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Admission Scam : आयुष दाखिलों में जिनकी थी निगरानी की जिम्मेदारी, उन्हीं के कॉलेजों में हुआ खेल
Tue, 08 Nov 2022 06:59 AM IST
दुष्यंत शर्मा
चंद्रभान यादव, लखनऊ
चंद्रभान यादव, लखनऊ
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Tue, 08 Nov 2022 06:59 AM IST
सार
UP : प्रदेश के 41 निजी और 13 सरकारी कॉलेज में हेराफेरी का मामला सामने आया है। मनमानी का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि शमसे गौसिया यूनानी मेडिकल कॉलेज, गाजीपुर की सभी 40 सीटें हेराफेरी से भरी गईर्ं, तो फतेहपुर के कॉलेज की 60 में 58 सीटों पर यह खेल हुआ।
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विस्तार
आयुष कॉलेजों के दाखिलों में हुई हेराफेरी में रोज नए खुलासे हो रहे हैं। पता चला है कि दाखिले के काउंसिलिंग कमेटी में शामिल सदस्यों के कॉलेजों में भी हेराफेरी की गई। प्रदेश के 41 निजी और 13 सरकारी कॉलेज में हेराफेरी का मामला सामने आया है। मनमानी का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि शमसे गौसिया यूनानी मेडिकल कॉलेज, गाजीपुर की सभी 40 सीटें हेराफेरी से भरी गईर्ं, तो फतेहपुर के कॉलेज की 60 में 58 सीटों पर यह खेल हुआ।
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गड़बड़ी वाले कॉलेजों में हलचल मची हुई है। विभागीय अफसर कार्यालय में ताला बंद कर गायब हैं। कॉलेज संचालक निदेशालय और शासन के चक्कर काट रहे हैं। गलत तरीके से दाखिला लेने वाले छात्रों के परिजन भी लखनऊ में डेरा डाले हैं और एसटीएफ व जांच कमेटी की गतिविधियों पर नजर लगाए हुए हैं।
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दरअसल प्रदेश के आयुर्वेदिक, होम्योपैथिक एवं यूनानी कॉलेजों में दाखिले के लिए काउंसिलिंग कमेटी बनी थी। कमेटी के अध्यक्ष शासन द्वारा नामित आयुष विभाग के विशेष सचिव सुखलाल भारती और सदस्य सचिव आयुर्वेद निदेशक प्रो. एसएन सिंह थे।
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अन्य सदस्यों में संयुक्त सचिव लक्ष्मण सिंह, राजकीय तकमील कॉलेज, लखनऊ के डॉ. बच्चू सिंह एवं डॉ. मजाहिर आलम, राजकीय नेशनल होम्योपैथिक कॉलेज के डॉ. एसएस पाल एवं डॉ. अशोक कुमार सिंह शामिल थे। इसी तरह निजी क्षेत्र के कॉलेजों के प्रतिनिधि के रूप में जामिया तिब्बिया यूनानी कॉलेज देवबंद, सहारनपुर, भारत आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज, मुजफ्फरनगर और वैक्सन होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज, नोएडा के प्रतिनिधि शामिल किए गए।
वहीं, विभागीय जांच में पता चला है कि जामिया तिब्बिया यूनानी कॉलेज देवबंद की 25 सीटें, भारत आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज की 18, वैक्सन होम्योपैथिक कॉलेज की दो, शम्मे गौसिया की 40 और गौसिया यूनानी की 58 सीटें हेराफेरी से भरी गई हैं।
आयुर्वेद से ज्यादा यूनानी में खेल
प्रदेश के 11 निजी यूनानी कॉलेजों की 363 सीटें हेराफेरी से भरी गईं। जबकि सरकरी क्षेत्र के दोनों कॉलेजों में चार संदिग्ध दाखिले मिले हैं। जबकि आयुर्वेद के निजी क्षेत्र के 28 कॉलेजों में 473 सीटें व आठ सरकारी कॉलेजों में 43 सीटों पर हेराफेरी हुई। इसी तरह होम्योपैथिक के एक निजी कॉलेज में दो और चार सरकारी कॉलेजों में छह सीटें हेराफेरी से भरी गई हैं।
बिना नीट वाले आयुर्वेद में ज्यादा
विभागीय सूत्रों की मानें तो बिना नीट प्रवेश पाने वाले 22 छात्रों में 14 आयुर्वेदिक कॉलेज, दो होम्योपैथिक और छह यूनानी के हैं। कॉलेज संचालकों का हाथ होने का अंदेशा आयुष विभाग के कॉलेजों में बड़े पैमाने पर हुए खेल के पीछे कॉलेज संचालकों और एजेंसी से जुड़े कर्मियों की भूमिका अहम बताई जा रही है। विभागीय अफसरों की साठगांठ से भी इनकार नहीं किया जा सकता है। क्योंकि अंतिम समय निजी क्षेत्र की ज्यादातर सीटें खाली रह जाती हैं। पहली और दूसरी काउंसिलिंग में सरकारी क्षेत्र की सीटें भरी गईं, जिसमें दो से नौ सीटों पर घालमेल सामने आया है, लेकिन अंतिम काउंसिलिंग में ज्यादातर निजी कॉलेजों की सीटें भरी गई हैं।