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यूपी: शासन को अभी तक नहीं मिला प्रशांत सिंह का इस्तीफा, बीमारी को लेकर भी हुआ नया खुलासा

Thu, 29 Jan 2026 08:01 AM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ Published by: रोहित मिश्र Updated Thu, 29 Jan 2026 08:01 AM IST
सार

Prashant Kumar resignation: अयोध्या में राज्य कर विभाग के डिप्टी कमिश्नर प्रशांत कुमार सिंह ने प्रधानमंत्री, गृहमंत्री व मुख्यमंत्री के समर्थन में इस्तीफे का एलान किया था, पर उनका इस्तीफा अभी तक शासन को नहीं मिला। 

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UP: The government has not yet received Prashant Singh's resignation, new revelations have also been made rega
उपायुक्त कर प्रशांत सिंह ने दिया था इस्तीफा। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क

विस्तार

 यूजीसी विनियम 2026 के खिलाफ और शंकाराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के समर्थन में बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री के इस्तीफे के बाद अयोध्या में राज्य कर विभाग के डिप्टी कमिश्नर प्रशांत कुमार सिंह ने प्रधानमंत्री, गृहमंत्री व मुख्यमंत्री के समर्थन में इस्तीफे का एलान कर दिया। सूत्रों के मुताबिक प्रशांत का इस्तीफा शासन और राज्य कर आयुक्त कार्यालय को नहीं मिला है। इस्तीफा मिलने पर फैसला लिया जाएगा।

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शासन ने प्रशांत कुमार सिंह की पूरी रिपोर्ट राज्य कर आयुक्त से तलब की है जिसमें उनके खिलाफ जांच समेत सभी बिंदु शामिल हैं। दरअसल, डिप्टी कमिश्नर के भाई डॉ. विश्वजीत सिंह ने आरोप लगाया है कि उन्होंने फर्जी दिव्यांग प्रमाणपत्र के सहारे नौकरी हासिल की है। उनके खिलाफ जांच चल रही है। अब नौकरी जाने, कार्रवाई होने और रिकवरी के डर से उन्होंने इस्तीफा दिया है।
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डॉ. विश्वजीत ने बताया कि उन्होंने 20 अगस्त 2021 को प्रशांत के दिव्यांग प्रमाणपत्र की जांच की मांग की थी। इसके बाद मंडलीय चिकित्सा परिषद ने उन्हें दो बार मेडिकल बोर्ड के सामने पेश होने के लिए बुलाया लेकिन वह उपस्थित नहीं हुए। डॉ. विश्वजीत ने सोशल मीडिया पर एक पत्र भी पोस्ट किया है जिसमें मुख्य चिकित्सा अधिकारी को प्रशांत कुमार सिंह के दिव्यांग प्रमाणपत्र की जांच कराने का निर्देश दिया गया था।

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दावा, 50 की उम्र से पहले नहीं होती बताई बीमारी

डाॅ. विश्वजीत के मुताबिक, प्रशांत ने आंख की जिस बीमारी को दिखाकर दिव्यांग प्रमाणपत्र बनवाया, वैसी बीमारी 50 की उम्र से पहले नहीं होती। इस मामले में मुख्यमंत्री कार्यालय से भी शिकायत की गई। मामले में डीजी हेल्थ को साल 2024 में पत्र भी लिखा गया लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। हालांकि, सूत्रों का कहना है कि प्रशांत के खिलाफ की गई पहली शिकायत गलत पाई गई थी।

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