यूपी: मंत्री बोले, विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने से टूटेगा सोशल डिस्टेंसिंग का नियम
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उन्होंने कहा, अगर विधानसभा सत्र बुलाया जाता है तो इसका मतलब होगा लोगों का जमावड़ा। ऐसा करने से सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का उल्लंघन होगा। हम सोशल डिस्टेंसिंग बरकरार नहीं रख पाएंगे।
सुरेश खन्ना ने कहा कि हम नेताओं के लगातार संपर्क में हैं, मेरा मानना है कि सरकार ने सभी स्तरों पर सतर्कता और ईमानदारी दिखाई है। आवश्यकता पड़ने पर निर्णय लिए गए। जरूरतमंदों की मदद की जा रही है। गेहूं की फसल की कटाई की जा रही है। कोरोना का मुकाबला करने के लिए सरकार सभी प्रयास कर रही है।
Social distancing is being termed as the solution to the current issue. If Assembly session is called, it would mean gathering of people. This will affect social distancing. We won't be able to maintain social distancing: UP Parliamentary Affairs Minister Suresh Khanna https://t.co/BqFh5NnceY pic.twitter.com/KjKVXC50qB
— ANI UP (@ANINewsUP) May 1, 2020
अखिलेश ने की थी विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने की मांग
आपको बता दें कि समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने गुुरुवार को कोरोना वायरस के कारण उत्पन्न सामाजिक व आर्थिक स्थितियों पर विचार करने के लिए सरकार से विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने की मांग की थी।
उन्होंने कहा था कि कोरोना के खिलाफ लड़ाई लंबी चलने वाली है। इस लड़ाई को सिर्फ अधिकारियों के भरोसे नहीं जीता जा सकता है। उन्होंने गुरुवार को कहा कि लॉकडाउन लागू हुए एक माह से ज्यादा समय बीत चुका है। जनता घरों में है।
कुछ जिलों को छोड़कर कोरोना का प्रकोप कहीं भी रुक नहीं रहा है। अस्पतालों में अन्य बीमारियों का इलाज नहीं हो पा रहा है। जांच किट की भी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध नहीं हैं, जिससे मरीजों की सही-सही संख्या का पता नहीं चल पा रहा है। लोगों की परेशानी बढ़ी है।
कानून-व्यवस्था की स्थिति चिंताजनक हो गई है इसलिए विशेष सत्र बुलाए जाने की आवश्यकता है। अखिलेश यादव ने कहा कि विपक्ष इस संकट के समाधान के लिए ऐसे सुझाव दे सकता है, जिससे प्रभावी नियंत्रण में आसानी होगी।