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यूपी में अब केंद्र सरकार की इस पॉलिसी से मिलेगी नौकरी, यूपीएसएसएससी कर रहा तैयारी
Fri, 21 Aug 2020 10:52 AM IST
ishwar ashish
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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Published by: ishwar ashish
Updated Fri, 21 Aug 2020 10:52 AM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : amar ujala
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उप्र अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (यूपीएसएसएससी) अराजपत्रित पदों पर भर्ती के लिए केंद्र सरकार की ‘एक एजेंसी-एक परीक्षा’ पहल को अपनाने की तैयारी कर रहा है। इससे प्रदेश में समूह ‘ग’ के पदों की भर्ती प्रक्रिया में तेजी आने की संभावना है। आयोग इसी महीने बैठक में इस पर विचार-विमर्श शुरू कर सकता है।
प्रदेश में अराजपत्रित पदों में समूह ग के समस्त पदों की भर्ती कार्रवाई अधीनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा की जाती है। समूह ग के क्लर्क व फील्ड स्तरीय ग्राम पंचायत अधिकारी, ग्राम विकास अधिकारी व लेखपाल जैसे पदों की भर्ती में बड़ी संख्या में अभ्यर्थी शामिल होते हैं। इनकी चयन प्रक्रिया में लंबा समय लगता है।
अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने इस प्रक्रिया को गति देने के लिए कुछ समय पहले शासन को प्रारंभिक व मुख्य परीक्षा का प्रस्ताव भेजा था। इस पर निर्णय लंबित है। अब केंद्र सरकार की नई भर्ती प्रणाली के एलान से यूपीएसएसएससी की मुश्किल आसान हो जाएगी। राज्य को लंबित प्रस्ताव पर अलग से बढ़ने की जरूरत नहीं होगी।
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प्रदेश में अराजपत्रित पदों में समूह ग के समस्त पदों की भर्ती कार्रवाई अधीनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा की जाती है। समूह ग के क्लर्क व फील्ड स्तरीय ग्राम पंचायत अधिकारी, ग्राम विकास अधिकारी व लेखपाल जैसे पदों की भर्ती में बड़ी संख्या में अभ्यर्थी शामिल होते हैं। इनकी चयन प्रक्रिया में लंबा समय लगता है।
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अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने इस प्रक्रिया को गति देने के लिए कुछ समय पहले शासन को प्रारंभिक व मुख्य परीक्षा का प्रस्ताव भेजा था। इस पर निर्णय लंबित है। अब केंद्र सरकार की नई भर्ती प्रणाली के एलान से यूपीएसएसएससी की मुश्किल आसान हो जाएगी। राज्य को लंबित प्रस्ताव पर अलग से बढ़ने की जरूरत नहीं होगी।
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एनआरए के जरिए भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ाने की पहल स्वागत योग्य
आयोग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि नियमों में प्रदेश के समूह ग के पदों पर भर्ती के इच्छुक अभ्यर्थियों को राष्ट्रीय भर्ती एजेंसी की समान पात्रता परीक्षा (सीईटी) में शामिल होने का प्रावधान करने की जरूरत होगी। इसके बाद आयोग को रिक्त पदों पर अंतिम चयन के लिए केवल मुख्य परीक्षा कराने की जरूरत रहेगी।
आयोग राष्ट्रीय भर्ती एजेंसी की परीक्षा में भाग लेने वाले अभ्यर्थियों को रिक्त पदों की संख्या के हिसाब से तय अनुपात में मुख्य परीक्षा में शामिल होने की अनुमति दे सकेगा। मुख्य परीक्षा से ही अभ्यर्थियों का चयन हो जाएगा। इससे आयोग भर्ती की कार्रवाई तेजी से आगे बढ़ा सकेगा। अभ्यर्थियों को यह भी आसानी होगी कि उन्हें प्रारंभिक परीक्षा अपने जिले में ही देना का मौका मिलेगा। साथ ही बताया कि समूह ख के अराजपत्रित पदों के बारे में राज्य लोक सेवा आयोग निर्णय करेगा।
एनआरए के जरिए भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ाने की पहल स्वागत योग्य है। आयोग भी इसी प्रक्रिया पर आगे बढ़ रहा था और शासन को प्रस्ताव भेजा था। केंद्र की पहल से भर्ती प्रक्रिया में तेजी आएगी और आयोग को बार-बार परीक्षा नहीं करानी पड़ेगी। -प्रवीर कुमार, चेयरमैन, यूपीएसएसएससी
आयोग राष्ट्रीय भर्ती एजेंसी की परीक्षा में भाग लेने वाले अभ्यर्थियों को रिक्त पदों की संख्या के हिसाब से तय अनुपात में मुख्य परीक्षा में शामिल होने की अनुमति दे सकेगा। मुख्य परीक्षा से ही अभ्यर्थियों का चयन हो जाएगा। इससे आयोग भर्ती की कार्रवाई तेजी से आगे बढ़ा सकेगा। अभ्यर्थियों को यह भी आसानी होगी कि उन्हें प्रारंभिक परीक्षा अपने जिले में ही देना का मौका मिलेगा। साथ ही बताया कि समूह ख के अराजपत्रित पदों के बारे में राज्य लोक सेवा आयोग निर्णय करेगा।
एनआरए के जरिए भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ाने की पहल स्वागत योग्य है। आयोग भी इसी प्रक्रिया पर आगे बढ़ रहा था और शासन को प्रस्ताव भेजा था। केंद्र की पहल से भर्ती प्रक्रिया में तेजी आएगी और आयोग को बार-बार परीक्षा नहीं करानी पड़ेगी। -प्रवीर कुमार, चेयरमैन, यूपीएसएसएससी