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बांग्लादेशियों के फर्जी पासपोर्ट बनाने वाले गिरोह का भंडाफोड़, देवबंद से दो सहित तीन गिरफ्तार

Wed, 03 Jan 2018 01:38 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Updated Wed, 03 Jan 2018 01:38 AM IST
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UPATS arrested three for making fake passports for bangla deshis.
वसीम अहमद व यूसुफ अली। - फोटो : amar ujala

यूपी एटीएस और सहारनपुर पुलिस ने संयुक्त ऑपरेशन कर बांग्लादेशियों के फर्जी दस्तावेज के सहारे पासपोर्ट बनवाने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस मामले में गाजियाबाद से एक बांग्लादेशी और देवबंद से दो अन्य लोगों को गिरफ्तार किया गया है। एटीएस के मुताबिक एसटीएफ और स्थानीय पुलिस के साथ देवबंद के मोहल्ला पठानपुरा और खानकाह में पुलिस चौकी के सामने स्थित एक कंप्यूटर सेंटर पर छापा मारा। यहां से पठानपुरा निवासी अहसान अहमद पुत्र निसार अहमद और मोहल्ला किला निवासी वसीम अहमद पुत्र बदरुज्जमां को गिरफ्तार किया गया।

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इनके पास से कंप्यूटर, लैपटॉप, स्कैनर, प्रिंटर व कुछ अधबने प्रमाणपत्र व अन्य कागजात बरामद किए गए। एटीएस को पता चला था कि जहीर खान नाम से एक पासपोर्ट बनवाया गया था। इसमें पता मकान नंबर 1500 मोहल्ला पठानपुरा देवबंद दिया गया था। जब जांच की गई तो इस नाम का कोई व्यक्ति यहां नहीं मिला। इसके साथ ही एसटीएफ ने गाजियाबाद के मुरादनगर से भी एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में पता चला कि उसका नाम यूसुफ अली उर्फ नजरुल पुत्र हजरत अली उर्फ कपचार अली है।
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वह बांग्लादेश के चारबरिया, थाना बरीसल का निवासी है और यहां मुरादनगर के कुर्सी गांव में अवैध रूप से रह रहा था। इसके पास से फर्जी पते पर बनवाए गए दो आधार कार्ड, पैन कार्ड ड्राइविंग लाइसेंस, वोटर कार्ड, मूल निवास का पहचान पत्र भरतीय पते पर बने पासपोर्ट की छायाप्रति, विभिन्न बैंकों की चेकबुक, पासबुक, एटीएम कार्ड, तीन मोबाइल, चार अन्य लोगों के पश्चिम बंगाल के पते के वोटर कार्ड, इनके ही आधार कार्ड, पासपोर्ट, ग्राम पंचायत का प्रमाण पत्र, ड्राइविंग लाइसेंस की कई छाया प्रतियां मिलीं हैं।
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यूसुफ के बैंक खातों में सऊदी अरब से कई बार एक लाख से अधिक के लेनदेन हुए हैं, जिसकी जांच की जा रही है। पूछताछ में इन सभी ने बताया कि वे फर्जी हलफनामे, फर्जी स्कूल प्रमाणपत्र के आधार पर पासपोर्ट के लिए जरूरी प्रमाणपत्र बनवा लेते थे। इसके लिए वे  विशेषकर बांग्लादेशियों से अच्छी खासी रकम लेते थे।

फर्जी पासपोर्ट से देवबंद में रहते रहे हैं आतंकी

UPATS arrested three for making fake passports for bangla deshis.
गिरफ्तार अहसान अहमद।

देवबंद में फर्जी पासपोर्ट के जरिए बांग्लादेशी आतंकी पहले भी रहते रहे हैं। अगस्त और सितंबर 2017 में एटीएस ने मुजफ्फरनगर, लखनऊ और दिल्ली से पांच बांग्लादेशी आतंकी पकड़े गए थे। यह फर्जी पासपोर्ट से देवबंद में ही रह रहे थे। एक बांग्लादेशी आतंकी फैजान अब भी फरार है।

एटीएस और एसटीएफ को संदेह है कि बांग्लादेशी आतंकियों को फर्जी पासपोर्ट एवं अन्य फर्जी कागजात मंगलवार को देवबंद से पकड़े गए लोगों ने ही उपलब्ध कराए थे। एटीएस के मुताबिक मुरादनगर में रह रहे यूसुफ नाम के बांग्लादेशी व्यक्ति ने भी देवबंद से फर्जी पासपोर्ट बनवा लिया था। एटीएस को इसमें बांग्लादेशी आतंकी कनेक्शन भी नजर आ रहा है।

बांग्लादेशी आतंकी संगठन अंसारुल्ला बांग्ला टीम से जुड़े आतंकी भी फर्जी पासपोर्ट से देवबंद में रह रहे थे।  एटीएस और एसटीएफ ने अगस्त और सितंबर में पकड़े पांच आतंकियों के पास से फर्जी पासपोर्ट बरामद किए थे वह देवबंद से ही बनाए गए थे।

ठेके पर बनवाए जाते हैं पासपोर्ट
देवबंद। देवबंद में तमाम खुफिया एजेंसियों की पैनी नजर के बावजूद यहां फर्जी पासपोर्ट का गोरखधंधा चलना हैरत में डालने वाला है। दरअसल यहां ठेके पर पासपोर्ट बनवाने का चलन तेजी के साथ बढ़ा है। पासपोर्ट कार्यालय से लेकर स्थानीय जांच कराने तक एजेंट इसका ठेका लेते हैं। जिस कारण पासपोर्ट बनवाने वाले आवेदक का भौतिक सत्यापन नहीं हो पाता। इसी का लाभ उठाकर संदिग्ध लोग भी आसानी से पासपोर्ट बनवा लेते हैं।

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