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सामान्य अध्ययन के बदले पैटर्न ने अभ्यर्थियों को चौंकाया
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सामान्य अध्ययन के बदले पैटर्न ने अभ्यर्थियों को चौंकाया
पिछली परीक्षाओं के मुकाबले इस बार पारंपरिक विषयों से नहीं पूछे गए प्रश्न
लखनऊ। संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सर्विसेज प्री परीक्षा में सामान्य अध्ययन के बदले पैटर्न ने सभी अभ्यर्थियों को चौका दिया। अभ्यर्थियों के अनुसार इस बार हर बार की तरह पारंपरिक विषयों से बहुत कम प्रश्न पूछे गए थे। इस बार के पेपर में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, भारतीय अर्थशास्त्र और कृषि क्षेत्र से ज्यादा प्रश्न पूछे गए। अभ्यर्थियों ने इसको एक बड़े बदलाव के रूप में देखा। हालांकि अभ्यर्थियों ने माना पेपर न ज्यादा आसान था और ना ज्यादा कठिन। पेपर मॉडरेट स्तर का बनाया गया था। परीक्षा में 50 फीसदी अभ्यर्थी ही शामिल हुए।
सिविल सेवा की प्रारंभिक परीक्षा में पहली पाली में सामान्य अध्ययन और दूसरी पाली में सी सैट की परीक्षा थी। सामान्य अध्ययन के पेपर पैटर्न में अभ्यर्थियों को बदलाव देखने को मिला। अभ्यर्थियों के अनुसार पिछले पेपरों के मुकाबले इस बार के सामान्य अध्ययन में पारंपरिक विषयों से प्रश्न बहुत कम पूछे गए थे, जबकि अभ्यर्थियों ने तैयारी उसी पैटर्न के हिसाब से की थी। प्राचीन भारत भूगोल आधुनिक भारत, कर्रेंट अफेयर्स आदि विषयों में से बहुत कम प्रश्न पूछे गए थे। कई अभ्यर्थियों ने यहां तक कहा कि इस बार प्रश्न एनसीईआरटी सिलेबस के बाहर से पूछे गए। अभ्यर्थियों के अनुसार जो पारंपरिक विषयों को आधार मानकर तैयारी कर रहे थे उनके लिए यह पेपर बहुत कठिन रहा होगा।
भारतीय अर्थव्यवस्था, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी और कृषि से ज्यादा प्रश्न पूछे
पहली पाली में सामान्य अध्ययन का पेपर था। इसमें 100 प्रश्न पूछे गए। प्रत्येक प्रश्न दो अंक का था। वहीं, गलत उत्तर देने पर निगेटिव मार्किंग थी। अभ्यर्थियों के अनुसार सामान्य अध्ययन में संतुलित प्रश्न पूछे गए थे। करेंट अफेयर्स के प्रश्न ना के बराबर थे, जिन्होंने विभिन्न विषयों का संतुलित अध्ययन किया होगा उनके लिए सामान्य अध्ययन का पेपर सबसे आसान रहा होगा। इसमें इकोलॉजी, कृषि, भारतीय अर्थव्यवस्था, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, भूगोल, आधुनिक भारत, प्राचीन भारत आदि विषयों से प्रश्न पूछे गए थे। भारतीय अर्थव्यवस्था और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी से सबसे ज्यादा प्रश्न पूछे गए थे। अभ्यर्थियों के अनुसार करीब 18-18 प्रश्न इन दोनों विषयों से पूछे गए थे। वहीं, इकोलॉजी से करीब 16 और कृषि क्षेत्र से 6 प्रश्न पूछे गए। कृषि बिल से संबंधित भी प्रश्न पूछे गए थे। वहीं, भारतीय राजनीति से भी 17 सवाल पूछे गए थे। अभ्यर्थियों की मानें तो लॉकडाउन के दौरान भारतीय अर्थव्यवस्था, कृषि क्षेत्र विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी और भारतीय राजनीति, जो सबसे चर्चित मुद्दों में से रहे उन्हीं से संबंधित सबसे ज्यादा सवाल पूछे गए। कृषि से संबंधित प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से करीब 18 से 20 सवाल पूछे गए।
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परीक्षा छूटने पर सोशल डिस्टेंसिंग गायब
