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यूपी: गरीब बच्चों का विदेश में पढ़ने का सपना होगा पूरा, दो निजी विवि को हरी झंडी; पढ़िए कैबिनेट के बड़े फैसले

Thu, 07 Aug 2025 10:13 PM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ Published by: रोहित मिश्र Updated Thu, 07 Aug 2025 10:13 PM IST
सार

UP Cabinet meeting: यूपी कैबिनेट की एक महत्वपूर्ण बैठक आज हुई। इस बैठक में 18 महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर कैबिनेट ने मुहर लगाई। बैठक में बाढ़ की समस्या पर भी चर्चा हुई। 

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UP: Poor children's dream of studying abroad will be fulfilled, green signal given to two private universities
योगी कैबिनेट के फैसले। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

प्रदेश के गरीब-मेधावी छात्रों का विदेश में पढ़ाई का सपना भी पूरा होगा। उच्च शिक्षा विभाग यूके के किसी भी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय में मास्टर डिग्री (पीजी) करने के लिए छात्रवृत्ति देगा। इसके लिए बृस्पतिवार को कैबिनेट ने भारत रत्न श्री अटल बिहारी बाजपेई- चिवनिंग उत्तर प्रदेश राज्य सरकार छात्रवृत्ति योजना को हरी झंडी दे दी है। इसे वर्तमान सत्र से ही लागू किया जाएगा।

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उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने बताया कि योजना के तहत हर साल पांच गरीब व प्रतिभावान छात्रों को एक विषय में मास्टर डिग्री की पढ़ाई के लिए छात्रवृत्ति दी जाएगी। यह योजना प्रदेश सरकार व द फॉरेन कॉमनवेल्थ एंड डेवलपमेंट ऑफिस (एफसीडीओ) के साथ किए गए एमओयू के तहत चलाई जाएगी। इसके तहत प्रति छात्र 23 लाख रुपये की सहायता राज्य सरकार देगी। बाकी का खर्च एफसीडीओ वहन करेगा।
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मंत्री ने बताया कि योजना में छात्र-छात्राओं के शिक्षण शुल्क के साथ, परीक्षा व शोध शुल्क, एक छात्र के रहने के लिए खर्च, एक बार आने-जाने का हवाई जहाज का किराया भी इस छात्रवृत्ति में शामिल होगा। उन्होंने बताया कि इस योजना का लाभ देने के लिए छात्रों से आवेदन लिए जाएंगे। उच्च शिक्षा विभाग और एफसीडीओ आवेदन पत्रों के आधार पर गरीब व मेधावी छात्रों का इसके लिए चयन करेगी।
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उन्होंने बताया कि यह योजना शैक्षिक सत्र 2025-26 से शुरू होगी और तीन शैक्षिक सत्रों 2028-29 तक चलेगी। 30 मार्च 2028 के बाद इसके संचालन के लिए एमओयू का नवीनीकरण किया जाएगा। मंत्री ने कहा कि यह योजना गरीब व मेधावी छात्रों के लिए उनका सपना पूरा करने वाली होगी। क्योंकि काफी मेधावी छात्र आर्थिक रूप से कमजोर होने की वजह से भी विदेश में पढ़ाई नहीं कर पाते हैं। अब उन्हें इसके लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा।

बाराबंकी व मथुरा में निजी विवि के संचालन को हरी झंडी

 प्रदेश में दो नए निजी विश्वविद्यालयों के संचालन व एक निजी विवि की स्थापना को कैबिनेट ने हरी झंडी दे दी है। इसमें बाराबंकी व मथुरा में विश्वविद्यालय में पढ़ाई की शुरुआत होगी। जबकि मुजफ्फरनगर में विश्वविद्यालय की स्थापना की जाएगी। उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने बताया कि कैबिनेट ने बोधिसत्व विश्वविद्यालय, बाराबंकी को संचालन प्राधिकार पत्र जारी करने पर सहमति दी है।

