{"_id":"69fc4bbe392b368f2007160e","slug":"up-the-strong-foundation-of-a-new-india-governor-launches-census-2027-through-self-enumeration-here-is-what-2026-05-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"UP: नए भारत की मजबूत नींव, राज्यपाल ने स्व-गणना से की जनगणना 2027 की शुरूआत; कही ये बात","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
UP: नए भारत की मजबूत नींव, राज्यपाल ने स्व-गणना से की जनगणना 2027 की शुरूआत; कही ये बात
Thu, 07 May 2026 01:53 PM IST
Akash Dwivedi
डिजिटल डेस्क, लखनऊ
डिजिटल डेस्क, लखनऊ
Published by: Akash Dwivedi
Updated Thu, 07 May 2026 01:53 PM IST
सार
उत्तर प्रदेश में जनगणना 2027 की शुरुआत राज्यपाल ने स्व-गणना के साथ की। पहली बार पूरी प्रक्रिया डिजिटल माध्यम से होगी। नागरिक घर बैठे पोर्टल पर अपनी जानकारी दर्ज कर सकेंगे। जनगणना के आंकड़ों से सरकार को योजनाएं बनाने और समाज के हर वर्ग के विकास में मदद मिलेगी।
विज्ञापन
राज्यपाल आनंदी बेन।
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने जनभवन से जनगणना 2027 के अंतर्गत मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना तथा स्व-गणना प्रक्रिया का शुभारंभ किया। इस अवसर पर राज्यपाल ने डिजिटल माध्यम से अपनी जानकारी दर्ज कर स्व-गणना की शुरुआत की।
विज्ञापन
राज्यपाल ने स्व-गणना पोर्टल के शुभारंभ पर भारत सरकार और राज्य सरकार को बधाई दी। उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की कि जनगणना अधिकारियों द्वारा मांगी जाने वाली सभी जानकारी पूर्ण, सही और तथ्यात्मक रूप से उपलब्ध कराएं। इससे भविष्य में नागरिकों के हित में प्रभावी जनकल्याणकारी योजनाएं बनाने में मदद मिलेगी।
विज्ञापन
जनगणना के महत्व पर जोर आनंदीबेन पटेल ने जनगणना 2001 के अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि गुजरात में महिला साक्षरता और लिंगानुपात सुधारने के लिए जनगणना के आंकड़ों के आधार पर विशेष अभियान चलाए गए। “प्रवेश उत्सव” अभियान, महिला सम्मेलन, नुक्कड़ नाटक और भ्रूण हत्या रोकने के लिए कठोर कार्रवाई जैसे प्रयासों से सकारात्मक परिणाम मिले।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि जनगणना का प्रभाव किसान, युवा, महिला सहित समाज के हर वर्ग पर पड़ता है। सच्चा, सही और त्वरित डेटा मिलने से ही नए भारत और विकसित भारत की मजबूत नींव रखी जा सकेगी। पहली बार पूर्णतः डिजिटल जनगणना नगणना 2027 पहली बार पूरी तरह डिजिटल माध्यम से आयोजित की जा रही है। स्व-गणना की सुविधा आमजन की सुविधा के लिए शुरू की गई है। नागरिक 7 मई से 21 मई 2026 तक पोर्टल se.census.gov.in पर लॉगिन करके घर बैठे अपनी जानकारी दर्ज कर सकते हैं।
स्व-गणना पूर्ण होने पर परिवार को एक स्व-गणना आईडी मिलेगी, जिसे घर आने वाले प्रगणक के साथ साझा करना जरूरी होगा।प्रदेश में जनगणना 2027 का प्रथम चरण 22 मई से 20 जून 2026 तक चलेगा। इस दौरान प्रगणक घर-घर जाकर मोबाइल ऐप के माध्यम से 33 प्रश्नों के आधार पर जानकारी एकत्रित करेंगे।निदेशक जनगणना शीतल वर्मा ने स्व-गणना पोर्टल की विस्तृत जानकारी दी।
इस मौके पर राज्यपाल को स्मृति चिन्ह भी भेंट किया गया। राज्यपाल ने शिक्षकों की भागीदारी की सराहना करते हुए कहा कि यह राष्ट्र निर्माण का महत्वपूर्ण कार्य है। जनगणना के आंकड़े शासन को योजनाएं बनाने, संसाधनों के उचित उपयोग और समाज के समग्र विकास के लिए मजबूत आधार प्रदान करेंगे।