पहली पाली सुबह 9:30 से 11:30 बजे तक और दूसरी पाली 2:30 से 4:30 तक संचालित की गई। परीक्षा शुरू होने से पहले प्रवेश के दौरान सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पालन किया गया। छात्रों की थर्मल स्क्रीनिंग हुई, हाथ सैनिटाइज कराया गया और पर्याप्त दूरी बनाकर उनको कक्षा के अंदर प्रवेश कराया गया, लेकिन परीक्षा छूटने के बाद कोई देखने वाला नहीं था। सोशल डिस्टेंसिंग का नियम धराशायी हो गया और अभ्यर्थी झुंड बनाकर परीक्षा केंद्र से बाहर निकले।
जिलाधिकारी ने किया निरीक्षण
परीक्षा के दौरान जिलाधिकारी अभिषेक प्रकाश ने सेंटेनियल इंटर कॉलेज गोलागंज, शिया इंटर कॉलेज और उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग अलीगंज परीक्षा केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने केंद्र व्यवस्थापकों और नोडल अधिकारियों को कोविड-19 प्रोटोकॉल के पालन के साथ नकल विहीन परीक्षा आयोजित किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने परीक्षा के सुचारु संचालन के संबंध में परीक्षा कक्ष, परीक्षा पर्यवेक्षकों की व्यवस्था, सीसीटीवी के माध्यम से हर कक्षा की मॉनीटरिंग को देखा। जिलाधिकारी ने बताया कि प्रत्येक परीक्षा कक्ष में उसकी क्षमता से कम परीक्षार्थी बैठाए गए थे ताकि सोशल डिस्टेंसिंग बनी रहे। उन्होंने सभी अभ्यर्थियों में कम से कम दो गज की दूरी बनाये रखने का निर्देश दिया। साथ ही अभ्यर्थियों से संवाद कर उनको मास्क लगाने और सैनिटाइजर का समय-समय पर उपयोग करने को कहा।
50 फीसदी अभ्यर्थियों ने छोड़ी परीक्षा
सिविल सेवा की प्रारंभिक परीक्षा जिले के 91 केंद्रों पर आयोजित की गई। कुल 43961 छात्र पंजीकृत थे। सुबह की पाली 9:30 बजे से 11:30 बजे तक में 21,790 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी। जबकि 22,131 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। कुल 49.61 फीसदी अभ्यर्थियों ने परीक्षा छोड़ दी। वहीं, दोपहर की पाली में 2:30 से 4:30 तक में 21,607 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी, जबकि 22,314 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। कुल 49.19 अभ्यर्थी उपस्थित रहे।
सामान्य अध्ययन के पेपर में बहुत बड़ा बदलाव देखने को मिला। पिछले वर्षों के मुकाबले इस बार पेपर काफी अलग था। भूगोल, इतिहास, कर्रेंट अफेयर्स जैसे विषय में से प्रश्न पूछे ही नहीं गए। काफी चौंकाने वाला पेपर था और बहुत कठिन भी लगे।
- विवेक शुक्ला, अभ्यर्थी
पेपर देखकर लगा कि इस बार एनसीईआरटी सिलेबस से प्रश्न नहीं नहीं पूछे गए। प्रश्न काफी घुमाकर पूछे गए थे। विभिन्न विषय जिन से प्रश्न पूछे जाते थे इस बार देखने को नहीं मिले। सीसेट की बात करें तो पेपर तो आसान था, लेकिन लंबा बहुत था।
- ईशान त्रिपाठी, अभ्यर्थी
सामान्य अध्ययन के पेपर में बहुत बड़ा बदलाव देखने को मिला। पिछले वर्षों के पेपर से जो अभ्यास किया था उससे तो इस बार पेपर बिल्कुल उलट आ गया। चौंकाने वाली बात यह है कि कर्रेंट अफेयर्स से प्रश्न ही नहीं पूछे गए।
- राहुल कुमार, अभ्यर्थी
पेपर न ज्यादा कठिन था और न ज्यादा आसान। बस सामान्य अध्ययन के पेपर पैटर्न में बदलाव देखने को मिला। जिन अभ्यर्थियों ने सभी विषयों को बराबर फोकस किया था उनके लिए पेपर बहुत आसान है और जो एक सेट पैटर्न लेकर तैयारी कर रहे थे उनके लिए कठिन था।
