11 लाख अभ्यर्थियों को मिलेगी राहत, 6500 पदों के लिए परीक्षा करा सकता है अधीनस्थ सेवा चयन आयोग
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अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (यूपीएसएसएससी) पिछली सरकार में निकाले गए उन 6500 पदों के लिए लिखित परीक्षा कराने पर विचार कर रहा है जिनके लिए सिर्फ आवेदन ही लिए गए थे। इससे आवेदन करने वाले 11 लाख से अधिक अभ्यर्थियों को राहत मिल सकेगी।
सपा शासनकाल में आयोग ने विभिन्न विभागों के करीब 6500 पदों पर भर्ती के लिए 13 अलग-अलग विज्ञापन निकाले थे। इनके लिए आवेदन तो ले लिए गए लेकिन लिखित परीक्षा व इंटरव्यू नहीं हो पाए। नई सरकार आई तो उसने सतर्कता अधिष्ठान को आयोग के पिछले कार्यकाल की सभी भर्तियों की जांच का आदेश दे दिया।
सतर्कता अधिष्ठान ने पिछले दिनों चयन न होने की वजह से इन 6500 पदों को जांच से बाहर करते हुए प्रकरण को आगे की कार्यवाही के लिए आयोग को संदर्भित कर दिया था। आयोग को तय करना है कि इन विज्ञापनों से जुड़ी भर्ती प्रक्रिया रद्द कर नए सिरे से आवेदन मांगे जाएं या प्राप्त आवेदनों के आधार पर ही चयन कार्यवाही आगे बढ़ाए। इस संबंध में निर्णय में देरी से इन पदों के लिए आवेदन करने वाले 11 लाख से अधिक आवेदक ऊहापोह में हैं।
इस तरह की आ रही हैं दिक्कतें
आयोग के चेयरमैन सीबी पालीवाल ने बताया कि इन विज्ञापनों में कई तरह की विसंगतियां हैं। मसलन, अलग-अलग योग्यता के पदों के एक साथ विज्ञापन निकाले गए। अलग-अलग पे-स्केल वाले पदों को एक ही विज्ञापन में शामिल कर लिया गया। ऐसे में इस पर निर्णय में समय लग रहा है, लेकिन आयोग सिद्धांत रूप में आवेदन से आगे बढ़ने पर सहमत है।
पहले यह देखा जा रहा है कि किन-किन पदों के लिए एक साथ परीक्षा हो सकती है और किन-किन के लिए अलग-अलग करानी होगी। एक-एक के बारे में निर्णय लिया जाएगा। इसके बाद आवेदकों की लिखित परीक्षा कराई जाएगी।