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महामारी घोषित होगा डेंगू, लापरवाही में 40 अफसरों को नोटिस
टीम डिजिटल/अमर उजाला, लखनऊ
Updated Fri, 28 Oct 2016 10:33 AM IST
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डेंगू से लगातार हो रही मौतें और इसके इलाज में बरती जा रही लापरवाही पर हाईकोर्ट की फटकार के बाद चेती प्रदेश सरकार अब डेंगू को महामारी घोषित करेगी, जिससे इसके प्रकोप से प्रभावी तरह से निपटा जा सके।
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इसके लिए जल्द ही कैबिनेट की बैठक में प्रस्ताव लाया जाएगा। यह जानकारी बृहस्पतिवार को मुख्य सचिव राहुल भटनागर ने इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच को दी। इस मामले में दाखिल जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान पेश हुए मुख्य सचिव ने अदालत को बताया कि डेंगू की रोकथाम के लिए सरकार ने फूलप्रूफ एक्शन प्लान तैयार किया है।
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इसके तहत मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित कमेटी डेंगू के प्रभाव को खत्म करने और इसके पीड़ितों को बेहतर इलाज की सुविधा मुहैया करवाने के कार्यों की निगरानी व संचालन कराएगी। वहीं टेक्निकल कमेटी में शामिल विशेषज्ञ डेंगू के इलाज के लिए ट्रीटमेंट प्लान के साथ असरदार दवा व जांच-परीक्षण से जुड़े कार्यों को आसान व सुलभ बनाने के संबंध में सुझाव देंगे।
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सामने आई लापरवाही
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- फोटो : Demo Pic
डेंगू से निपटने के लिए केंद्र सरकार से मिली आर्थिक मदद का सही तरीके से इस्तेमाल न करने और शुरुआती दौर में इलाज में लापरवाही बरतने के लिए विभिन्न विभागों के 40 अधिकारियों को चिह्नित कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई का निर्णय लिया गया है। सभी दोषियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया जा रहा है।
करीब दो घंटे तक चली सुनवाई के बाद जस्टिस एपी साही और जस्टिस डीके उपाध्याय ने मुख्य सचिव को निर्देश दिया कि वह डेंगू से बचाव के संबंध में बताई गई योजनाओं का क्रियान्वयन सुनिश्चित कराकर 16 नवंबर को हलफनामे के साथ पूरी स्टेटस रिपोर्ट दें। इस दौरान प्रमुख सचिव स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा और सचिव नगर विकास को कोर्ट के समक्ष पेश होना होगा।
करीब दो घंटे तक चली सुनवाई के बाद जस्टिस एपी साही और जस्टिस डीके उपाध्याय ने मुख्य सचिव को निर्देश दिया कि वह डेंगू से बचाव के संबंध में बताई गई योजनाओं का क्रियान्वयन सुनिश्चित कराकर 16 नवंबर को हलफनामे के साथ पूरी स्टेटस रिपोर्ट दें। इस दौरान प्रमुख सचिव स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा और सचिव नगर विकास को कोर्ट के समक्ष पेश होना होगा।