- अभय, अभ्यर्थी
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पिछली परीक्षाओं के मुकाबले इस बार पारंपरिक विषयों से नहीं पूछे गए प्रश्न
लखनऊ। संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सर्विसेज प्री परीक्षा में सामान्य अध्ययन के बदले पैटर्न ने सभी अभ्यर्थियों को चौका दिया। अभ्यर्थियों के अनुसार इस बार हर बार की तरह पारंपरिक विषयों से बहुत कम प्रश्न पूछे गए थे। इस बार के पेपर में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, भारतीय अर्थशास्त्र और कृषि क्षेत्र से ज्यादा प्रश्न पूछे गए। अभ्यर्थियों ने इसको एक बड़े बदलाव के रूप में देखा। हालांकि अभ्यर्थियों ने माना पेपर न ज्यादा आसान था और ना ज्यादा कठिन। पेपर मॉडरेट स्तर का बनाया गया था। परीक्षा में 50 फीसदी अभ्यर्थी ही शामिल हुए।
सिविल सेवा की प्रारंभिक परीक्षा में पहली पाली में सामान्य अध्ययन और दूसरी पाली में सी सैट की परीक्षा थी। सामान्य अध्ययन के पेपर पैटर्न में अभ्यर्थियों को बदलाव देखने को मिला। अभ्यर्थियों के अनुसार पिछले पेपरों के मुकाबले इस बार के सामान्य अध्ययन में पारंपरिक विषयों से प्रश्न बहुत कम पूछे गए थे, जबकि अभ्यर्थियों ने तैयारी उसी पैटर्न के हिसाब से की थी। प्राचीन भारत भूगोल आधुनिक भारत, कर्रेंट अफेयर्स आदि विषयों में से बहुत कम प्रश्न पूछे गए थे। कई अभ्यर्थियों ने यहां तक कहा कि इस बार प्रश्न एनसीईआरटी सिलेबस के बाहर से पूछे गए। अभ्यर्थियों के अनुसार जो पारंपरिक विषयों को आधार मानकर तैयारी कर रहे थे उनके लिए यह पेपर बहुत कठिन रहा होगा।
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भारतीय अर्थव्यवस्था, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी और कृषि से ज्यादा प्रश्न पूछे
पहली पाली में सामान्य अध्ययन का पेपर था। इसमें 100 प्रश्न पूछे गए। प्रत्येक प्रश्न दो अंक का था। वहीं, गलत उत्तर देने पर निगेटिव मार्किंग थी। अभ्यर्थियों के अनुसार सामान्य अध्ययन में संतुलित प्रश्न पूछे गए थे। करेंट अफेयर्स के प्रश्न ना के बराबर थे, जिन्होंने विभिन्न विषयों का संतुलित अध्ययन किया होगा उनके लिए सामान्य अध्ययन का पेपर सबसे आसान रहा होगा। इसमें इकोलॉजी, कृषि, भारतीय अर्थव्यवस्था, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, भूगोल, आधुनिक भारत, प्राचीन भारत आदि विषयों से प्रश्न पूछे गए थे। भारतीय अर्थव्यवस्था और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी से सबसे ज्यादा प्रश्न पूछे गए थे। अभ्यर्थियों के अनुसार करीब 18-18 प्रश्न इन दोनों विषयों से पूछे गए थे। वहीं, इकोलॉजी से करीब 16 और कृषि क्षेत्र से 6 प्रश्न पूछे गए। कृषि बिल से संबंधित भी प्रश्न पूछे गए थे। वहीं, भारतीय राजनीति से भी 17 सवाल पूछे गए थे। अभ्यर्थियों की मानें तो लॉकडाउन के दौरान भारतीय अर्थव्यवस्था, कृषि क्षेत्र विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी और भारतीय राजनीति, जो सबसे चर्चित मुद्दों में से रहे उन्हीं से संबंधित सबसे ज्यादा सवाल पूछे गए। कृषि से संबंधित प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से करीब 18 से 20 सवाल पूछे गए।
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परीक्षा छूटने पर सोशल डिस्टेंसिंग गायब
