यूपी: एक रात के लिए लखनऊ आई थी श्रद्धा, सरेंडर के बजाय एजेंसी को बयान देकर निकल गई; रात में कहां रुकी यह रहस्य
श्रद्धा की आखिरी लोकेशन आगरा के सदर इलाके में मिली है। उसकी तलाश में लखनऊ पुलिस की एक टीम आगरा भेजी गई है। इधर एक रात वह लखनऊ में भी रुकी।
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कारोबारी शिवा शर्मा की मौत के मामले में फरार मॉडल श्रद्धा को गिरफ्तार करने में नाकामी पर पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई जारी है। डीसीपी मध्य और इंस्पेक्टर हजरतगंज के बाद पुलिस आयुक्त तरुण गाबा ने रविवार देर रात एसीपी हजरतगंज रजनीश वर्मा को भी हटा दिया। उनकी जगह एसीपी कैसरबाग अभिषेक कुमार पांडेय को तैनात किया गया है। वहीं, डीसीपी ट्रैफिक अर्पित विजयवर्गीय को डीसीपी मध्य की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, श्रद्धा की आखिरी लोकेशन आगरा के सदर इलाके में मिली है। उसकी तलाश में लखनऊ पुलिस की एक टीम आगरा भेजी गई है। साथ ही लखनऊ से आगरा के बीच पड़ने वाले टोल प्लाजा के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। आगरा पुलिस से भी मदद मांगी गई है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, श्रद्धा शनिवार रात लखनऊ पहुंची थी। यहां उसने अदालत में सरेंडर करने के लिए अर्जी दाखिल करने की प्रक्रिया पूरी की। रविवार सुबह उसने एक न्यूज एजेंसी को बयान दिया और फिर शहर छोड़ दिया। उसके शहर से निकलने के बाद वीडियो बयान जारी हुआ।
पूरी रात कहां रही श्रद्धा, पुलिस कर रही जांच
पुलिस का मानना है कि श्रद्धा गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार ठिकाने बदल रही है। उसकी गतिविधियों की जानकारी पुलिस तक पहुंचने से पहले ही उसे भनक लग जाने की बात भी सामने आई है। हालांकि, शनिवार रात लखनऊ पहुंचने के बाद वह कहां ठहरी थी, इसकी जानकारी पुलिस को अब तक नहीं मिल सकी है। श्रद्धा, उसकी बहन रश्मि और चालक दानिश को गिरफ्तार न कर पाने के मामले में 17 अक्तूबर की रात इंस्पेक्टर हजरतगंज विक्रम सिंह को लाइन हाजिर किया गया था। इसके बाद 18 अक्तूबर की रात डीसीपी मध्य विक्रांत वीर को हटा दिया गया। देर रात एसीपी हजरतगंज रजनीश वर्मा पर भी कार्रवाई की गई।
अधिकारियों ने साधी चुप्पी, तलाश जारी होने का दोहराया जवाब
श्रद्धा, रश्मि और दानिश की तलाश को लेकर पुलिस अधिकारी कुछ भी कहने से बच रहे हैं। डीसीपी मध्य ने वही रटा-रटाया जवाब दोहराया कि आरोपियों को पकड़ने के लिए पुलिस की 10 टीमें लगाई गई हैं। सोमवार दोपहर पुलिस आयुक्त तरुण गाबा, जेसीपी एलओ बबलू कुमार और डीसीपी मध्य अर्पित विजयवर्गीय ने गोपनीय बैठक कर आरोपियों की गिरफ्तारी की रणनीति पर चर्चा की।
शिवा की मां ने फरार आरोपियों की गिरफ्तारी में देरी पर जताई नाराजगी
कारोबारी शिवा शर्मा की मौत के मामले में मॉडल श्रद्धा दुबे की तलाश में लखनऊ पुलिस की टीम सोमवार दोपहर रायबरेली स्थित उसके घर रामजीपुरम पहुंची। टीम ने श्रद्धा के पिता एसपी दुबे और सौतेली मां से बंद कमरे में करीब डेढ़ घंटे तक पूछताछ की।
पुलिस ने श्रद्धा के करीबियों और मददगारों के बारे में जानकारी जुटाने के साथ यह भी पूछा कि वह आखिरी बार घर कब आई थी और परिजनों की उससे आखिरी बार कब बात हुई थी। इसके बाद आसपास के लोगों से भी पूछताछ की गई। पुलिस ने मीडिया से दूरी बनाए रखी और कोई जानकारी नहीं दी।
शिवा की मां बोलीं- शातिर दिमाग है श्रद्धा, जल्द हो गिरफ्तारी
शिवा की मां और अलीगंज निवासी रंजना ने फरार आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की है। उनका कहना है कि उनका कहना है कि श्रद्धा काफी शातिर दिमाग है। पहले उन्हें लगा था कि वह नेपाल में है, जहां से उसे पकड़ना मुश्किल होगा। लेकिन रविवार को एक मीडिया संस्थान को दिए गए उसके इंटरव्यू के बाद सवाल उठता है कि जब मीडिया उस तक पहुंच सकती है तो पुलिस क्यों नहीं।
खुद को बचाने के लिए वीडियो जारी कर रही है श्रद्धा
रंजना का आरोप है कि श्रद्धा खुद को बचाने के लिए वीडियो जारी कर रही है। शिवा अपने दोनों मोबाइल में दिनभर की घटनाएं दर्ज करता था लेकिन उसके फोन अब तक नहीं मिले हैं। रंजना ने आरोप लगाया कि श्रद्धा उनके बेटे को ब्लैकमेल करती थी और साजिश के तहत उसकी हत्या कर दी।
15 दिन पहले ही हुई थी श्रद्धा से मुलाकात
रंजना के मुताबिक, शिवा की मौत से करीब 15 दिन पहले हजरतगंज स्थित हनुमान मंदिर में उनकी श्रद्धा से मुलाकात हुई थी। बेटे की दोस्त होने के नाते उन्होंने श्रद्धा से उसकी आईडी भी मांगी थी। शिवा पर कर्ज होने की बात पर उन्होंने कहा कि वह व्यवसायी हैं और उनके यहां लेनदेन होता रहता है।
दो घंटे तक बहकाने का आरोप
रंजना का दावा है कि शिवा की मौत के बाद श्रद्धा करीब दो घंटे तक उन्हें इधर-उधर की बातें करके बहकाती रही। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर श्रद्धा निर्दोष है तो वह भाग क्यों गई। रंजना के मुताबिक, श्रद्धा घायल शिवा को पहले एक निजी अस्पताल और फिर लोहिया अस्पताल ले जाने की बात कह रही थी। वह लोहिया अस्पताल पहुंचीं तो श्रद्धा वहां नहीं मिली। इसके बाद उन्हें ट्रॉमा सेंटर बुलाया गया लेकिन वहां पहुंचने तक आरोपी जा चुके थे।