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80 लाख रुपए की ये मशीन डॉक्टरों को बना रही है परफेक्ट!

Tue, 30 Dec 2014 05:24 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ Updated Tue, 30 Dec 2014 05:24 PM IST
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Urology students learn endoscopy by uro mentor.

संजय गांधी पीजीआई में यूरोलॉजी के छात्रों को इंडोस्कोपी के गुर ‘यूरो मेंटर’(ह्यूमन सिमुलेटर) पर सिखाए जा रहे हैं। ये सिमुलेटर चिकित्सा छात्रों को इंडोस्कोपी में गलती होने पर तुरंत आगाह कर देते हैं।

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इस सिमुलेटर का यूरोलॉजी विभाग दो साल से इस्तेमाल कर रहा है। लगभग 80 लाख रुपये के इस सिमुलेटर पर ही एमसीएच के छात्रों को शुरुआत में प्रशिक्षण दिया जाता है। पीजीआई ‘यूरो मीट-द किडनी’ में ये जानकारी प्रो. राकेश कपूर ने रविवार को दी।
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पीजीआई निदेशक और यूरोलॉजी विभाग के हेड प्रो. राकेश कपूर ने बताया कि यूरो मेंटर कोई भी प्रोसीजर करने में छात्रों की परिपक्वता को बढ़ाता है। इससे इलाज करते समय गलतियों की आशंका न के बराबर हो जाती है।
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उन्होंने बताया कि यूरोलॉजी की तरह दूसरे विभागों में भी जल्दी ही ह्यूमन सिमुलेटर पर सर्जरी के लिए प्रशिक्षण दिया जाएगा। पांच करोड़ रुपये के इस सिमुलेटर पर पीजीआई के साथ ही अन्य चिकित्सा संस्थानों को भी प्रशिक्षण दिया जाएगा।

मानव शरीर जैसा होता है ‘ह्यूमन सिमुलेटर’

Urology students learn endoscopy by uro mentor.

उन्होंने बताया कि ह्यूमन सिमुलेटर को खरीदने का ऑर्डर दिया जा चुका है। प्रो. राकेश कपूर ने बताया कि मल्टी परपज सिमुलेटर पर एनेस्थीसिया से लेकर गैस्ट्रो सर्जरी सहित सभी विभागों के छात्रों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। एसजीपीजीआई के अलावा अन्य चिकित्सा संस्थानों और मेडिकल कॉलेज के छात्र भी इस पर प्रशिक्षण ले सकेंगे। उनसे इसके लिए शुल्क लिया जाएगा।

ह्यूमन सिमुलेटर मानव शरीर की तरह होता है। इसमें धड़कता दिल, फेफड़े, नाड़ी चलने की आवाज, सांस लेते समय सीना फूलता और पिचकता भी है। पूरी तरह से कम्प्यूटराइज इस ह्यूमन सिमुलेटर में बीमारियों जैसी परिस्थितियां पैदा कर इलाज का तरीका भी सिखाया जा सकता है।

जैसे हार्ट अटैक पड़ने पर कार्डियो पल्मोनरी रिसेसिटेशन देना या फिर डिफ्रेबिलेटर से बिजली के झटके देना, फेफड़ों में ट्यूब डालना, नसों के रास्ते ड्रिप चढ़ाना भी इस सिमुलेटर में संभव है। इस तरह का सिमुलेटर प्रदेश में सिर्फ केजीएमयू के एनेस्थीसिया विभाग के पास है।

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