फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   UP: rescue teams saved 87 people's life.

UP: श्रावस्ती और कुशीनगर में बाढ़ में फंसे 87 लोगों की रेस्क्यू कर बचाई गई जान, राहत व बचाव कार्य जारी

Sun, 07 Jul 2024 05:32 PM IST
पंकज श्रीवास्‍तव अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ Published by: पंकज श्रीवास्‍तव Updated Sun, 07 Jul 2024 05:32 PM IST
सार

यूपी में बाढ़ प्रभावित इलाकों में रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया। श्रावस्ती में बाढ़ में फंसे 11 और कुशीनगर में 76 लोगों को रेस्क्यू किया गया। श्रावस्ती के 18 गांव के करीब 400 ग्रामीणों को बाढ़ काे देखते हुए सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया।

विज्ञापन
UP: rescue teams saved 87 people's life.
श्रावस्ती में भयावह हुई बाढ़ की स्थिति। - फोटो : amar ujala

विस्तार

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत कार्यों में तेजी लाने, पीड़ितों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के निर्देश के बाद अतिसंवेदनशील और संवेदनशील जिलों के अधिकारी हरकत में आ गये हैं। सीएम योगी के निर्देश के बाद अधिकारी अपने जिलों में बाढ़ की स्थितियों पर लगातार नजर बनाए रखे हैं। इसी क्रम में नेपाल में मूसलाधार बारिश के बाद अचानक पांच लाख क्यूसेक से अधिक पानी छोड़े जाने से श्रावस्ती और कुशीनगर में बाढ़ में फंसे 87 लोगों को रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर सुरक्षित निकाला गया है।

विज्ञापन


इस दौरान कुशीनगर में बाढ़ में फंसे 20 मवेशियों को भी बचाया गया। वहीं सीएम योगी ने नेपाल से छोड़े गये पानी से प्रभावित श्रावस्ती और कुशीनगर के जिलाधिकारियों को क्षतिग्रस्त फसल का 24 घंटे के अंदर सर्वे कर रिपोर्ट शासन को उपलब्ध कराने के निर्देश दिये हैं। इसके साथ ही सीएम योगी ने शासनस्तर के अधिकारियों को क्षतिग्रस्त फसल की सर्वे रिपोर्ट मिलते ही तत्काल मुआवजा देने का आदेश दिया है। हालांकि अभी इन जिलों में स्थिति सामान्य है, जबकि कुछ ही इलाकों में फसलों को नुकसान हुआ है।
विज्ञापन


रात आठ बजे मिली सूचना, सुबह 3 बजे 11 को सुरक्षित निकाला गया
राहत आयुक्त जीएस नवीन ने बताया कि शनिवार रात करीब आठ बजे राज्य स्तरीय इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर को श्रावस्ती के तहसील जमुनहा की ग्राम पंचायत गजोभरी के ग्राम मोहनपुर भरथा एवं केवटन पुरवा में नेपाल से अचानक छोड़े गये पानी में 11 लोगों के फंसे होने की सूचना मिली, जिसमें तीन बच्चे, पांच महिलाएं और 3 पुरुष शामिल थे। सूचना मिलते ही तत्काल श्रावस्ती जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी को जानकारी दी गयी। जिलाधिकारी अपनी टीम के साथ रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए मौके पर पहुंचे।
विज्ञापन
विज्ञापन


जिला प्रशासन एवं फ्लड पीएसी की टीमों ने ज्वॉइंट रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया और लगभग आठ घंटे की कड़ी मेहनत के बाद सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। इसके बाद सभी का चिकित्सकों की टीम द्वारा प्राथमिक उपचार भी कराया गया। साथ ही सभी पीड़ितों को राप्ती बैराज स्थित गेस्ट हाउस में पहुंचाया गया। देवीपाटन मंडल के आयुक्त शशि लाल भूषण सुशील ने बताया कि सभी पीड़ितों का प्राथमिक उपचार और खाना खिलाने के बाद उन्हे उनके गांव में सुरक्षित भेज दिया गया।

उन्होंने बताया कि रेस्क्यू के दौरान करिका (10) वर्ष, मिन्नी (12 वर्ष), रीता (25 वर्ष), शेरू (8 वर्ष), अर्चना (17 वर्ष), कमला देवी (40 वर्ष), शान्ति देवी (50 वर्ष), सकटराम (18 वर्ष), रेखा देवी (28 वर्ष), नन्दन (30 वर्ष) और राम उजागर (50 वर्ष) को सुरक्षित निकाला गया। वहीं रविवार को बाढ़ से प्रभावित 18 गांव के करीब चार सौ लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया है, जहां पर उन्हें खाने के साथ अन्य सुविधाएं उपलब्ध करायी जा रही हैं।

बाढ़ में कुशीनगर के नारायणपुर के एक टापू पर फंसे 76 लोगों को सुरक्षित निकाला गया 
राहत आयुक्त ने बताया कि शनिवार रात करीब आठ बजे राज्य स्तरीय इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर को नेपाल में मूसलाधार बारिश के बाद देवघाट बैराज से 5,71,850 क्यूसेक पानी छोड़े जाने की सूचना मिली। इस पर कुशीनगर जिलाधिकारी उमेश मिश्रा को बड़ी गंडक में बाल्मीकि नगर बैराज द्वारा 3 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने की संभावना पर तहसील खड्डा के गांवों के प्रभावित होने की तत्काल जानकारी दी गयी। इसके बाद कुशीनगर जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने अपनी टीम के साथ तहसील खड्डा के प्रभावित 13 गांवों का निरीक्षण किया। साथ ही गांववासियों से गांव को खाली करने की अपील की।

उन्होंने बताया कि निरीक्षण के दौरान तहसील खड्डा के नारायणपुर के एक टापू पर कुछ लोगों के साथ मवेशियों के फंसे होने की जानकारी मिली, जिसके बाद एनडीआरएफ और पीएसी की टीम ने रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। रेस्क्यू टीम ने घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद 76 लोगों को बचाकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचा। इस दौरान टीम ने 20 मवेशियों को भी सुरक्षित बचाया। वहीं बाढ़ प्रभावित ग्रामीणों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया गया है। यह पर उन्हे पौष्टिक और गरम खाने के साथ अन्य सुविधाएं उपलब्ध करायी जा रही है। इसके साथ ग्रामीणों के मवेशियों के लिए विशेष इंतजाम किये गये हैं। 

सीएम बोले, बाढ़ से हुई जनहानि-धनहानि का तत्काल दिया जाए मुआवजा 
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार सुबह तड़के नेपाल से छोड़े गये पानी से प्रभावित श्रावस्ती और कुशीनगर के जिलाधिकारियों से बातचीत कर स्थिति की जानकारी हासिल की। उन्होंने सीएम को बताया कि रेस्क्यू कर 87 लोगों के साथ 20 मवेशियों को भी बचाया गया है। इस पर सीएम योगी ने सभी जिलाधिकारियों को बाढ़ के पानी से क्षतिग्रस्त फसल का 24 घंटे के अंदर सर्वे कराकर शासन को रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिये। इसके अलावा उन्होंने शासनस्तर के अधिकारियों से बात कर क्षतिग्रस्त फसलों की रिपोर्ट मिलते ही तत्काल मुआवजा देने का आदेश दिया।


इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बाढ़ की स्थिति को देखते हुए प्रभावित जिलों के अधिकारी क्षेत्र का भ्रमण कर राहत कार्य पर नजर रखें और प्रभावित लोगों को मदद प्रदान करें। उन्होने आपदा से हुई जनहानि से प्रभावित परिवारों को अनुमन्य राहत राशि अविलंब प्रदान किए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि जिन लोगों के घरों को नुकसान पहुंचा अथवा पशु हानि हुई, ऐसे प्रभावितों को तत्काल अनुमन्य वित्तीय सहायता प्रदान की जाए।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed