यूपी: संजय सिंह ने एसआईटी रिपोर्ट का गायब पन्ना नंबर- 6 सार्वजनिक किया, अनिल-चंपत चोरी के मुख्य सूत्रधार
संजय सिंह ने राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े मामले में कथित तौर पर एसआईटी रिपोर्ट का गायब पन्ना सार्वजनिक किया। उन्होंने रिपोर्ट के आधार पर गंभीर अनियमितताओं के आरोप लगाए और 26 दस्तावेज एसआईटी को सौंपने की बात कही। निष्पक्ष जांच नहीं होने पर सुप्रीम कोर्ट जाने की चेतावनी भी दी।
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आम आदमी पार्टी के प्रदेश प्रभारी और राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने लखनऊ स्थित पार्टी मुख्यालय में प्रेसवार्ता की। राम मंदिर ट्रस्ट घोटाले में बड़े खुलासा का दावा किया। उन्होंने पूर्व में गठित एसआईटी की रिपोर्ट का वह पन्ना नंबर 6 सार्वजनिक किया, जिसे अब तक दबाया गया था।
संजय सिंह ने कहा कि जहां एक ओर 17 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट ने जांच में देरी पर नाराजगी जताते हुए SIT से 'स्टेटस रिपोर्ट' मांगी है, वहीं उसी दिन मीडिया में आरोपियों को 'क्लीन चिट' मिलने की खबरें प्लांट की गईं। उन्होंने इसे सुप्रीम कोर्ट की निगरानी का अपमान और दोषियों को बचाने की एक सोची-समझी साजिश करार दिया। सांसद ने वर्तमान एसआईटी अध्यक्ष किरन एस को पत्र लिखकर 26 अहम दस्तावेज सौंपने के लिए मिलने का समय मांगा है।
संजय सिंह ने प्रेसवार्ता में कहा कि विजय विश्वास पंत की अध्यक्षता वाली एसआईटी रिपोर्ट से पन्ना नंबर 6 गायब कर दिया गया था, जो अब मिल गया है। इस पन्ने में साफ लिखा है कि डॉ. अनिल मिश्रा ने बैंक के साथ तय नियमों को शिथिल किया, जिसके कारण मंदिर में चोरी और गबन की परिस्थितियां उत्पन्न हुईं।
रिपोर्ट के मुताबिक 40 दिन में 70 बार चोरी हुई और 81 लाख रुपये की बरामदगी हुई। जब रिपोर्ट सभी पदाधिकारियों को जिम्मेदार मानती है, तो चंपत राय और अनिल मिश्रा को क्लीन चिट कैसे दी जा सकती है?
अनिल मिश्रा निर्माण कार्यों में 40-40% कमीशन लेते थे
संजय सिंह ने कहा कि यह घोटाला सिर्फ जमीन तक सीमित नहीं है। चंदे और चढ़ावे की चोरी के साथ-साथ भगवान के आभूषणों का गबन हुआ है। उन्होंने इंजीनियर दीनानाथ वर्मा के हवाले से आरोप लगाया कि अनिल मिश्रा निर्माण कार्यों में 40-40% कमीशन लेते थे। सांसद ने सवाल उठाया कि जो लोग प्रभु श्री राम के मंदिर के नाम पर आए पैसे में भी भ्रष्टाचार कर रहे हैं, उनके खिलाफ योगी और मोदी सरकार सख्त कार्रवाई करने के बजाय उन्हें 'क्लीन चिट' का कवच क्यों दे रही है?
भ्रष्टाचार को दबने नहीं दूंगा
सांसद ने बताया कि उन्होंने वर्तमान एसआईटी अध्यक्ष किरन एस को ईमेल भेजकर मिलने का समय मांगा है। वे पूर्व में दिए गए 13 दस्तावेजों के अलावा 13 नए (कुल 26) दस्तावेज सौंपना चाहते हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि SIT ने इन पुख्ता सुबूतों के आधार पर निष्पक्ष जांच नहीं की, तो वे खुद सारे कागजात लेकर सुप्रीम कोर्ट जाएँगे। संजय सिंह ने कहा कि 2 करोड़ की जमीन को 5 मिनट में साढ़े 18 करोड़ में खरीदने के सौदे पर चंपत राय के हस्ताक्षर और अनिल मिश्रा की गवाही भ्रष्टाचार का सबसे बड़ा सुबूत है।
शिक्षा विरोधी है भाजपा, स्कूल बंद कर अंधभक्त बना रही
जौहर यूनिवर्सिटी पर कार्रवाई और स्कूलों की बदहाली पर तंज कसते हुए संजय सिंह ने कहा कि भाजपा का असली नारा "अनपढ़ रहेगा इंडिया, तभी तो अंधभक्त बनेगा इंडिया" है। प्रदेश में एक लाख से ज्यादा सरकारी स्कूल बंद कर दिए गए, कहीं बिजली नहीं है तो कहीं टॉयलेट नहीं। उन्होंने कहा कि जो सरकार बच्चों के लिए स्कूल नहीं चला सकती, वह सिर्फ शिक्षण संस्थानों को तोड़ने की राजनीति कर रही है। भाजपा का चरित्र हमेशा से देश और जनहित के विरोधी रहा है।
जिन्ना के साथ सरकार बनाने वालों का इतिहास काला है
वंदे मातरम और राष्ट्रवाद के मुद्दे पर भाजपा को आड़े हाथों लेते हुए संजय सिंह ने कहा कि आरएसएस और भाजपा के पुरखों ने आजादी के आंदोलन में अंग्रेजों का साथ दिया था। श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने 'भारत छोड़ो आंदोलन' को कुचलने के लिए अंग्रेजों को चिट्ठी लिखी थी और जिन्ना के साथ मिलकर सरकार बनाई थी। 52 साल तक तिरंगा न फहराने वाले और राष्ट्रगान को 'एंटरटेनमेंट' बताने वाले लोग आज हमें देशभक्ति का पाठ न पढ़ाएं।
संघ, भाजपा के आलीशान दफ्तरों में लगा चंदे का पैसा
संजय सिंह ने कहा कि प्रभु श्री राम के नाम पर 'मंदिर प्रकोष्ठ' बनाकर जो चंदा वसूला गया, उसी पैसे से आज पूरे देश में RSS और भाजपा के आलीशान दफ्तर चमक रहे हैं। उत्तर प्रदेश के सरकारी विभागों तक से वसूली की गई, लेकिन उस चंदे का कोई हिसाब नहीं है। मंदिर निर्माण का अनुमानित बजट अचानक तीन गुना बढ़ जाना साबित करता है कि इसके पीछे बड़ा भ्रष्टाचार छिपा है।