊ चैप्टर ने नाबार्ड और सहयोगी कर्मचारियों के परिवारों के बच्चों के लिए एचपीवी टीकाकरण अभियान चलाया। केजीएमयू के सहयोग और तकनीकी मार्गदर्शन में हुए अभियान का शुभारंभ क्वीनमेरी की अध्यक्ष डॉ. अंजू अग्रवाल ने किया।
डॉ. अंजू अग्रवाल ने बताया कि एचपीवी यानी ह्यूमन पैपिलोमा वायरस के कई प्रकार होते हैं। इनमें कुछ सामान्य संक्रमण होते हैं, जबकि लंबे समय तक बने रहने वाले कुछ हाई-रिस्क संक्रमण गंभीर बीमारियों का कारण बन सकते हैं। महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर का प्रमुख कारण एचपीवी संक्रमण है। इसके अलावा गुदा, योनी, गले और मुंह के पिछले हिस्से के कैंसर का खतरा भी इससे बढ़ सकता है।
उन्होंने कहा कि हर एचपीवी संक्रमण कैंसर का कारण नहीं बनता। अधिकतर संक्रमण शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली से अपने-आप खत्म हो जाते हैं। हालांकि, हाई-रिस्क संक्रमण लंबे समय तक बने रहने पर कैंसर का खतरा बढ़ा सकते हैं। ऐसे में समय पर टीकाकरण और जागरूकता जरूरी है। कार्यक्रम में अभिभावकों को सही जानकारी के आधार पर निर्णय लेने के लिए प्रेरित किया गया। राष्ट्रीय बैंक स्टाफ महाविद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. ज्ञानेंद्र मणि और बैंकर्स ग्रामीण विकास संस्थान के निदेशक डॉ. निरुपम मेहरोत्रा भी मौजूद रहे।
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डॉ. अंजू अग्रवाल ने बताया कि एचपीवी यानी ह्यूमन पैपिलोमा वायरस के कई प्रकार होते हैं। इनमें कुछ सामान्य संक्रमण होते हैं, जबकि लंबे समय तक बने रहने वाले कुछ हाई-रिस्क संक्रमण गंभीर बीमारियों का कारण बन सकते हैं। महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर का प्रमुख कारण एचपीवी संक्रमण है। इसके अलावा गुदा, योनी, गले और मुंह के पिछले हिस्से के कैंसर का खतरा भी इससे बढ़ सकता है।
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उन्होंने कहा कि हर एचपीवी संक्रमण कैंसर का कारण नहीं बनता। अधिकतर संक्रमण शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली से अपने-आप खत्म हो जाते हैं। हालांकि, हाई-रिस्क संक्रमण लंबे समय तक बने रहने पर कैंसर का खतरा बढ़ा सकते हैं। ऐसे में समय पर टीकाकरण और जागरूकता जरूरी है। कार्यक्रम में अभिभावकों को सही जानकारी के आधार पर निर्णय लेने के लिए प्रेरित किया गया। राष्ट्रीय बैंक स्टाफ महाविद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. ज्ञानेंद्र मणि और बैंकर्स ग्रामीण विकास संस्थान के निदेशक डॉ. निरुपम मेहरोत्रा भी मौजूद रहे।
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