फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   UP: Woman becomes mother at 11, seeks job for deceased son as dependent; complaint sparks uproar

यूपी: 11 साल की उम्र में महिला बनी मां, मृतक आश्रित के लिए मांगी बेटे के लिए नौकरी; शिकायत के बाद मचा हड़कंप

Mon, 20 Jul 2026 08:56 AM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ Published by: रोहित मिश्र Updated Mon, 20 Jul 2026 08:56 AM IST
सार

Compassionate appointment in UP: मृतक आश्रित कोटे में भर्ती के प्रयास का यह मामला नगर निगम के जोन-एक का है। वर्ष 2024 में एक कर्मचारी की मौत हुई जिसके बाद उसका ग्रेच्युटी और फंड उसकी पत्नी का दावा करने वाली महिला ने लिया
 

विज्ञापन
UP: Woman becomes mother at 11, seeks job for deceased son as dependent; complaint sparks uproar
यूपी में अनुकंपा नियुक्ति का मामला। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

 नगर निगम के स्वास्थ्य विभाग में सफाई कर्मचारी के पद पर मृतक आश्रितों की नियुक्ति में फर्जीवाड़े के मामले तो पहले भी आते रहे हैं लेकिन अब एक ऐसा मामला आया है जो हैरान करने वाला है। इसमें आश्रित के तौर पर जिसे नौकरी दी गई वह अपनी मां से करीब 11 वर्ष ही छोटा है। यानी जब वह पैदा हुआ, उसकी मां की उम्र करीब 11 वर्ष ही थी। अब इतनी कम आयु में बेटे का जन्म सबको चौंका रहा है। एक गोपनीय शिकायत के बाद यह मामला सामने आया है।

विज्ञापन


मृतक आश्रित कोटे में भर्ती के प्रयास का यह मामला नगर निगम के जोन-एक का है। वर्ष 2024 में एक कर्मचारी की मौत हुई जिसके बाद उसका ग्रेच्युटी और फंड उसकी पत्नी का दावा करने वाली महिला ने लिया। इसके बाद उसने अपने बड़े बेटे को आश्रित के तौर पर नौकरी दिए जाने के लिए नगर निगम में पत्र दिया। प्रमाण के तौर पर अपना आधार लगाया जिसमें महिला की जन्म तिथि 4 मई 1991 दर्ज है। मां की अनापत्ति पर जिस बड़े बेटे को नौकरी देने के लिए फाइल अंतिम चरण में पहुंची है उसकी जन्म तिथि 24 जनवरी 2002 बताई गई। साक्ष्य के तौर पर बेटे ने अपना पैन कार्ड लगाया है। ऐसे में मां-बेटे की आयु में करीब 11 वर्ष का ही अंतर है। नियुक्ति प्रक्रिया के शुरुआती दौर में एक कर्मचारी ने इस सवाल को उठाते हुए फाइल पर आपत्ति भी दर्ज की मगर बड़े अधिकारी इसे नजरअंदाज करते हुए फाइल आगे बढ़ाते गए।
विज्ञापन


बड़ा सवाल... कैसे आगे बढ़ती गई फाइल
मृतक आश्रित की नियुक्ति के लिए नगर निगम में एक समिति है जो परीक्षण करने के बाद संस्तुति करती है। जरूरत पड़ने पर आश्रित परिवार को भी बुलाती है। इसके बाद भी इस तरह का घालमेल होना बड़ी बात है। जानकारों कहना है कि हो सकता है कि नौकरी के लिए सिर्फ खानापूर्ति वाले दस्तावेज ही लगाए गए हों। उन दस्तावेजों को समिति के समक्ष लाया ही नहीं गया, जिनसे नौकरी के अनुमोदन में बाधा आ सकती हो।
विज्ञापन
विज्ञापन


पहले भी आए हैं फर्जीवाड़े के मामले
000 दो वर्ष पहले नगर निगम में कोरोना काल में मृत दो कर्मचारियों की जगह फर्जीवाड़ा कर दूसरों का नौकरी दिए जाने के प्रयास का मामला पकड़ा गया था। हुआ यूं कि जब 23 महीने का बकाया वेतन जारी कराने के लिए बाल्दा बाबू ने फाइल तत्कालीन अपर नगर आयुक्त ललित कुमार को भेजी तो उनको शक हुआ। इतने लंबे समय तक कोई कर्मचारी बिना वेतन कैसे काम करता रहा और यदि काम रहा था तो उसे वेतन क्यों नहीं दिया गया, उन्होंने इसकी गोपनीय जांच कराई। पता चला कि जिन दो कर्मचारियों का वेतन जारी कराने के लिए फाइल आई है उनकी सेवा बिना सूचना गायब होने के कारण वर्ष 2020 में समाप्त हो चुकी है। यह भी पता चला था दोनों की कोरोना में मृत्यु भी हो चुकी है।

जानिए क्या है पूरा मामला
 नगर निगम के जोन-एक में आने वाले गणेशगंज वार्ड में तैनात सफाई कर्मचारी सुंदर लाल की मृत्यु 12 अप्रैल 2022 को हुई थी। एक महिला ने खुद को पत्नी बताते हुए मृतक आश्रित के तौर पर नियुक्ति और देयकों के भुगतान के लिए दावा किया। आवेदन में महिला ने बताया कि 30 जून 2020 को आर्य समाज मंदिर में उसका विवाह हुआ था। नगर निगम प्रशासन ने कर्मचारी की फाइल खोली तो पता चला कि वह अविवाहित था। महिला के विवाह प्रमाणपत्र की जांच आर्य प्रतिनिधि सभा से कराई गई तो पता चला कि सुरेंद्र नगर कमता स्थित आर्य समाज मंदिर से जारी था जो आर्य प्रतिनिधि सभा से संबद्ध नहीं है। प्रमाणपत्र अमान्य और फर्जी था।


अभी नहीं दिया गया नियुक्ति का आदेश
मामला जानकारी में आया है। अभी नियुक्ति आदेश जारी नहीं किया गया है। जांच की जा रही है। यदि गलत तरह से नियुक्ति पाने का प्रयास किया गया है तो जो भी जिम्मेदार होगा, उस पर कार्रवाई होगी। गलत या फर्जी दस्तावेज लगाने पर एफआईआर भी दर्ज कराई जाएगी।- गौरव कुमार, नगर आयुक्त

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed