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यूपी : प्रदेश में इन 27 अस्पतालों में होगा अंगदान और प्रत्यारोपण
Fri, 05 Mar 2021 09:46 PM IST
पंकज श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Fri, 05 Mar 2021 09:46 PM IST
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अंगदान
- फोटो : फाइल फोटो
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प्रदेश में अंगदान और प्रत्यारोपण को बढ़ावा देने के लिए 27 अस्पतालों का पूल बनाया गया है। इन अस्पतालों में अंगदान और प्रत्यारोपण को बढ़ावा दिया जाएगा। इन्हें स्टेट ऑर्गन टिश्यू ट्रांसप्लांट एसोसिएशन (सोटो)ने मंजूरी दे दी है। इसमें राजधानी के चार सरकारी अस्पतालों के साथ नौ अस्पताल शामिल हैं। कुल 27 अस्पतालों में राजधानी 23 प्राइवेट हैं।
स्टेट ऑर्गन टिश्यू ट्रांसप्लांट एसोसिएशन का नोडल सेंटर एसजीपीजीआई को बनाया गया है। एसजीपीजीआई सभी अस्पतालों के बीच समन्वय स्थापित कर रहा है। अंगदान और अंग प्रत्यारोपण को लेकर गाइड लाइन बनाने और समय- समय पर अस्पतालों का मुआयना कर गाइडलाइन का पालन कराने की भी जिम्मेदारी निभा रहा है। संस्थान के निदेशक प्रो आरके धीमान ने बताया कि अस्पतालों का पूल तैयार करके अंगदान को बढ़ावा दिया जा रहा है। प्रयास है कि ब्रेन डेड होने वालों के परिजनों से ज्यादा से ज्यादा अंगदान कराया जाए।
किसी भी अस्पताल में मरीज के ब्रेन डेड होने पर उनके परिजनों की अनुमति लेकर अंगों को जरुरतमंद में प्रत्यारोपित किया जा सकता है। इस दिशा में सोटो की भूमिका अहम है। सोटो के प्रभारी डा. राजेश हर्षवर्धन ने बताया कि पहले चरण में 27 अस्पताल जोड़े गए हैं। दूसरे चरण में उन सरकारी मेडिकल कॉलेजों को भी जोड़ने की तैयारी है, जहां अंगदान से संबंधित सुविधाएं हैं।
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ये अस्पताल हैं शामिल
राजधानी में एसजीपीजीआई, केजीएमयू, लोहिया संस्थान, कमांड हास्पिटल के अलावा यहां के पांच निजी अस्पताल शआमिल हैं। इसी तरह नोएडा के आठ निजी अस्पताल, मेरठ के दो, मुरादाबाद के दो, आगरा का निजी अस्पताल शामिल है।
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स्टेट ऑर्गन टिश्यू ट्रांसप्लांट एसोसिएशन का नोडल सेंटर एसजीपीजीआई को बनाया गया है। एसजीपीजीआई सभी अस्पतालों के बीच समन्वय स्थापित कर रहा है। अंगदान और अंग प्रत्यारोपण को लेकर गाइड लाइन बनाने और समय- समय पर अस्पतालों का मुआयना कर गाइडलाइन का पालन कराने की भी जिम्मेदारी निभा रहा है। संस्थान के निदेशक प्रो आरके धीमान ने बताया कि अस्पतालों का पूल तैयार करके अंगदान को बढ़ावा दिया जा रहा है। प्रयास है कि ब्रेन डेड होने वालों के परिजनों से ज्यादा से ज्यादा अंगदान कराया जाए।
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किसी भी अस्पताल में मरीज के ब्रेन डेड होने पर उनके परिजनों की अनुमति लेकर अंगों को जरुरतमंद में प्रत्यारोपित किया जा सकता है। इस दिशा में सोटो की भूमिका अहम है। सोटो के प्रभारी डा. राजेश हर्षवर्धन ने बताया कि पहले चरण में 27 अस्पताल जोड़े गए हैं। दूसरे चरण में उन सरकारी मेडिकल कॉलेजों को भी जोड़ने की तैयारी है, जहां अंगदान से संबंधित सुविधाएं हैं।
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ये अस्पताल हैं शामिल
राजधानी में एसजीपीजीआई, केजीएमयू, लोहिया संस्थान, कमांड हास्पिटल के अलावा यहां के पांच निजी अस्पताल शआमिल हैं। इसी तरह नोएडा के आठ निजी अस्पताल, मेरठ के दो, मुरादाबाद के दो, आगरा का निजी अस्पताल शामिल है।