फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   UP: Relief for employees, state employees can also get postings based on mutual consent; government order issu

यूपी: कर्मचारियों के लिए राहत, परस्पर सहमति के आधार पर भी तैनाती पा सकेंगे राज्यकर्मी; शासनादेश जारी

Tue, 05 May 2026 09:52 PM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ Published by: रोहित मिश्र Updated Tue, 05 May 2026 09:52 PM IST
सार

State employees in UP: यूपी में राज्य कर्मचारी परस्पर सहमति के आधार पर भी तैनाती पा सकेंगे। इस संबंध में कैबिनेट फैसले के बाद आदेश जारी हो गया है। 

विज्ञापन
UP: Relief for employees, state employees can also get postings based on mutual consent; government order issu
सरकार ने जारी की नई तबादला नीति। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

 प्रदेश सरकार ने बच्चों की देखभाल के लिए राज्य कर्मियों को म्यूचुअल यानी एक-दूसरे की सहमति से तबादले की सुविधा दी है। प्रमुख सचिव नियुक्ति एवं कार्मिक एम देवराज ने मंगलवार को नई तबादला नीति का शासनादेश जारी कर दिया। इसके आधार पर 31 मई तक तबादले किए जा सकेंगे।

विज्ञापन


शासनादेश में कहा गया है कि किसी अधिकारी या कर्मचारी के व्यक्तिगत कारणों जैसे चिकित्सा या बच्चों की शिक्षा, शासकीय सेवा के दौरान मृत माता-पिता के अवस्यक बच्चों के पालन पोषण, देखभाल आदि के लिए स्थान रिक्त होने पर एक-दूसरे कार्मिकों की सहमति से स्थानांतरण या समायोजन किया जा सकेगा। बशर्ते उस पर कोई प्रशासनिक आपत्ति न हो। पति-पत्नी दोनों सरकारी सेवा में होने पर उन्हें यथासंभव एक ही जिले, शहर या स्थान पर स्थानांतिरत किया जाएगा। मंदित बच्चों या पूरी तरह से निशक्त बच्चों के माता-पिता की तैनाती उनके अनुरोध के आधार पर किया जाएगा। स्थानांतरित कार्मिकों को तय अवधि में कार्यभार ग्रहण करना होगा, वरना स्वत: कार्यमुक्त मान लिया जाएगा।
विज्ञापन


चयन वर्ष की गणना जुलाई के बजाय जनवरी से
 प्रदेश सरकार ने भर्ती और पदोन्नति के लिए चयन वर्ष में बदलाव कर दिया है। चयन वर्ष की गिनती अब एक जनवरी से 12 माह तक यानी दिसंबर तक की जाएगी। अभी चयन वर्ष एक जुलाई से शुरू होता है। नया चयन वर्ष एक जनवरी 2027 से प्रभावी माना जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


प्रमुख सचिव नियुक्ति एवं कार्मिक एम. देवराज ने मंगलवार को उत्तर प्रदेश लोक सेवा (भर्ती का वर्ष परिभाषा का प्रतिस्थापना) नियमावली-2026 जारी की। पुरानी नियमावली 2026-27 एक जुलाई 2026 से 31 दिसंबर 2026 तक सीमित रहेगा। इस नियमावली के लागू होने से पूर्व यदि किसी पद के लिए चयन हो चुका है या चयन प्रक्रिया चल रही है, तो भर्ती इससे प्रभावित रहेगी। नियमावली लागू होने से पूर्व अगर किसी पद के चयन के लिए विज्ञापन किया जा चुका है तो भर्ती विज्ञापन के अनुसार की जाएगी।

पीसीएस-जे परीक्षा पास करने वाले हो सकेंगे एचजेएस

पीसीएस जे परीक्षा पास करने वाले भी अब एचजेएस (उच्चतर न्यायिक सेवा) भर्ती के लिए पात्र माने जाएंगे। इसके लिए नौकरी और वकालत करते हुए सात साल पूरे होने चाहिए। शासन ने इस संबंध में मंगलवार को अधिसूचना जारी कर दी है।

इसके लिए उत्तर प्रदेश उच्चतर न्यायिक सेवा (उन्नीसवां संशोधन) नियमावली-2026 जारी कर दी गई है। एचजेएस की भर्तियां अब इसके आधार पर होंगी। एचजेएस भर्ती में आवेदन के लिए सात साल की वकालत की अनिवार्यता थी, इसके चलते पीसीएस-जे वाले आवेदन नहीं कर पा रहे थे। इसीलिए नौकरी और वकालत मिलाकर सात साल होने पर आवेदन के लिए पात्र कर दिया गया है।

सरकारी वकील और अभियोजक को भी इसमें शामिल किया गया है। इसके लिए उसने सात वर्ष या उससे अधिक लगातार प्रैक्टिस आवेदन से पहले पूरी कर ली हो। पीसीएस-जे को भर्ती के समय अच्छे चरित्र का प्रमाणपत्र प्रस्तुत करना होगा। सेवारत न्यायिक अधिकारी और पूर्व न्यायिक अधिकारी को अपना आवेदन उच्च न्यायालय के महानिबंधक के माध्यम से प्रस्तुत करना होगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed