यूपी सिडको ने बिना टेंडर दे दिया 19.69 करोड़ का ठेका, पूर्व अफसरों की भूमिका संदिग्ध
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यूपी स्टेट कंस्ट्रक्शन एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर डवलपमेंट कॉर्पोरेशन (यूपी सिडको) ने बिना उचित टेंडर प्रक्रिया अपनाए अस्पताल निर्माण के लिए एक फर्म को 19.69 करोड़ रुपये का ठेका दे दिया। सेंट्रल विजिलेंस कमीशन (सीवीसी) के नियमों को धता बताकर दिए गए इस ठेके में कई मौजूदा व पूर्व अफसरों-अभियंताओं की भूमिका संदिग्ध बताई जा रही है।
मामला मोतीलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज, प्रयागराज के एसआरएन चिकित्सालय में सुपर स्पेशियलिटी सरोजनी नायडू बाल चिकित्सालय से संबंधित है। 2017 में बाल चिकित्सालय के निर्माण का काम टेंडर के माध्यम से आरक्यूब इन्फ्राटेक प्रा. लि. व 3ए एंड ए कंस्ट्रक्शन कंपनी प्रा. लि. के जॉइंट वेंचर को दिया गया। कुछ समय बाद इन दोनों साझीदारों में मतभेद हो गया।
2018 तक काम प्रारंभ न हो पाने पर अफसरों व अभियंताओं ने जॉइंट वेंचर का कार्य आवंटन पत्र रद्द कर दिया। फिर बिना उचित प्रक्रिया अपनाए आरक्यूब इन्फ्राटेक को कार्य आवंटित कर दिया। प्रबंध निदेशक शिव प्रसाद आनंद का कहना है कि मामला मेरे कार्यकाल से पहले का है। फिलहाल कुछ बता पाने की स्थिति में नहीं हूं।
'जॉइंट वेंचर के किसी एक पार्टनर को मनमाने ढंग से काम नहीं दिया जा सकता'
निर्माण कार्य विशेषज्ञ एवं पीडब्ल्यूडी के पूर्व विभागाध्यक्ष वीके सिंह ने बताया कि गाइडलाइंस के अनुसार, किसी जॉइंट वेंचर का आवंटन रद्द किए जाने पर या तो दूसरे नंबर की सबसे कम रेट देने वाली फर्म को काम दिया जा सकता है या फिर नए सिरे से टेंडर का प्रावधान है। किसी भी हालत में जॉइंट वेंचर के किसी एक पार्टनर को मनमाने ढंग से काम नहीं दिया जा सकता।