{"_id":"60c0e43e8ebc3e396a2bbc72","slug":"up-preparation-to-send-instructions-to-regulatory-commission-not-to-increase-electricity-rates-also-considering-giving-relief-to-consumers","type":"story","status":"publish","title_hn":"यूपी : नियामक आयोग को बिजली दरें न बढ़ाने का निर्देश भेजने की तैयारी, उपभोक्ताओं को राहत देने पर भी विचार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
यूपी : नियामक आयोग को बिजली दरें न बढ़ाने का निर्देश भेजने की तैयारी, उपभोक्ताओं को राहत देने पर भी विचार
Wed, 09 Jun 2021 09:24 PM IST
पंकज श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Wed, 09 Jun 2021 09:24 PM IST
सार
कोरोना संकट और आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए घरेलू, किसानों व छोटे वाणिज्यिक उपभोक्ताओं को दरों में राहत देने पर भी मंथन चल रहा है।
विज्ञापन
बिजली का बिल
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
राज्य सरकार कोविड-19 महामारी का दंश झेल रहे प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए जल्द ही राज्य विद्युत नियामक आयोग को निर्देश भेजने की तैयारी कर रही है। सरकार की ओर से विद्युत अधिनियम-2003 की धारा 108 के तहत जल्द ही नियामक आयोग को निर्देश भेजा जाएगा कि वर्ष 2021-22 में बिजली दरों में किसी तरह का इजाफा न किया जाए। यही नहीं कोरोना संकट और आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए घरेलू, किसानों व छोटे वाणिज्यिक उपभोक्ताओं को दरों में राहत देने पर भी मंथन चल रहा है। विद्युत अधिनियम की धारा 108 के तहत राज्य सरकार को यह अधिकार है कि वह लोक महत्व के किसी विषय पर नियामक आयोग को निर्देश दे सकती है। नियामक आयोग के लिए इसे मानना बाध्यकारी है।
विज्ञापन
दरअसल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस साल बिजली दरें न बढ़ाने का एलान किया है। चूंकि मुख्यमंत्री ने यह एलान दरों पर जनसुनवाई पूरी होने के बाद किया है इसलिए धारा-108 के तहत सरकार के मत से आयोग को अवगत कराया जाना कानूनन जरूरी है। जब तक सरकार का मत प्राप्त नहीं हो जाता तब तक आयोग दरों को अंतिम रूप नहीं दे पाएगा। इस साल पावर कॉर्पोरेशन ने टैरिफ प्रस्ताव दाखिल नहीं किया है। अलबत्ता जनसुनवाई में राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद की तरफ कोविड राहत टैरिफ प्रस्ताव दाखिल किया गया है जिस पर आयोग ने पावर कॉर्पोरेशन से जवाब मांगा है।
विज्ञापन
भरोसेमंद सूत्रों का कहना है कि कॉर्पोरेशन उपभोक्ता परिषद के प्रस्ताव का विरोध करने के बजाय बीच का रास्ता तलाशने में जुटा है। कोरोना महामारी की सबसे ज्यादा मार मध्यम वर्ग, छोटे कारोबारियों व किसानों पर पड़ी है इसलिए इन श्रेणियों को राहत देने की गुंजाइश तलाशी जा रही है। सूत्रों का कहना है कि शासन की ओर से जल्द ही नियामक आयोग को विद्युत अधिनियम की धारा 108 के तहत निर्देश भेजकर सरकार के मत से अवगत कराया जाएगा। इसके बाद आयोग औपचारिक रूप से टैरिफ आर्डर जारी करेगा।
विज्ञापन