{"_id":"5d6e032f8ebc3e01557e5932","slug":"uttar-pradesh-science-and-technology-dept-will-take-down-tantrik-and-fake-people","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"ढोंगी, पाखंडियों व तांत्रिकों पर नकेल कसेगा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग, अपनाएगा ये तरीके","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ढोंगी, पाखंडियों व तांत्रिकों पर नकेल कसेगा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग, अपनाएगा ये तरीके
Tue, 03 Sep 2019 11:37 AM IST
Amulya Rastogi
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: Amulya Rastogi
Updated Tue, 03 Sep 2019 11:37 AM IST
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रदेश में ढोंगी पाखंडियों और तांत्रिकों के जाल को विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के सहारे तोड़ा जाएगा। प्रत्येक जिले में तांत्रिकों पर नकेल कसने और अंधविश्वास के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग कार्ययोजना बना रहा है।
विभाग के निदेशक वेदपति मिश्र ने बताया कि अंधविश्वास के खिलाफ विज्ञान और जागरूकता को मजबूत हथियार बनाया जाएगा। इसके लिए जिलों में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित जिला विज्ञान क्लब और क्षेत्रीय विज्ञान प्रौद्योगिकी केंद्रों की भूमिका को महत्वपूर्ण बनाया जाएगा।
इन क्लब व केंद्रों के जरिए ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूलों में विद्यार्थियों में विज्ञान के प्रति रुचि उत्पन्न करने और उनकी तार्किक क्षमता विकसित करने के लिए प्रतियोगिताएं होंगे। गांव-गांव में जागरूकता वाहन भेजकर विज्ञान के प्रयोग और महत्व को लोगों को सरलता से समझाया जाएगा। इसके अतिरिक्त विज्ञान सबके लिए अभियान को और प्रभावी ढंग से लागू किया जाएगा। उन्होंने बताया कि विभाग इस संबंध में कार्ययोजना तैयार कर रहा है। जल्द ही इस मूर्त रूप दे दिया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
विभाग के निदेशक वेदपति मिश्र ने बताया कि अंधविश्वास के खिलाफ विज्ञान और जागरूकता को मजबूत हथियार बनाया जाएगा। इसके लिए जिलों में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित जिला विज्ञान क्लब और क्षेत्रीय विज्ञान प्रौद्योगिकी केंद्रों की भूमिका को महत्वपूर्ण बनाया जाएगा।
विज्ञापन
इन क्लब व केंद्रों के जरिए ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूलों में विद्यार्थियों में विज्ञान के प्रति रुचि उत्पन्न करने और उनकी तार्किक क्षमता विकसित करने के लिए प्रतियोगिताएं होंगे। गांव-गांव में जागरूकता वाहन भेजकर विज्ञान के प्रयोग और महत्व को लोगों को सरलता से समझाया जाएगा। इसके अतिरिक्त विज्ञान सबके लिए अभियान को और प्रभावी ढंग से लागू किया जाएगा। उन्होंने बताया कि विभाग इस संबंध में कार्ययोजना तैयार कर रहा है। जल्द ही इस मूर्त रूप दे दिया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञान प्रदर्शनी और महोत्सव होंगे
निदेशक ने बताया कि इस वर्ष गोरखपुर, कौशांबी, गाजियाबाद, बागपत, जौनपुर, भदोही, कानपुर देहात, अमेठी, फतेहपुर, महराजगंज, चित्रकूट, मऊ, सीतापुर, बिजनौर सहित 20 जिलों में जिला स्तरीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी प्रदर्शनी लगाई जाएगी।
इसमें लोगों को सूचना एवं प्रौद्योगिकी के उपयोग के प्रति जागरूक किया जाएगा। इसी प्रकार प्रयागराज, झांसी, जालौन, हमीरपुर, बदायूं, मुरादाबाद, बलिया, कानपुर नगर, फर्रुखाबाद, वाराणसी, फिरोजाबाद, लखनऊ और बाराबंकी सहित 20 जिलों में विज्ञान महोत्सव आयोजित किए जाएंगे।
इसमें लोगों को सूचना एवं प्रौद्योगिकी के उपयोग के प्रति जागरूक किया जाएगा। इसी प्रकार प्रयागराज, झांसी, जालौन, हमीरपुर, बदायूं, मुरादाबाद, बलिया, कानपुर नगर, फर्रुखाबाद, वाराणसी, फिरोजाबाद, लखनऊ और बाराबंकी सहित 20 जिलों में विज्ञान महोत्सव आयोजित किए जाएंगे।