{"_id":"5ae349fa4f1c1b6e098b6a10","slug":"up-police-constituted-a-social-media-cell-for-public-relation-activity","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"यूपी पुलिस ने शुरू की सोशल मीडिया के जरिए जनसंपर्क बढ़ाने की तैयारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
यूपी पुलिस ने शुरू की सोशल मीडिया के जरिए जनसंपर्क बढ़ाने की तैयारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Updated Fri, 27 Apr 2018 09:34 PM IST
विज्ञापन
Demo Pic
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पुलिस व मीडिया के बीच बेहतर समन्वय के लिए प्रदेश, जोन और रेंज स्तर पर सोशल मीडिया सेल बनाई जाएंगी। पुलिस महानिदेशक ओपी सिंह की पहल पर बनने वाले इन सेल से मीडिया को प्रत्येक घटना और दुघर्टना की खबर के साथ अधिकारियों की बाइट भी दी जाएगी। इस संबंध में डीजीपी ने शुक्रवार दिशा निर्देश जारी किए हैं।
विज्ञापन
निर्देशों के मुताबिक किसी भी घटना या आपदा की स्थिति में जिला स्तरीय अधिकारियों के फोन नहीं उठाने पर सेल प्रभारी मीडिया को सूचना देने के साथ ही संबंधित अधिकारियों से बात कराएंगे।
विज्ञापन
सनसनीखेज घटनाओं के ऑडियो, वीडियो और बाइट रिकॉर्ड कर ट्विटर हैंडल व मीडिया व्हाट्स एप ग्रुप पर अपलोड की जाएगी। इसी तरह सार्वजनिक अवकाश छोड़कर रोज शाम पांच बजे प्रेस ब्रीफिंग होगी।
विज्ञापन
प्रदेश स्तरीय सोशल मीडिया सेल की तरह जिला स्तर पर भी पीआरओ सेल के स्थान पर अलग से सोशल मीडिया सेल बनेगी। साथ ही एडीजी जोन आईजी, डीआईजी रेंज स्तर पर भी 24 घंटे कार्य करने वाली सेल बनेगी।
इसमें भी 1 निरीक्षक, 1 उपनिरीक्षक व 2 आरक्षी रहेंगे। सेल के लिए मल्टी मीडिया फोन, सीयूजी सिम, कम्प्यूटर, प्रिंटर, वाई-फाई कनेक्शन, ट्राई पाड, एलईडी लाइट व माइक उपलब्ध कराए जाएंगे।
सेल की खास बातें
- मीडिया कर्मियों का बनाया जाएगा एक आधिकारिक व्हाट्सएप ग्रुप।
- 24 घंटे कार्य करेगा जिला स्तर पर गठित होने वाला सेल।
- दो प्रभारी निरीक्षक, 1 उपनिरीक्षक और 3 आरक्षी सेल में रहेंगे तैनात।
- पुलिस विभाग में मीडिया सेल को एक पृथक अनुभाग का दिया गया दर्जा।
- सेल की समीक्षा करने की जिम्मेदारी पुलिस अधीक्षक या अपर पुलिस अधीक्षक पर।
- सेल प्रभारी निरीक्षक एवं उपनिरीक्षक न्यूनतम एक और आरक्षी दो वर्ष रहेंगे तैनात।
- मीडिया सेल में तैनात पुलिस कर्मियों की ड्यूटी किसी अन्य कार्य में नहीं लगेगी।
- गैर जिला पुलिस की शाखाओं में भी सोशल मीडिया सेल की होगी स्थापना।
- सेल प्रभारी का सीयूजी नंबर सभी मीडिया कर्मियों को कराया जाएगा उपलब्ध।