यूपी सरकार के लोगो का दुरुपयोग पड़ेगा भारी, जुर्माने के साथ ही जेल जाना पड़ेगा
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उत्तर प्रदेश सरकार के प्रतीक चिह्न (लोगो) का दुरुपयोग करने वालों की अब खैर नहीं होगी। दोषी पाए जाने पर दो वर्ष की सजा व 5 हजार रुपये जुर्माना हो सकता है। इसके लिए राज्य सरकार की ओर से उत्तर प्रदेश का राज्य संप्रतीक (अनुचित प्रयोग प्रतिषेध) विधेयक, विधानसभा में पेश किया गया।
विधेयक के अनुसार राज्य सरकार के प्रतीक चिह्न का किसी लेटर पैड, विजिटिंग कार्ड आदि पर प्रयोग किया जाना सरकार की गरिमा और प्रादिकार का द्योतक है। किंतु प्रदेश में इससे संबंधित किसी तरह का कानून न होने की वजह से प्रतीक चिह्न का अनधिकृत प्रयोग दंडनीय अपराध की श्रेणी में नहीं आता है।
मंजूरी मिलते ही अपराध श्रेणी में आ जाएगा
केंद्र सरकार ने राज्य संप्रतीक के उपयोग को विनियमित करते हुए भारत का राज्य संप्रीतक प्रयोग का विनियम अधिनियम-2005 बनाया है। यह अनधिकृत प्रयोग को दंडनीय अपराध घोषित करता है।
केंद्र सरकार की तरह राज्य के संप्रतीक चिह्न के प्रयोग को विनियमित करने व उसके अनधिकृत प्रयोग को दंडनीय अपराध घोषित करने के लिए यूपी का राज्य संप्रतीक अनुचित प्रतिषेध विधेयक, 2019 लाया गया है। विधानमंडल से मंजूरी मिलने के बाद सरकार के प्रतीक चिह्न का दुरुपयोग दंडनीय अपराध की श्रेणी में आ जाएगा।