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पूर्व डीजीपी बोले- हर क्षेत्र की मांगे अलग, विकास के लिए चार हिस्सों में बांटा जाए यूपी

Mon, 01 Jul 2019 02:28 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Mon, 01 Jul 2019 02:28 PM IST
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Uttar Pradesh should be devided into four parts for development.
यूपी के पूर्व डीजीपी और पुलिस सुधार आयोग के अध्यक्ष सुलखान सिंह - फोटो : amar ujala

पूर्व डीजीपी और पुलिस सुधार आयोग के अध्यक्ष सुलखान सिंह ने यूपी को चार हिस्सों में बांटने की वकालत की है। सुलखान सिंह ने अपने फेसबुक वाल पर लिखा है कि यूपी को उत्तर प्रदेश, अवध, बुंदेलखंड और पूर्वांचल के रूप में विभाजित किया जाना चाहिए।

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उन्होंने पश्चिमी यूपी को उत्तर प्रदेश, मध्य यूपी के हिस्सों को अवध प्रदेश, मध्यप्रदेश और यूपी के बुंदेलखंड के इलाकों को मिलाकर नया बुंदेलखंड और पूर्वांचल को पूर्वांचल राज्य के रूप में विभाजित करने की वकालत की है। सुलखान सिंह के अनुसार, हर क्षेत्र के संसाधन और आवश्यकताएं अलग-अलग हैं, इसलिए बंटवारा जरूरी है
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उन्होंने कहा कि छोटे राज्यों से नागरिकों की लोकतांत्रिक आकांक्षाएं पूरी होती हैं, विकास की जरूरतें एक जैसी होने के कारण बजट पर खींचतान नहीं होती, संसाधनों का उपयोग सबके हित में होता है।
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वहीं बड़े राज्यों में शिक्षित विकसित और चतुर क्षेत्र के लोग पिछड़े क्षेत्र के लोगों का हक मार लेते हैं। उन्होंने इसका उदाहरण देते हुए कहा है कि बुंदेलखंड के लोग पूर्वांचल के लोगों से नौकरियों और ठेकों में पिछड़ रहे हैं। अगर बुंदेलखंड अलग राज्य होता तो वहीं के लोग सेवाओं में होते।

हर क्षेत्र की आवश्यकता अलग और संसाधन भी अलग

अमर उजाला से बातचीत में सुलखान सिंह ने बताया कि उन्होंने फेसबुक पर अपना मत रखा है। छोटे राज्यों से प्रजातंत्र की आकांक्षाओं की पूर्ति होने में आसानी होती है। इसके अलावा अलग-अलग क्षेत्र के संसाधन और समस्या अलग अलग होती है। अगर बुंदेलखंड का क्षेत्र सूखे से सर्वाधिक प्रभावित रहता है तो गोरखपुर का क्षेत्र बाढ़ से परेशान रहता है। किसी की आवश्यकता उद्योग है तो किसी की आवश्यकता अपराध पर नियंत्रण करने की। ऐसे में जो अधिक पावरफुल होता है वह अपने क्षेत्र के लिए बजट का बड़ा हिस्सा खींच लेता है।

सरकारें चाहकर भी समग्र क्षेत्र की आवश्यकताओं की पूर्ति नहीं कर पातीं। इसी तरह अलग-अलग क्षेत्र में अपराध की स्थिति भी अलग है। पश्चिमी यूपी में अपराध अधिक है, लेकिन बुंदेलखंड में बहुत कम है। जाहिर है पश्चिमी में अधिक फोर्स की आवश्यकता होगी।

योगी के खास रहे हैं सुलखान

बता दें कि सुलखान सिंह बुंदेलखंड के बांदा जिले के रहने वाले हैं। उनकी पहचान मौजूदा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खास अफसर के रूप में होती है। यही वजह है कि डीजीपी के पद से रिटायर होने से ठीक पहले सरकार ने उन्हें तीन महीने का सेवा विस्तार दिया था। सेवानिवृत्त होने के बाद उन्हें पुलिस सुधार आयोग का अध्यक्ष बना दिया। इससे पहले उन्हें जेल में हुई मुन्ना बजरंगी की हत्या की घटना के बाद जेलों में सुधार के लिए बनी कमेटी का भी अध्यक्ष बनाया गया था।

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