यह विश्वविद्यालय गदिया, नवाबगंज में 25.31 एकड़ भूमि पर बना है। इसी क्रम में केडी विश्वविद्यालय, मथुरा की स्थापना राजीव मेमोरियल एकेडेमिक वेलफेयर सोसाइटी द्वारा अकबरपुर, छाता में 50.54 एकड़ भूमि पर की गई है। इसके संचालन प्राधिकार-पत्र जारी करने को कैबिनेट ने हरी झंडी दी है।

इसी क्रम में वेदांता विश्वविद्यालय, मुजफ्फरनगर की स्थापना फतेह चंद चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा हुसैनपुर बोपाडा, खतौली में 23.3349 एकड़ भूमि पर की जाएगी। इसको विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए आशय-पत्र जारी किए जाने की कैबिनेट ने मंजूरी दी है। मंत्री ने बताया कि निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना से युवाओं को उनके ही जिले में उच्च शिक्षा का अवसर मिलेगा। प्रदेश सरकार हर जिले में एक विश्वविद्यालय की स्थापना के लक्ष्य पर काम कर रही है।

होर्डिंग व प्रचार-प्रसार के लिए अब 15 साल का दिया जाएगा ठेका

 प्रदेश सरकार ने शहरों में आकाश चिह्न और विज्ञापन लगाने का लाइसेंस देने की व्यवस्था में बदलाव कर दिया है। इन कार्यों का ठेका अब 15 साल के लिए दिया जाएगा। अब तक यह ठेका सिर्फ दो ही साल के लिए दिया जाता था। व्यवस्था बदलने के लिए सरकार ने उप्र नगर निगम अधिनियम 1959 की धारा 305 में संशोधित कर दिया है। इससे संबंधित प्रस्ताव को कैनिबेट ने मंजूरी दे दी है।

दरअसल नगर निकायों की आय का विज्ञापन बड़ा स्रोत होता है। लेकिन हर दो साल पर इसके लिए निविदा की प्रक्रिया अपनाने में कई तरह की व्यवहारिक दिक्कत आती है और आय भी प्रभावित होती है। इसलिए नगर विकास विभाग ने लंबे समय तक के लिए ठेका देने का प्रस्ताव तैयार किया था। विभाग का मानना है कि वर्तमान में शहरी आबादी बढ़ने के साथ ही नगर निकायों का सीमा विस्तार भी लगातार हो रहा है। ऐसे में नगर निकायों को और अधिक आय की जरूरत होगी और अपने सीमित वित्तीय संसाधनों को और मजबूत करना होगा।

नगर विकास विभाग के सुझाव पर ही सरकार ने नगर निकायों में दो साल के बजाए अब 15 सात तक की अविधि के लिए विज्ञापन के ठेका देने की व्यवस्था की है। ताकि निकायों को बार-बार निविदा मांगने के झंझट से मुक्ति मिले और उनकी आय निर्वाध रूप से होती रहे। सरकार का मानना है कि इस व्यवस्था से जहां निकायों के प्रशासनिक क्षमता में वृद्धि होगी। वहीं, नगर निगमों को लंबी अवधि के लिए राजस्व मिलने का रास्ता साफ होगा। साथ ही तकनीकी नवाचारों के प्रयोग और गुणवत्ता सुनिश्चित कराने के लिए दीर्घ अवधि के निवेश को प्रोत्साहित किया जा सकेगा।

अधिनियम में संशोधन से नगर निगमों में विज्ञापन के लिए एजेंसियों के चयन में प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी। कैबिनेट से मंजूरी के बाद जल्द ही उत्तर प्रदेश नगर निगम (संशोधन) अध्यादेश-2025 को जारी किया जाएगा।

