शोहदों पर लगाम के लिए शिक्षण संस्थाओं व कोचिंग सेंटर्स के बाहर रहेगी पुलिस की नजर
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उत्तर प्रदेश के शहरी क्षेत्रों में शोहदों पर लगाम लगाने के लिए कोचिंग संस्थानों, स्कूलों और कॉलेजों के बाहर क्लास शुरू होने और समाप्त होने के समय पुलिस की नजर रहेगी। डीजीपी ने पुलिस अफसरों को निर्देश दिए हैं कि ऐसे शिक्षण संस्थानों को चिह्नित किया जाए जहां छात्राओं को अधिक परेशानी महसूस होती है और उनके साथ छेड़छाड़ की संभावना अधिक होती है।
इन स्थानों के आसपास अनावश्यक रूप से खड़े लड़कों, शोहदों से पूछताछ की जाएगी। शोहदों के खिलाफ कार्रवाई के लिए गठित एंटी रोमियो स्क्वायड को भी शामिल किया जाएगा।
महिलाओं के प्रति होने वाले अपराधों की रोकथाम के लिए डीजीपी ओमप्रकाश सिंह ने यह नई पहल की है। डीजीपी की ओर से जिलों के पुलिस कप्तानों को जारी निर्देश में कहा गया है कि स्कूलों-कॉलेजों के प्रबंधन से बात करके कैंपस के अंदर और बाहर सीसीटीवी कैमरे लगवाए जाएं। ग्रामीण क्षेत्रों में जहां आबादी क्षेत्र से दूर स्कूल-कॉलेज हों, वहां भी इस तरह के कदम उठाए जाएं। यूपी 100 की गाड़ियां भी ऐसी लोकेशन में जरूर उपलब्ध हों।
डीजीपी ने कम भीड़-भाड़ वाले क्षेत्रों में स्थित स्कूल, कॉलेजों को जाने वाले रास्तों पर आकस्मिक चेकिंग किए जाने के निर्देश भी दिए हैं। महिला सुरक्षा के लिए उत्तर प्रदेश पुलिस के तकनीकी फीचर्स से महिलाओं और बालिकाओं को परिचित कराने को भी कहा है।
शिकायतों पर तत्काल होगी कार्रवाई
डीजीपी ने कहा है कि प्रत्येक महिला महाविद्यालय, बालिका विद्यालय में एक शिकायत पेटिका रखी जाए। यदि कोई व्यक्ति छात्राओं या अन्य महिलाओं को रास्ते में परेशान करता है तो वे अपनी शिकायत बिना पहचान जाहिर किए इस पेटिका में डाल सकती हैं।
शिकायत पेटिका को सप्ताह में दो बार संबंधित थाने की महिला उप निरीक्षक या महिला सिपाही ही खोलेगी। प्राप्त शिकायतों को थानाध्यक्ष व क्षेत्राधिकारी के सामने पेश किया जाएगा। इन शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी और इसका रिकॉर्ड रखा जाएगा।
सार्वजनिक स्थानों पर सादे वस्त्र में तैनात किए जाएं पुलिसकर्मी
डीजीपी ने कहा है कि स्कूल, कॉलेज, बाजार, मॉल, पार्क, बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन जहां महिलाओं का आवागमन नियमित एवं निरंतर होता है, वहां की निगरानी के लिए सादे वस्त्र में पुलिसकर्मी तैनात किए जाएं।
इसमें महिला पुलिस कर्मियों को भी शामिल किया जाए। इन स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे भी लगाए जाएं। थाना प्रभारी समय और स्थान बदल-बदल कर पैदल गश्त करना सुनिश्चित करें।