यूपीएससी प्री परीक्षा: करंट अफेयर्स से जूझे तो सीसैट में उलझे परीक्षार्थी
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संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) द्वारा आयोजित सिविल सेवा-प्री की परीक्षा में करंट अफेयर्स के सवालों ने परीक्षार्थियों को काफी परेशान किया। सामान्य अध्ययन के पहले पेपर में 100 में से करीब 80 सवाल करंट अफेयर्स के ही पूछे गए।
सवाल भी घटनाओं के बजाय विभिन्न संगठनों से संबंधित थे। ऐसे में उन्हें हल करने में परीक्षार्थियों को काफी परेशानी हुई। रविवार को हुए सामान्य अध्ययन के पहले प्रश्न पत्र में हर बार से विपरीत हिस्ट्री, राजनीति शास्त्र और अर्थशास्त्र के सवाल काफी कम पूछे गए।
हालांकि, पिछले साल तक इन विषयों से काफी सवाल पूछे जाते रहे हैं। परीक्षा में दूसरा पेपर सिविल सर्विस एप्टीट्यूटड टेस्ट (सीसैट) का था। यह पेपर केवल क्वालीफाइंग था, इसलिए परीक्षार्थियों को ज्यादा समस्या नहीं हुई।
सिविल सेवा-प्री की परीक्षा में रविवार को दो पेपर हुए। पहला पेपर जनरल स्टडी का जबकि दूसरा पेपर सीसैट का था। जनरल स्टडी के पेपर में दो-दो नंबर के 100 सवाल पूछे गए, जबकि सीसैट के प्रश्न पत्र में ढाई-ढाई नंबर के 80 सवाल थे।
इस तरह पूछे गए परीक्षा में सवाल
पिछले साल से लागू हुई व्यवस्था के अनुसार मुख्य परीक्षा के लिए केवल पहले प्रश्न पत्र यानी जीएस के नंबर ही जोड़े जाने हैं। दूसरा पेपर केवल क्वालीफाइंग है। इस पेपर में परीक्षार्थियों को 33 प्रतिशत नंबर लाकर मुख्य परीक्षा के लिए केवल क्वालीफाई करना है।
सिविल सेवा विशेषज्ञ डॉ. पवन मिश्रा ने बताया कि हर साल सामान्य अध्ययन के पेपर में हिस्ट्री में 10 से 15 सवाल पूछे जाते थे। इस साल इस विषय केवल पांच सवाल ही पूछे गए। राजनीति शास्त्र से चार, पर्यावरण और जैव विविधता से आठ और अर्थशास्त्र से पांच सवाल पूछे गए।
41 फीसदी परीक्षार्थियों ने दी परीक्षा
आईएएस-प्री की परीक्षा के लिए राजधानी में 76 केंद्र बनाए गए थे। इन परीक्षा केंद्रों पर 37,464 परीक्षार्थी पंजीकृत थे। इनमें से पहली पाली में 15,478 और दूसरी पाली में 15,285 परीक्षार्थी उपस्थित रहे।
दोनों पालियों में कुल मिलाकर करीब 41 फीसदी परीक्षार्थी उपस्थित रहे। परीक्षा दो पालियों में सुबह साढ़े नौ बजे से साढ़े 11 और दोपहर ढाई बजे से साढ़े चार बजे तक हुई।
परीक्षार्थी बोले- लंबा था सीसैट का पेपर
परीक्षार्थियों ने सीसैट के पेपर को काफी लंबा बताया। पेपर में 30 से 35 सवाल मैथ्स और रीजनिंग के थे, जबकि बाकी पैराग्राफ पर आधारित थे। दोनों तरह के सवाल हल करने में परीक्षार्थियों को काफी समय देना पड़ा।
हालांकि, 33 नंबर मिलने पर पेपर क्वालीफाई होना है, इसलिए परीक्षार्थियों को ज्यादा परेशानी नहीं हुई। हां, मैथ्स और इंजीनियरिंग बैकग्राउंड के परीक्षार्थियों ने सीसैट के नंबर न जोड़े जाने पर निराशा जताई।