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UP: बीमार बच्चे को भर्ती न करने पर ट्रॉमा सेंटर के तीन चिकित्सक निलंबित, जांच कमेटी बनाई गई
Mon, 18 Aug 2025 08:01 PM IST
ishwar ashish
अमर उजाला नेटवर्क, अयोध्या
अमर उजाला नेटवर्क, अयोध्या
Published by: ishwar ashish
Updated Mon, 18 Aug 2025 08:01 PM IST
सार
मामले में तीन डॉक्टरो को निलंबित कर दिया गया है। वहीं, कमेटी का गठन करने के बाद 24 घंटे में रिपोर्ट मांगी गई है।
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- फोटो : अमर उजाल नेटवर्क
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विस्तार
मेडिकल कॉलेज पहुंचे बुखार पीड़ित बच्चे को भर्ती न करने के आरोप में ट्रामा सेंटर के तीन चिकित्सकों को एक सप्ताह के लिए निलंबित किया है। साथ ही मामले में तीन सदस्यीय जांच कमेटी बनाकर 24 घंटे में आख्या मांगी है।
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हैरिंग्टनगंज के मोहम्मद मुनीर अपने बेटे मो. आरिफ को तेज बुखार होने पर शनिवार की सुबह सीएचसी हैरिंग्टनगंज ले गए थे। वहां से चिकित्सकों ने मेडिकल कॉलेज दर्शननगर रेफर कर दिया। आरोप है कि वह अस्पताल पहुंचे तो बेड न होने का हवाला देते हुए भर्ती करने से इन्कार कर दिया गया। मजबूरी में उसे लेकर वह निजी अस्पताल ले गए, जहां बच्चे की मौत हो गई। मामला सुर्खियों में आने पर मेडिकल कॉलेज प्रशासन कटघरे में खड़ा हुआ तो कार्रवाई का चाबुक चलाया गया है।
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प्राचार्य डॉ. सत्यजीत वर्मा ने बताया कि प्रथमदृष्टया लापरवाही मिलने पर सीनियर रेजीडेंट डॉ. विनय पांडेय, जूनियर रेजीडेंट डॉ. विनय वर्मा और प्रशिक्षु चिकित्सक डॉ. उदय को एक सप्ताह के लिए निलंबित किया गया है। सीएमएस डॉ. अरविंद सिंह की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय जांच कमेटी बनी है, जिसमें चिकित्सा अधीक्षक डॉ. देवाजीत शर्मा व बेहोशी विभागाध्यक्ष डॉ. जेपी तिवारी शामिल हैं। 24 घंटे के भीतर जांच आख्या मांगी गई है। किसी भी मरीज को बिना उचित कारण के रेफर न करने के सख्त निर्देश दिए गए हैं।