UP: राजधानी में ऑपरेशन के बाद मरीज की मौत, परिजन बोले- डॉक्टर ने नशे में सर्जरी की; अस्पताल में जमकर हंगामा
लखनऊ के एक निजी अस्पताल में हाथ के ऑपरेशन के बाद मरीज की मौत हो गई। परिजनों ने इलाज में लापरवाही और चिकित्सक पर नशे की हालत में ऑपरेशन करने का आरोप लगाया। घटना के बाद हंगामा हुआ और पुलिस को शिकायत दी गई। स्वास्थ्य विभाग ने शिकायत मिलने पर जांच कर कार्रवाई की बात कही।
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कृष्णानगर स्थित निजी अस्पताल में मंगलवार रात मरीज के हाथ के ऑपरेशन के बाद मरीज की मौत हो गई। परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाकर हंगामा किया। परिजनों ने नशे की हालत में ऑपरेशन किए जाने का आरोप लगाया। घटना के बाद डॉक्टर अस्पताल छोड़कर भाग गया। सूचना पर आई पुलिस ने डॉक्टर को फोन करके बुलाया मगर वह नहीं आया। परिजनों ने मुकदमा दर्ज किए जाने के लिए तहरीर दी है।
14 जुलाई की सुबह भर्ती कराया था
रायबरेली के बरई का पुरवा स्थित आस्तिक नगर के रहने वाले राहुल सोनकर ने अपने भाई लालजी सोनकर को हाथ के ऑपरेशन के लिए कृष्णानगर स्थित सत्यार्थ हॉस्पिटल में 14 जुलाई की सुबह भर्ती कराया था। डॉक्टर ने ऑपरेशन से पहले जरूरी जांच कराई। सभी जांच सामान्य आई थी।
डॉक्टर ने दोपहर तीन बजे ओटी में ले गए। बुधवार रात साढ़े आठ बजे डॉक्टरों ने लालजी की हालत गंभीर बताई। आनन फानन में मरीज को आईसीयू में शिफ्ट किया गया। कुछ ही देर बाद मरीज की मौत हो गई। इससे नाराज परिजनों ने लापरवाही का आरोप लगाया।
डॉक्टर को नशे की हालत में देखा
भाई राहुल का आरोप है ऑपरेशन करने वाला डॉक्टर नशे की हालत में था। आरोप लगाया कि जब उनके भाई को स्ट्रेचर पर आईसीयू ले जाया जा रहा था, तब उन्होंने डॉक्टर को नशे की हालत में देखा। डॉक्टर के व्यवहार से यह स्पष्ट लग रहा था कि वह नशे में है। घटना के बाद अस्पताल संचालक भीष्म कुमार मल्होत्रा, ईएमओ सत्येंद्र सिंह, डॉक्टर विवेक मल्होत्रा और डॉक्टर सतेन्द्र पांडेय ने ऑपरेशन करने वाले डॉक्टर को भगा दिया।
पुलिस ने अस्पताल संचालक के माध्यम से डॉक्टर को बुलाने का प्रयास किया। डॉक्टर अस्पताल नहीं आया। भाई ने मुकदमा दर्ज किए जाने के लिए तहरीर दी है। सीएमओ डॉ. एनबी सिंह का कहना है पुलिस से शिकायती पत्र मिलने पर जांच कराई जाएगी। जांच में आरोप सही मिले तो मुकदमा दर्ज किए जाने की संस्तुति होगी।