यूपी: त्योहारी सीजन में बढ़े दालों के दाम, अरहर के साथ चने के दामों में आई तेजी; जानिए चीनी को लेकर अपेडट
Inflation in UP: सरकार की सख्ती से त्योहारी सीजन में चीनी के दाम तो कम हुए हैं लेकिन अरहर दाल और चना के दाम बढ़ गए हैं।
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सरकार की सख्ती से त्योहारी सीजन में चीनी के दाम तो कम हुए हैं लेकिन अरहर दाल और चना के दाम बढ़ गए हैं। दो-तीन दिन में ही अच्छी गुणवत्ता की अरहर दाल के दाम 5 रुपये किलो तक बढ़ गए हैं जबकि चने के दाम हफ्ता भर पहले से ही बढ़े हुए हैं। फुटकर बाजार में चीनी चार रुपये तो थोक में आठ रुपये किलो तक सस्ती हुई है।
पांडेयगंज गल्ला मंडी के कारोबारी व व्यापारी नेता राजेंद्र प्रसाद अग्रवाल ने बताया कि दो से तीन दिन में अरहर की दाल में तेजी आई है। बताया कि मंडी में अच्छी गुणवत्ता की पुखराज अरहर दाल में तीन रुपये तक की तेजी आई है। अरहर दाल का थोक रेट जो पहले 116 रुपये किलो था वह अब 118.50 रुपये किलो हो गया है। महंगाई की वजह बताते हुए कहा कि धीरे धीरे फसलों का उत्पादन कम होता जा रहा है। मध्य प्रदेश, कर्नाटक और महाराष्ट्र से दाल आती है। जब बिक्री अच्छी होती है और माल की शॉर्टेज होती है, तो रेट बढ़ जाते हैं। इससे पहले हफ्ता भर पहले चने के भी दाम बढ़े थे।
मंडी में 66 रुपये किलो वाला चना 70 रुपये तो 69 रुपये किलो वाला चना 7400 रुपये में पहुंच गया है। वहीं किराना कारोबारी संतोष गुप्ता ने बताया कि फुटकर में जो अरहर दाल दाल 120 रुपये प्रति किलो थी वह 125 रुपये किलो तक हो गई है। वहीं, चना भी 80-85 रुपये किलो हो गया है।
फुटकर में चार तो थोक बाजार में 8 रुपये किलो सस्ती हुई चीनी
राजधानी के फुटकर बाजार में चीनी का रेट 64 रुपये से गिरकर 60 रुपये तक पहुंच गया है। वहीं, थोक बाजार में यह कीमत 62 रुपये से घटकर 54 से 56 रुपये किलो तक पहुंच गई है। एक हफ्ते के अंदर ही चीनी के दामों में यह गिरावट आई है। कारोबारी इसके पीछे स्टॉक लिमिट के पीछे सरकार की सख्ती बताते हैं। सूत्र बताते हैं कि सरकार ने 15 सितंबर से लेकर 30 नवंबर तक बड़े कारोबारियों के लिए स्टॉक लिमिट 4000 क्विंटल से 2000 क्विंटल कर दी है, जिससे बड़े कारोबारी घबराए हुए हैं। इसी वजह से बाजार में सस्ती दर पर चीनी निकाल रहे हैं। यही वजह है कि थोक मे तो तेजी से दाम गिर रहे हैं, लेकिन फुटकर में अभी बहुत दाम नहीं गिरे हैं।