पहली पाली सुबह 9:30 से 11:30 बजे तक और दूसरी पाली 2:30 से 4:30 तक संचालित की गई। परीक्षा शुरू होने से पहले प्रवेश के दौरान सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पालन किया गया। छात्रों की थर्मल स्क्रीनिंग हुई, हाथ सैनिटाइज कराया गया और पर्याप्त दूरी बनाकर उनको कक्षा के अंदर प्रवेश कराया गया, लेकिन परीक्षा छूटने के बाद कोई देखने वाला नहीं था। सोशल डिस्टेंसिंग का नियम धराशायी हो गया और अभ्यर्थी झुंड बनाकर परीक्षा केंद्र से बाहर निकले।
जिलाधिकारी ने किया निरीक्षण
परीक्षा के दौरान जिलाधिकारी अभिषेक प्रकाश ने सेंटेनियल इंटर कॉलेज गोलागंज, शिया इंटर कॉलेज और उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग अलीगंज परीक्षा केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने केंद्र व्यवस्थापकों और नोडल अधिकारियों को कोविड-19 प्रोटोकॉल के पालन के साथ नकल विहीन परीक्षा आयोजित किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने परीक्षा के सुचारु संचालन के संबंध में परीक्षा कक्ष, परीक्षा पर्यवेक्षकों की व्यवस्था, सीसीटीवी के माध्यम से हर कक्षा की मॉनीटरिंग को देखा। जिलाधिकारी ने बताया कि प्रत्येक परीक्षा कक्ष में उसकी क्षमता से कम परीक्षार्थी बैठाए गए थे ताकि सोशल डिस्टेंसिंग बनी रहे। उन्होंने सभी अभ्यर्थियों में कम से कम दो गज की दूरी बनाये रखने का निर्देश दिया। साथ ही अभ्यर्थियों से संवाद कर उनको मास्क लगाने और सैनिटाइजर का समय-समय पर उपयोग करने को कहा।
50 फीसदी अभ्यर्थियों ने छोड़ी परीक्षा
सिविल सेवा की प्रारंभिक परीक्षा जिले के 91 केंद्रों पर आयोजित की गई। कुल 43961 छात्र पंजीकृत थे। सुबह की पाली 9:30 बजे से 11:30 बजे तक में 21,790 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी। जबकि 22,131 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। कुल 49.61 फीसदी अभ्यर्थियों ने परीक्षा छोड़ दी। वहीं, दोपहर की पाली में 2:30 से 4:30 तक में 21,607 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी, जबकि 22,314 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। कुल 49.19 अभ्यर्थी उपस्थित रहे।
सामान्य अध्ययन के पेपर में बहुत बड़ा बदलाव देखने को मिला। पिछले वर्षों के मुकाबले इस बार पेपर काफी अलग था। भूगोल, इतिहास, कर्रेंट अफेयर्स जैसे विषय में से प्रश्न पूछे ही नहीं गए। काफी चौंकाने वाला पेपर था और बहुत कठिन भी लगे।
- विवेक शुक्ला, अभ्यर्थी
पेपर देखकर लगा कि इस बार एनसीईआरटी सिलेबस से प्रश्न नहीं नहीं पूछे गए। प्रश्न काफी घुमाकर पूछे गए थे। विभिन्न विषय जिन से प्रश्न पूछे जाते थे इस बार देखने को नहीं मिले। सीसेट की बात करें तो पेपर तो आसान था, लेकिन लंबा बहुत था।
- ईशान त्रिपाठी, अभ्यर्थी
सामान्य अध्ययन के पेपर में बहुत बड़ा बदलाव देखने को मिला। पिछले वर्षों के पेपर से जो अभ्यास किया था उससे तो इस बार पेपर बिल्कुल उलट आ गया। चौंकाने वाली बात यह है कि कर्रेंट अफेयर्स से प्रश्न ही नहीं पूछे गए।
- राहुल कुमार, अभ्यर्थी
पेपर न ज्यादा कठिन था और न ज्यादा आसान। बस सामान्य अध्ययन के पेपर पैटर्न में बदलाव देखने को मिला। जिन अभ्यर्थियों ने सभी विषयों को बराबर फोकस किया था उनके लिए पेपर बहुत आसान है और जो एक सेट पैटर्न लेकर तैयारी कर रहे थे उनके लिए कठिन था।
- अभय, अभ्यर्थी