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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   UP: On the lines of primary schools, the 'School Chalo' campaign will now be run in secondary schools as well

UP: प्राथमिक विद्यालयों की तर्ज पर अब माध्यमिक स्कूलों में भी चलेगा स्कूल चलो अभियान, ड्रॉप आउट पर विशेष फोकस

Fri, 13 Mar 2026 09:39 AM IST
रोहित मिश्र अक्षय कुमार अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अक्षय कुमार अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ Published by: रोहित मिश्र Updated Fri, 13 Mar 2026 09:39 AM IST
सार

School Chalo: यूपी के माध्यमिक स्कूलों में भी प्राथमिक की तर्ज पर स्कूल चलो अभियान की शुरुआत की जाएगी। इसके लिए कार्ययोजना बनाई जा चुकी है। 

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UP: On the lines of primary schools, the 'School Chalo' campaign will now be run in secondary schools as well
प्राथमिक स्कूलों की तर्ज पर चलेगा यह अभियान।

विस्तार

 उत्तर प्रदेश में नए शैक्षिक सत्र 2026-27 को लेकर शिक्षा विभाग ने तैयारियां तेज कर दी हैं। एक अप्रैल से प्रदेश के बेसिक और माध्यमिक विद्यालयों में नया सत्र शुरू होगा। इस बार सरकार ने स्कूल चलो अभियान को और व्यापक बनाने का निर्णय लिया है। पहले यह अभियान मुख्य रूप से बेसिक शिक्षा तक सीमित था, लेकिन अब इसे माध्यमिक विद्यालयों में भी लागू किया जाएगा। इसका मुख्य उद्देश्य छात्रों की संख्या बढ़ाना और ड्रॉपआउट की समस्या को कम करना है।

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शिक्षा विभाग के आंकड़ों के अनुसार कक्षा 8 के बाद लगभग 21 प्रतिशत छात्र पढ़ाई छोड़ देते हैं। वर्तमान में कक्षा आठ में लगभग 37 लाख विद्यार्थी पढ़ रहे हैं, लेकिन इनमें से केवल 79 प्रतिशत छात्र ही कक्षा नौ में प्रवेश लेते हैं। इसका मतलब है कि करीब 8.17 लाख छात्र आगे की पढ़ाई से बाहर हो जाते हैं। इनमें लगभग 4.13 प्रतिशत छात्र और 4.03 प्रतिशत छात्राएं शामिल हैं। इस समस्या को ध्यान में रखते हुए सरकार ने विशेष रूप से कक्षा आठ से नौ में प्रवेश बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित किया है।
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प्रदेश में इस समय कक्षा नौ से बारह तक लगभग 1.07 करोड़ छात्रों का नामांकन है। सरकार का लक्ष्य है कि स्कूल चलो अभियान के माध्यम से कक्षा आठ पास करने वाले अधिक से अधिक छात्रों का कक्षा नौ में नामांकन सुनिश्चित किया जाए। इसके लिए उन क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा जहां नामांकन दर कम है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे ड्रॉप आउट होने वाले बच्चों की पहचान करें और उन्हें दोबारा विद्यालय से जोड़ने के लिए प्रयास करें।

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सामुदायिक भागीदारी पर जोर

अभियान की सफलता के लिए सामुदायिक भागीदारी पर भी विशेष जोर दिया जाएगा। स्थानीय जनप्रतिनिधियों, स्वयंसेवी संगठनों, अभिभावकों और विद्यालय प्रबंध समितियों को इसमें सक्रिय रूप से शामिल किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक बच्चों को शिक्षा से जोड़ा जा सके।

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