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लखनऊ: किस तरह होटल और शहर बदलती थी श्रद्धा, टोल पार करने के बाद क्यों बदल देती थी गाड़ी; जानिए पूरी कहानी

Wed, 21 Oct 2026 07:42 AM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ Published by: रोहित मिश्र Updated Wed, 21 Oct 2026 07:42 AM IST
सार

Shraddha dubey: श्रद्धा दुबे  10 अक्तूबर से फरार थी। इस दौरान वह कई शहरों में रही। कई होटलों का इस्तेमाल किया। अब उसकी पूरी कहानी सामने आई है। 

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श्रद्धा दुबे हुई फरार। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार
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शिवा शर्मा हत्याकांड की मुख्य आरोपी श्रद्धा दुबे 20 अक्तूबर की शाम को नागपुर से गिरफ्तार हुई। यूपी पुलिस, एसटीएफ और नागपुर पुलिस के सहयोग से यह गिरफ्तारी हो पाई। गिरफ्तार करने के बाद उसे लखनऊ लाया जा रहा है। संभवतः बुधवार को ही उसे कोर्ट में पेश किया जाएगा। 

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09 अक्तूबर की रात में शिवा शर्मा की मौत की खबर आती है। यह घटना उसी के फ्लैट में हुई थी। इसके बाद से वह फरार हो गई। घटना के अगले दिन 10 अक्तूबर को  इस मामले में एफआईआर दर्ज की गई। यह मुकदमा शिवा शर्मा की मां रंजना शर्मा द्वारा दर्ज कराया गया, जिसमें श्रद्धा दुबे के अलावा उनकी बहन और दो अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया गया। एफआईआर दर्ज होने के बाद से ही श्रद्धा दुबे पुलिस की पकड़ से दूर और फरार हो गईं। जांच के दौरान उनकी गाड़ी सबसे पहले बहराइच के रुपईडीहा इलाके में लावारिस हालत में बरामद हुई।

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श्रद्धा ने नेपाल में ड्राइवर के आधार कार्ड पर होटल बुक किया

11 अक्टूबर को नेपाल के महिमनगर में श्रद्धा ई-रिक्शा पर दिखी। तब उसने अपना चेहरा छिपाया नहीं था। सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया। श्रद्धा के साथ उसकी बहन रश्मि और ड्राइवर दानिश उर्फ तनवीर भी दिखा था। यहां इन लोगों ने सस्ता होटल चुना। उसमें ड्राइवर ने अपना आधार कार्ड दिया था। श्रद्धा की पहली रात इसी होटल में बीती। एक ही कमरे में तीनों लोग रहे। 

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नेपाल के दांग जिले में मिली लोकेशन

अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक अमिताभ यश ने इस मामले को बताते हुए कहा कि इसके अगले दिन श्रद्धा यहां से निकल गई। वह नेपाल के दांग जिले में पहुंची। यहां श्रद्धा ने अपना फोन खोला था, लेकिन थोड़ी ही देर बाद बंद कर दिया। इसके बाद उसने नेपाल की सिम के जरिए लोगों से संपर्क किया। हालांकि जिस वक्त उसने फोन खोला था, उस वक्त की लोकेशन पुलिस के पास पहुंच गई थी, इसके अगले दिन श्रद्धा ने वह लोकेशन छोड़ दी थी। 

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नेपाल से सीधे रायबरेली पहुंची, फिर लखनऊ

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श्रद्धा दुबे। - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

श्रद्धा ने 15 अक्टूबर को नेपाल छोड़ दिया और कुशीनगर के रास्ते यूपी में दाखिल हो गई। 16 अक्टूबर को वह सीधे रायबरेली पहुंची। उसको अंदाजा था कि वो सीसीटीवी में नजर आ सकती है, इसलिए उसने रायबरेली बस स्टेशन पर उस गाड़ी को छोड़ दिया, जिसके जरिए वह नेपाल से आई थी। दूसरी टैक्सी से सारस तिराहा पहुंची और वहां से किराए पर आर्टिगा कार बुक की। बताया जाता है कि एक सट्टा व्यापारी से मिलने के लिए श्रद्धा रायबरेली गई थी। इस मुलाकात के बाद रात करीब 12 बजे वो लखनऊ पहुंच गई।

रायबरेली से लखनऊ आई

रायबरेली से वह रात में ही लखनऊ पहुंची। श्रद्धा ने लखनऊ में ही न्यूज एजेंसी को बाइट दी। संभवतः इस शर्म के साथ कि इस उस बाइट को बाद में चलाया जाए।  उसी दिन उसने अग्रिम जमानत के लिए कोर्ट में अर्जी दाखिल कर दी। इसके बाद श्रद्धा फिर से लखनऊ से फरार हो गई। 

बुर्के में रहती थी रास्ते में

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श्रद्धा दुबे - फोटो : अमर उजाला

पुलिस सोर्स के मुताबिक, वह लखनऊ से सीधे आगरा पहुंची और आगरा के ओम पैलेस होटल में 24 घंटे तक ठहरी रही। इस दौरान उसकी बहन रश्मि और ड्राइवर दानिश भी साथ रहे। श्रद्धा पुलिस से बचने के लिए हर जगह बुर्का पहनती थी। आगरा होटल के जो फुटेज सामने आए उसमें भी वह बुर्का पहने हुए दिख रही थी। 

आगरा में रुकने के बाद ये लोग महाराष्ट्र के नागपुर निकल गए। पूरे रास्ते तीनों ने ही अपने फोन का इस्तेमाल नहीं किया। पुलिस सूत्रों के मुताबिक इनके पास एक अलग फोन था, उसके जरिए ये कुछ लोगों से संपर्क करते थे, जो इन्हें हिदायत देते थे। इसमें से कुछ और लोगों के भी मिले होने की संभावना है। जो उसे कानूनी रुप से सही या गलत करने की सलाह दे रहे थे। 

टोल के बाद बदल देती थी गाड़ी

श्रद्धा दुबे शातिर अपराधी की तरह अपने पीछे कोई ट्रेस नहीं छोड़ती थी। जिस गाड़ी से वह आती थी टोल पार करते ही उसे छोड़कर कुछ दूर पैदल चलकर दूसरी गाड़ी ले लेती थी। पुलिस के अनुसार उसने बातचीत के लिए अजनबी लोगों के भी फोन का इस्तेमाल किया है। 

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