केजीएमयू कार्यपरिषद में ओबीसी और एससी के होंगे एक-एक सदस्य

किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय की कार्यपरिषद में अब पिछड़ा वर्ग और अनुसूचित जाति अथवा जनजाति वर्ग का एक-एक प्रतिनिधि रखा जाएगा। इसके लिए विश्वविद्यालय के अधिनियम 2002 में संशोधन करते हुए धारा-24(1) (ए) शामिल की जाएगी। बदलाव संबंधी विधेयक को राज्य विधान मंडल के आगामी सत्र में रखने संबंधी प्रस्ताव को बुधवार को कैबिनेट में मंजूरी दे दी गई है। केजीएमयू की कार्य परिषद में पिछड़े वर्ग और अनुसूचित जाति, जनजाति का प्रतिनिधि रखने की लंबे समय से मांग की जा रही है। इसे लेकर संकाय सदस्यों (फैकल्टी) ने कई बार ज्ञापन भी दिया था। कार्य परिषद में अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति एवं अन्य पिछड़ा वर्गों का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने के लिए केजीएमयू अधिनियम-2002 में संशोधन करते हुए धारा-24 (1) (ए) भी शामिल किया जाएगा। इसके लिए विश्वविद्यालय की कार्यपरिषद की 28 जनवरी को हुई बैठक प्रस्ताव पारित किया जा चुका है। इसके तहत कार्यपरिषद में ओबीसी, एससी वर्ग के विश्वविद्यालय के वरिष्ठतम प्रोफेसर को सदस्य नामित किया जाएगा। यह सदस्य राज्य सरकार द्वारा कुलपति से परामर्श करके रखा जाएगा।


 

विधानसभा में पेश होगी सीएजी रिपोर्ट

आगामी 11 अगस्त से शुरू हो रहे विधानसभा के मानसून सत्र में ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण (ग्रेनो) में भूमि अर्जन एवं परिसंपत्तियों के आवंटन की भारत के नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया जाएगा। हालांकि इससे पहले राज्यपाल की अनुमति ली जाएगी। इसके अलावा छठे राज्य वित्त आयोग (पंचायती राज और स्थानीय निकाय) की अंतरिम रिपोर्ट व राज्य सरकार की कार्यवाही ज्ञापन को भी सदन में पेश किया जाएगा। कैबिनेट ने इसकी मंजूरी प्रदान कर दी है।

महिला वाहिनियों के लिए खरीदे जाएंगे वाहन
कैबिनेट ने बदायूं स्थित पीएसी की वीरांगना अवंतीबाई महिला वाहिनी के लिए 82 वाहनों को खरीदने के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान कर दी है। बता दें कि राज्य सरकार बदायूं, लखनऊ और गोरखपुर में महिला वाहिनियों का गठन कर रही है।

शहरों 60 लाख झंडा फहराने पर खर्च होंगे 12 करोड़

स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर हर घर तिरंगा अभियान में शहरी क्षेत्रों में 12 करोड़ रुपये खर्च किया जाएगा। इस धनराशि से 60 लाख झंडा खरीदा जाएगा। नगर विकास विभाग के इससे संबधित प्रस्ताव को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है। नगर विकास विभाग यह पैसा राज्य वित्त आयोग से देगा। हर घर तिरंगा कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य प्रत्येक नागरिकों के मन में राष्ट्र प्रेम की भावना और स्वतंत्रता के प्रतीकों के प्रति सम्मान का भाव उजागर करना है। राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन के अंतर्गत गठित स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी निर्बल वर्ग की लगभग 29000 महिलाओं को झंडा निर्माण से रोजगार मिलेगा। इससे वे वित्तीय रूप से स्वावलंबी होंगी। इसके लिए जिला स्तर पर कार्ययोजना बनाए जाने, प्रत्येक जिले के लिए लक्ष्यों का निर्धारण, झांडों का निर्माण और उनकी उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। हर घर तिरंगा अभियान के दौरान व्यापक स्वच्छता अभियान भी चलाया जाएगा। स्वतंत्रता संग्राम से जुड़े सभी ऐतिहासिक स्थलों, शहीद स्मारकों और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर सफाई कराई जाएगी।

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