फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   UP: Will the alliance of SP and Congress break in the by-elections, the reason for not coming together is also

यूपी: क्या उपचुनावों में टूट जाएगा सपा और कांग्रेस का गठबंधन? साथ न आ पाने की वजह भी आ रही है सामने

Thu, 26 Sep 2024 12:14 AM IST
रोहित मिश्र अजीत बिसारिया, अमर उजाला, लखनऊ
अजीत बिसारिया, अमर उजाला, लखनऊ Published by: रोहित मिश्र Updated Thu, 26 Sep 2024 12:14 AM IST
सार

By-elections in UP: यूपी की दस सीटों पर होने वाले विधानसभा के चुनावों में सपा और कांग्रेस साथ लड़ते हुए नहीं दिखेंगे। सूत्रों की माने तो उप चुनावों में यह गठबंधन खटाई में पड़ सकता है। 

विज्ञापन
UP: Will the alliance of SP and Congress break in the by-elections, the reason for not coming together is also
क्या यूपी में नहीं दिखेगी यह जोड़ी? - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

विधानसभा उपचुनाव में सपा और कांग्रेस का गठबंधन खटाई में पड़ता दिख रहा है। मध्य प्रदेश और हरियाणा में सीटें न मिलने से सपा भी यूपी में साझेदारी के लिए तैयार नहीं बताई जा रही है। वैसे भी सपा के कुछ रणनीतिकार मानते हैं कि विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के साथ साझेदारी के दूरगामी परिणाम उसके हित में नहीं होंगे।

विज्ञापन


यूपी में 10 विधानसभा सीटों करहल, सीसामऊ, मिल्कीपुर, कटेहरी, कुंदरकी, खैर, गाजियाबाद, फूलपुर, मझवां और मीरापुर में उपचुनाव होने हैं। कांग्रेस इनमें से पांच सीटों पर चुनाव लड़ने की इच्छुक है। इस बारे में कांग्रेस ने अपना प्रस्ताव भी सपा नेतृत्व के सामने रख दिया है।
विज्ञापन


सपा ने मांगी थीं दो सीटें 
सपा ने भी हरियाणा के विधानसभा चुनाव में इंडिया गठबंधन के तहत कांग्रेस से दो सीटें मांगी थीं। लेकिन, कांग्रेस की हरियाणा इकाई सपा को कोई भी सीट न देने पर अड़ गई। कांग्रेस हाईकमान से भी कई बार की वार्ता के बाद बात नहीं बनी। उससे पहले यही स्थिति मध्य प्रदेश के विधानसभा चुनाव में हो चुकी है।
विज्ञापन
विज्ञापन


सपा सूत्रों का कहना है कि जब अपने प्रभाव वाले राज्यों में कांग्रेस, सपा के साथ साझेदारी के लिए तैयार नहीं है, तो यूपी में भी कांग्रेस का कोई जनाधार नहीं है। पिछले विधानसभा चुनाव में उसे महज दो सीटें मिली थीं। अधिकतर सीटों पर उसकी करारी हार हुई थी। इसलिए सपा नेतृत्व ने चुनाव वाले सभी 10 जिलों के अपने पार्टी संगठन को तैयारी में जुट जाने के लिए कह दिया गया है।


न के बराबर है संभावना 
क्या सपा नेतृत्व बड़ा दिल दिखाते हुए यूपी में कांग्रेस को कुछेक सीटें देने के लिए ऐन वक्त पर तैयार तो नहीं हो जाएगा? यह पूछे जाने पर अखिलेश यादव के एक नजदीकी नेता बताते हैं कि इसकी संभावना न के बराबर है। वे नाम न छापने के अनुरोध के साथ बताते हैं कि यूपी में कांग्रेस और सपा अलग-अलग चुनाव लड़ें, यही सपा के ज्यादा हित में है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed