यूपी : काशी विश्वनाथ मंदिर में कैबिनेट की एक बैठक का प्रस्ताव, विधानमंडल का शीतकालीन सत्र 15 से
विभिन्न स्तर से फीडबैक आ रहा है कि 900 रुपये गैस की कीमत होने की वजह से इस मतदाता वर्ग को सिलेंडर भराने में ज्यादा ही मुश्किल हो रही है। इसे राहत देने के रास्ते पर भी विचार-विमर्श चल रहा है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
प्रदेश सरकार ने 15 दिसंबर से विधानमंडल का शीतकालीन सत्र आहूत करने का फैसला किया है। कैबिनेट बाई सर्कुलेशन इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है। इस सत्र में सरकार एक और अनुपूरक बजट ला सकती है। विधानसभा चुनाव से पहले सरकार चालू योजनाओं के लिए आवश्यक बजट की व्यवस्था व नाराज वर्गों को खुश करने के लिए कुछ नई योजनाओं का एलान कर सकती है। खासकर किसानों व गरीब परिवारों के प्रोत्साहन से जुड़े कुछ नए उपायों की घोषणा की संभावना है। इसके अलावा श्रम संहिता व पोंजी स्कीम से जुड़े कानूनों में संशोधन संबंधी विधायी कार्यवाही भी इसमें पूरी किए जाने की संभावना है। फिलहाल, विधानमंडल का शीतकालीन सत्र तीन दिनों का होने की संभावना है। हालांकि, इस पर अंतिम निर्णय विधानसभा अध्यक्ष की अध्यक्षता वाली विधानसभा की कार्यमंत्रणा समिति करेगी।
किसानों, कर्मचारियों व कोर वोटर की चिंता
सूत्रों का कहना है कि प्रदेश सरकार ने किसान सम्मान निधि पाने के बावजूद कई तरह की चुनौती का सामना कर रहे किसानों तथा उज्जवला योजना से रसोई गैस कनेक्शन पाने वाली महिलाओं की महंगाई से बढ़ रही मुश्किलों से संबंधित फीडबैक का संज्ञान लिया है। इसी तरह पुरानी पेंशन से कर्मचारियों की नाराजगी भी नोटिस में ली गई है। इन वर्गों को संतुष्ट करने के लिए कई स्तर पर विचार-विमर्श चल रहा है। बताया जा रहा है कि राज्य सरकार पीएम किसान सम्मान निधि के साथ अपने खजाने से भी धनराशि के आवंटन पर विचार कर रही है। हालांकि इसका स्वरूप क्या हो और खजाना किस स्तर तक इसकी इजाजत देता है, इस पर मंथन जारी है। अभी कोई फैसला नहीं हुआ है। इसी तरह मोदी सरकार ने गरीब महिलाओं को मुफ्त में रसोई गैस कनेक्शन दिया था, जिसका बड़ा सियासी लाभ बाद के चुनावों में मिला। गैस सिलेंडर पाने वाली महिलाओं को भाजपा अपना मजबूत वोटर मान रही है। लेकिन, विभिन्न स्तर से फीडबैक आ रहा है कि 900 रुपये गैस की कीमत होने की वजह से इस मतदाता वर्ग को सिलेंडर भराने में ज्यादा ही मुश्किल हो रही है। इसे राहत देने के रास्ते पर भी विचार-विमर्श चल रहा है। कर्मचारियों में नई पेंशन के विरोध को देखते हुए इसके जोखिम से जुड़े प्रावधानों पर ठोस आश्वासन देकर इसे स्वीकार्य बनाने के विभिन्न विकल्पों पर भी विचार चल रहा है। हालांकि, अभी प्रस्तावित फार्मूले को अंतिम रूप नहीं दिया जा सका है।
काशी विश्वनाथ मंदिर में कैबिनेट की एक बैठक का प्रस्ताव
प्रदेश सरकार कैबिनेट की एक बैठक काशी विश्वनाथ मंदिर में कराने पर विचार कर रही है। 13 दिसंबर को काशी विश्वनाथ मंदिर कॉरिडोर के लोकार्पण के साथ ही वहां एक महीने तक चलने वाले समारोहों की शुरुआत हो जाएगी। कॉरिडोर का लोकार्पण पीएम नरेंद्र मोदी करेंगे। इस मौके पर वहां कई बड़े कार्यक्रमों के आयोजन का प्रस्ताव है। योगी सरकार इस महत्वपूर्ण अवसर को खास बनाने के लिए वहां कैबिनेट बैठक कराने पर विचार कर रही है। यह बैठक 16 दिसंबर को प्रस्तावित है। हालांकि, 15 दिसंबर से ही विधानमंडल का सत्र आहूत होने की वजह से इस तिथि में बदलाव भी हो सकता है। अभी तिथि पर कोई निर्णय नहीं हुआ है। प्रस्तावित बैठक में सरकार कई कल्याणकारी व धार्मिक, सांस्कृतिक विषयों से संबंधित प्रस्तावों को मंजूरी देकर चुनाव से पहले बड़ा संदेश देने का प्रयास कर सकती है। इससे पहले सरकार कुंभ के दौरान प्रयागराज में कैबिनेट की बैठक कर चुकी है। उस बैठक में गंगा-एक्सप्रेस-वे का एलान किया गया था।
शिरडी साईं इलेक्ट्रिकल्स हैदराबाद तेलंगाना को लीज पर भूमि देने का रास्ता साफ
प्रदेश सरकार ने प्रयागराज में जीईटी एंड डी. इंडिया लि. नैनी प्रयागराज को लीज पर दी गई भूमि राज्य सरकार की ओर से शिरडी साईं इलेक्ट्रिकल्स हैदराबाद तेलंगाना हो हस्तांतरित करने की अड़चन दूर कर दी है। इससे संबंधित प्रस्ताव को कैबिनेट बाई सर्कुलेशन मंजूरी दे दी गई है। शासन ने हस्तांतरण डीड पर हस्ताक्षर के लिए जिलाधिकारी के स्थान पर शासन केराजस्व विभाग को अधिकृत कर दिया है। राजस्व विभाग के उप सचिव स्तर के अधिकारी डीड पर हस्ताक्षर कर सकेंगे। प्रदेश सरकार ने जीईटी एंड डी. इंडिया लि. नैनी को 99 वर्ष के लीज पर भूमि दी थी। जीईटी एंड डी. इंडिया लि. ने समान शर्तों पर इस भूमि को शिरडी साईं इलेक्ट्रिकल्स हैदराबाद तेलंगाना हो हस्तांतरित करने की आग्रह किया था। शासन ने इस प्रस्ताव पर सहमति के साथ फ्रेश लीज डीड पर हस्ताक्षर के लिए जिलाधिकारी प्रयागराज को अधिकृत किया था। मगर, जब डीड पर हस्ताक्षर की कार्यवाही आगे बढ़ी तो पता चला कि इस पर शासन का अधिकारी ही हस्ताक्षर कर सकता है। ऐसे में शासन ने जिलाधिकारी प्रयागराज के स्थान पर राजस्व विभाग को हस्ताक्षर के लिए अधिकृत कर दिया है। शासन ने एक शर्त भी लगाई है कि शिरडी साईं इलेक्ट्रिकल्स हैदराबाद तेलंगाना द्वारा श्रम कानूनों का पूर्णत: अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा।