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एचआईवी के लिए युवाओं का ‘ऑनलाइन दोस्त’
अतुल भारद्वाज/ अमर उजाला, लखनऊ
Updated Fri, 03 Jan 2014 12:59 PM IST
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एचआईवी-एड्स के खतरे से निपटने के लिए युवाओं को ‘ऑनलाइन दोस्त’ देने की तैयारी यूपी स्टेट एड्स कंट्रोल सोसाइटी (यूपीसैक्स) ने कर ली है।
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इसके लिए वेबसाइट को ‘यूथ फ्रेंडली’ बनाया जा रहा है। जनवरी के अंत तक यह तोहफा युवाओं को मिल सकता है।
इससे युवाओं को जॉब के अवसर तलाशने में मदद तो होगी ही रिसर्च के काम में लगे छात्रों को भी जरूरी जानकारी आसानी से मिल सकेगी।
ट्रायल पर चल रही यूपीसैक्स की वेबसाइट को युवाओं की जरूरत को ध्यान में रखकर तैयार किया जा रहा है। यह एचआईवी के संक्रमण से जरूरी खतरे से तो सावधान करेगी ही।
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युवाओं को वेबसाइट तरफ आकर्षित करने के लिए नए तरीके आजमाए गए हैं। यहां जॉब के विकल्प युवाओं को खास सेक्शन में मिलेंगे।
इसमें यूपीसैक्स के अलग-अलग जिलों और लखनऊ में निकली नौकरी और आवेदन की प्रक्रिया की जानकारी भी होगी। पूरे प्रदेश के एआरटी सेंटर और जिलों में एचआईवी पॉजिटिव लोगों के बारे में जानकारी और संबंधित आंकड़े भी यहां उपलब्ध होंगे।
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यह आंकड़े रिसर्च करने वाले छात्र उपयोग कर सकते हैं। इसके अलावा ब्लॉग की मदद से विशेषज्ञों के अनुभव वेबसाइट पर मौजूद रहेंगे।
वेबसाइट को बेहतर बनाने में जुटे आईटी विशेषज्ञ विवेक द्विवेदी ने बताया कि वेबसाइट पूरी तरह युवाओं को ध्यान में रखकर तैयार की जा रही है।
युवाओं को प्रेरित करने के लिए यू-ट्यूब से लिंक कर जरूरी ऑडियो-वीडियो को वेबसाइट पर रखा गया है। इसमें पॉजिटिव होने के बाद भी आम जिंदगी जीने वाले लोगों की कहानी भी दिखाई गई है।
इसके अलावा आम लोगों को काउंसलिंग के लिए नजदीकी आईसीटीसी और दवा के लिए एआरटी सेंटर की जानकारी मिलेगी।
जागरूक करने को आएगा मैसेज
वेबसाइट से ही यूपी सैक्स ने लोगों को जागरूक करने के लिए खास एचआईवी अवेयरनेस सिस्टम आधारित मैसेज की सेवा शुरू की है।
इसमें संक्रमित मरीजों के साथ आम लोगों के नंबर जुटाकर मैसेज भेजने की शुरुआत की जाएगी। इसका ट्रायल लगातार किया जा रहा है। यह मैसेज लोगों को एचआईवी संक्रमण के साथ लोगों को मरीजों के साथ मित्रवत व्यवहार करने के लिए जागरूक करेंगे।