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विधायक अदिति सिंह ने बदला ट्विटर प्रोफाइल, कांग्रेस का शॉर्टफार्म आईएनसी शब्द हटाया
Wed, 27 May 2020 09:18 PM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, रायबरेली
अमर उजाला नेटवर्क, रायबरेली
Published by: शाहरुख खान
Updated Wed, 27 May 2020 09:18 PM IST
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विधायक अदिति सिंह का ट्वीटर प्रोफाइल
- फोटो : सोशल मीडिया
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उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिले की सदर विधान सभा सीट से विधायक अदिति सिंह ने अपना ट्वीटर प्रोफाइल बदल लिया है। उन्होंने अपनी अलग राह चुनते हुए अपने ट्वीटर प्रोफाइल से आईएनसी (INC) को हटा दिया है।
वहीं, जैसे ही विधायक अदिति सिंह ने प्रोफाइल बदली तो ट्वीटर ने ब्लू टिक भी हटा दिया है। आपको बता दें कि हाल ही में अदिति सिंह ने कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने यूपी में श्रमिकों के लिए 1000 बसें चलाने के लिए यूपी की योगी सरकार से अनुमति ली थी।
इसको लेकर जमकर सियासत हुई थी। विधायक अदिति सिंह ने पार्टी के खिलाफ ही बयान देकर सियासी गलियारों में हलचल मचा दी थी। विधायक अदिति सिंह ने ट्वीट करते हुए लिखा था कि कि आपदा के वक्त ऐसी निम्न सियासत की क्या जरूरत, एक हजार बसों की सूची भेजी, उसमें भी आधी से ज्यादा बसों का फर्जीवाड़ा, 297 कबाड़ बसें, 98 ऑटो रिक्शा व एबुंलेंस जैसी गाड़ियां, 68 वाहन बिना कागजात के, ये कैसा क्रूर मजाक है। अगर बसें थीं तो राजस्थान, पंजाब, महाराष्ट्र में क्यों नहीं लगाईं।
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अदिति सिंह ने अगले ट्वीट में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तारीफ की। उन्होंने लिखा- कोटा में जब यूपी के हजारों बच्चे फंसे थे तब कहां थीं ये तथाकथित बसें, तब कांग्रेस सरकार इन बच्चों को घर तक तो छोड़िए, बॉर्डर तक न छोड़ पाईं, तब सीएम योगी ने रातोंरात बसें लगाकर इन बच्चों को घर पहुंचाया, खुद राजस्थान के सीएम ने भी इसकी तारीफ की थी।
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वहीं, जैसे ही विधायक अदिति सिंह ने प्रोफाइल बदली तो ट्वीटर ने ब्लू टिक भी हटा दिया है। आपको बता दें कि हाल ही में अदिति सिंह ने कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने यूपी में श्रमिकों के लिए 1000 बसें चलाने के लिए यूपी की योगी सरकार से अनुमति ली थी।
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इसको लेकर जमकर सियासत हुई थी। विधायक अदिति सिंह ने पार्टी के खिलाफ ही बयान देकर सियासी गलियारों में हलचल मचा दी थी। विधायक अदिति सिंह ने ट्वीट करते हुए लिखा था कि कि आपदा के वक्त ऐसी निम्न सियासत की क्या जरूरत, एक हजार बसों की सूची भेजी, उसमें भी आधी से ज्यादा बसों का फर्जीवाड़ा, 297 कबाड़ बसें, 98 ऑटो रिक्शा व एबुंलेंस जैसी गाड़ियां, 68 वाहन बिना कागजात के, ये कैसा क्रूर मजाक है। अगर बसें थीं तो राजस्थान, पंजाब, महाराष्ट्र में क्यों नहीं लगाईं।
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आपदा के वक्त ऐसी निम्न सियासत की क्या जरूरत,एक हजार बसों की सूची भेजी, उसमें भी आधी से ज्यादा बसों का फर्जीवाड़ा, 297 कबाड़ बसें, 98 आटो रिक्शा व एबुंलेंस जैसी गाड़ियां, 68 वाहन बिना कागजात के, ये कैसा क्रूर मजाक है, अगर बसें थीं तो राजस्थान,पंजाब, महाराष्ट्र में क्यूं नहीं लगाई।
— Aditi Singh (@AditiSinghRBL) May 20, 2020
अदिति सिंह ने अगले ट्वीट में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तारीफ की। उन्होंने लिखा- कोटा में जब यूपी के हजारों बच्चे फंसे थे तब कहां थीं ये तथाकथित बसें, तब कांग्रेस सरकार इन बच्चों को घर तक तो छोड़िए, बॉर्डर तक न छोड़ पाईं, तब सीएम योगी ने रातोंरात बसें लगाकर इन बच्चों को घर पहुंचाया, खुद राजस्थान के सीएम ने भी इसकी तारीफ की थी।
इसके बाद कांग्रेस के रायबरेली जिलाध्यक्ष पंकज तिवारी का कहना है कि सदर विधायक अदिति सिंह को पहले ही पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निलंबित किया जा चुका है। हमारी पार्टी उन्हें कांग्रेस का विधायक ही नहीं मानती। उन्होंने पार्टी का कहना ना मानकर हमेशा पार्टी लाइन से हटकर काम किया, जो कि गलत है।
वहीं, कांग्रेस विधानमंडल दल की नेता आराधना मिश्रा ने यह स्पष्ट किया कि बस प्रकरण में किए गए ट्वीट के बाद अदिति सिंह को कोई नोटिस नहीं भेजा गया। उन्होंने बताया कि अदिति की विधानसभा सदस्यता खत्म करने के लिए कांग्रेस ने विधानसभा अध्यक्ष के पास नवंबर 2019 में पत्र भेजा था। इस बारे में दो बार रिमाइंडर भी भेजा जा चुका है पर फैसला नहीं हुआ।
वहीं, कांग्रेस विधानमंडल दल की नेता आराधना मिश्रा ने यह स्पष्ट किया कि बस प्रकरण में किए गए ट्वीट के बाद अदिति सिंह को कोई नोटिस नहीं भेजा गया। उन्होंने बताया कि अदिति की विधानसभा सदस्यता खत्म करने के लिए कांग्रेस ने विधानसभा अध्यक्ष के पास नवंबर 2019 में पत्र भेजा था। इस बारे में दो बार रिमाइंडर भी भेजा जा चुका है पर फैसला नहीं हुआ।