Lucknow: 79 साल की उम्र में नौकरी के साथ कर रहीं एमबीए की पढ़ाई, डिग्री पूरा होने पर रचेंगी कीर्तिमान
लखनऊ के निजी अस्पताल में काम करने वाली ऊषा रे दूरस्थ शिक्षा प्रणाली से एमबीए कर रही हैं। पढ़ाई पूरी करने के बाद इतनी उम्र में एमबीए की डिग्री हासिल करने का वो कीर्तिमान रचेंगी।
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पढ़ने और सीखने की कोई उम्र नहीं होती है। गोमतीनगर निवासी ऊषा रे ने इसे सही साबित किया है। ऊषा रे 79 साल की उम्र में न सिर्फ नौकरी कर रही हैं, बल्कि दूरस्थ शिक्षा प्रणाली से एमबीए की पढ़ाई भी कर रही हैं। पढ़ाई पूरी करने पर वे एमबीए करने वाली दुनिया की सबसे बुजुर्ग व्यक्ति बन जाएंगी।
अमर उजाला से बात करते हुए ऊषा ने बताया कि वे जीवन में हमेशा कुछ न कुछ करते रहना चाहती हैं। इसी वजह से उन्होंने गोमतीनगर स्थित लवी अस्पताल में नौकरी करनी शुरू की। फिर उन्होंने एमबीए करने का फैसला किया। पुणे के डॉ. डीवाई पाटिल विद्यापीठ के दूरस्थ शिक्षा केंद्र से ऑनलाइन एमबीए में दाखिला ले लिया। वे नियमित रूप से ऑनलाइन कक्षाएं करते हुए अपने असाइनमेंट भी जमा करती हैं।
ऊषा रे मूल रूप से शिक्षक थीं। महिला कॉलेज से बीएससी की पढ़ाई करने के बाद उन्होंने लखनऊ विवि से वर्ष 1966 में जूलॉजी में एमएससी की उपाधि हासिल की। इसके बाद नगर निगम कश्मीरी मोहल्ला इंटर कॉलेज में पढ़ाने लगीं। 1972 तक पढ़ाने के बाद पति के साथ इंग्लैंड चली गईं। वापस आकर आगरा से पहले बीएड और बाद में एमएड की डिग्री हासिल की। बीएड में उन्होंने टॉप भी किया। इसके बाद बैंकाक के साथ ही विदेश में भी कई जगह पढ़ाने का काम किया। वर्ष 2010 में पति के निधन के बाद वे अकेले रहती हैं। एक बेटा है जो हैदराबाद में काम करता है। बेटी लखनऊ में अपनी ससुराल में है। बताया कि युवावस्था में ही उनको एमबीए करने का बड़ा शौक था। अब खाली समय मिलने पर वे इसकी पढ़ाई कर रहीं हैं। एमबीए के पहले दो सेमेस्टर में अपने 7.9 सीजीपीए हासिल किए हैं।
अभी 76 साल की उम्र में एमबीए करने का है विश्व रिकॉर्ड
सबसे ज्यादा उम्र में एमबीए करने का विश्व रिकॉर्ड डॉ. पीटर फंग के नाम है। डॉ. फंग ने कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय से एमबीए की उपाधि 76 साल की उम्र में हासिल की थी।
दो बार कैंसर को दे चुकी हैं मात
ऊषा रे को वर्ष 2005 और 2020 में कैंसर से भी जूझना पड़ा। हालांकि उनकी जीवटता के आगे कैंसर को भी हार माननी पड़ी। अब वे कैंसरमुक्त हो चुकी हैं।
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