सीएम योगी ने 600 भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ की कार्रवाई, 200 से ज्यादा जबरन किए रिटायर
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बता दें कि योगी सरकार ने 200 से ज्यादा अधिकारियों और कर्मचारियों को जबरन वीआरएस दिया है, जबकि 400 से ज्यादा अधिकारियों और कर्मचारियों को बृहद दंड दिया है। यानि की अब उनका प्रमोशन नहीं होगा, साथ ही उन्हें दूसरी जगह भेज दिया जाएगा।
ज्यादातर आईएएस और आईपीएस अफसरों पर कार्रवाई की गई है। इन सभी पर फैसला केंद्र सरकार लेगी। इन अधिकारियों की लिस्ट तैयार कर केंद्र सरकार को भेजी गई है।
सरकार के प्रवक्ता श्रीकांत शर्मा ने बताया कि यह पहली सरकार है जिसने 600 से ज्यादा अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप में कार्रवाई की है।
गौरतलब है कि, 20 जून को सचिवालय प्रशासन विभाग की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बेईमान और भ्रष्ट अधिकारियों को आड़े हाथ लिया था। उन्होंने कहा था कि बेईमान-भ्रष्ट अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए सरकार में कोई जगह नहीं। इन्हें तत्काल वीआरएस दे दीजिए।
साथ ही जिन अधिकारियों की गतिविधियां संदिग्ध हैं और जिनके खिलाफ शिकायतें दर्ज हैं, उनकी सूची तैयार करने के निर्देश दिए थे। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को कार्य पद्धति सुधारने के निर्देश भी दिए थे। उन्होंने ई-ऑफिस की कार्य प्रगति पर असंतोष जताते हुए कहा था कि दो वर्ष के बाद भी शत प्रतिशत कार्य क्यों नहीं हो पाया है।