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यूपी : शहरी क्षेत्रों के 11,568 लाभार्थियों के लिये बनेंगे पक्के मकान, सूडा के प्रस्ताव को हरी झंडी
Wed, 16 Dec 2020 12:59 AM IST
पंकज श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Wed, 16 Dec 2020 12:59 AM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Yes Bank
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शहरी क्षेत्रों में रहने वाले 11,568 लाभार्थियों को पक्के मकान दिए जाएंगे। मुख्य सचिव राजेंद्र कुमार तिवारी की अध्यक्षता में मंगलवार को प्रधानमंत्री आवास योजना (पीएमएवाई)-शहरी की राज्य स्तरीय स्वीकृति व निगरानी समिति की बैठक में सूडा के प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी गई है। अब इस प्रस्ताव को स्वीकृति के लिए केंद्र सरकार को भेजा जाएगा।
इसके अतिरिक्त 24 जिलों के 169 शहरी निकायों के हाउसिंग फॉर ऑल प्लान ऑफ ऐक्शन का भी अनुमोदन दिया गया। इसकी स्वीकृति भी केंद्र सरकार द्वारा दी जाएगी। इसके तहत 2,81,447 आवास बनाए जाएंगे। पीएमएवाई-शहरी के लाभार्थी आधारित व्यक्तिगत आवास निर्माण (बीएलसी) घटक के तहत केंद्र सरकार द्वारा 753 परियोजनाएं स्वीकृत की गई हैं। इन परियोजनाओं में 1,90,282.20 लाख रुपये की दूसरी किस्त देने के लिए थर्ड पार्टी क्वालिटी मॉनीटरिंग की रिपोर्ट पर हुई कार्रवाई को भी बैठक में मंजूरी दे दी गई।
बैठक में प्रमुख सचिव नगर विकास दीपक कुमार, सचिव नगर विकास विकास गोठलवाल, विशेष सचिव नगर विकास अवनीश शर्मा व सूडा के निदेशक उमेश प्रताप सिंह समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
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5,35,831 आवासों का निर्माण पूरा
बैठक में अधिकारियों ने जानकारी दी कि लाभार्थी आधारित व्यक्तिगत आवास की 4,118 परियोजनाओं में 14,70,874 आवास बनाने को मंजूरी मिली थी। इनमें से 5,35,831 आवास बन गए हैं जबकि 9,16,961 के निर्माण का कार्य चल रहा है। कुल 13491.76 करोड़ रुपये मिले थे, जिनमें से 13,485.70 करोड़ रुपये जारी किए जा चुके हैं। निजी क्षेत्रों में भागीदारी के माध्यम से 150 परियोजनाओं में 1,32,628 किफायती आवास स्वीकृत किए गए हैं।
शहरी बेघरों के लिए 148 शेल्टर होम बनाने को मंजूरी
लखनऊ। दीनदयाल अन्त्योदय राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन के तहत शहरी बेघरों के लिए 148 आश्रय स्थल बनाने की मंजूरी दे दी गई है। इसके अलावा इसी योजना के तहत 93 शेल्टर होम बनाने का काम पूरा हो चुका है। नगर विकास विभाग के प्रवक्ता के मुताबिक इस योजनान्तर्गत शहरी गरीब परिवारों को रोजगार एवं कौशल विकास प्रदान कर रोजगार दिलाया जा रहा है। शहरी बेघर लोगों को भी आवश्यक सेवाओं से युक्त बेहतर आश्रय देने के साथ ही शहरी पथ विक्रेताओं को उनके कार्य के लिए उपयुक्त स्थलों, संस्थागत ऋण, सामाजिक सुरक्षा और कौशल विकास के अवसर भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
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इसके अतिरिक्त 24 जिलों के 169 शहरी निकायों के हाउसिंग फॉर ऑल प्लान ऑफ ऐक्शन का भी अनुमोदन दिया गया। इसकी स्वीकृति भी केंद्र सरकार द्वारा दी जाएगी। इसके तहत 2,81,447 आवास बनाए जाएंगे। पीएमएवाई-शहरी के लाभार्थी आधारित व्यक्तिगत आवास निर्माण (बीएलसी) घटक के तहत केंद्र सरकार द्वारा 753 परियोजनाएं स्वीकृत की गई हैं। इन परियोजनाओं में 1,90,282.20 लाख रुपये की दूसरी किस्त देने के लिए थर्ड पार्टी क्वालिटी मॉनीटरिंग की रिपोर्ट पर हुई कार्रवाई को भी बैठक में मंजूरी दे दी गई।
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बैठक में प्रमुख सचिव नगर विकास दीपक कुमार, सचिव नगर विकास विकास गोठलवाल, विशेष सचिव नगर विकास अवनीश शर्मा व सूडा के निदेशक उमेश प्रताप सिंह समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
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5,35,831 आवासों का निर्माण पूरा
बैठक में अधिकारियों ने जानकारी दी कि लाभार्थी आधारित व्यक्तिगत आवास की 4,118 परियोजनाओं में 14,70,874 आवास बनाने को मंजूरी मिली थी। इनमें से 5,35,831 आवास बन गए हैं जबकि 9,16,961 के निर्माण का कार्य चल रहा है। कुल 13491.76 करोड़ रुपये मिले थे, जिनमें से 13,485.70 करोड़ रुपये जारी किए जा चुके हैं। निजी क्षेत्रों में भागीदारी के माध्यम से 150 परियोजनाओं में 1,32,628 किफायती आवास स्वीकृत किए गए हैं।
शहरी बेघरों के लिए 148 शेल्टर होम बनाने को मंजूरी
लखनऊ। दीनदयाल अन्त्योदय राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन के तहत शहरी बेघरों के लिए 148 आश्रय स्थल बनाने की मंजूरी दे दी गई है। इसके अलावा इसी योजना के तहत 93 शेल्टर होम बनाने का काम पूरा हो चुका है। नगर विकास विभाग के प्रवक्ता के मुताबिक इस योजनान्तर्गत शहरी गरीब परिवारों को रोजगार एवं कौशल विकास प्रदान कर रोजगार दिलाया जा रहा है। शहरी बेघर लोगों को भी आवश्यक सेवाओं से युक्त बेहतर आश्रय देने के साथ ही शहरी पथ विक्रेताओं को उनके कार्य के लिए उपयुक्त स्थलों, संस्थागत ऋण, सामाजिक सुरक्षा और कौशल विकास के अवसर भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं।