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यूपी : प्राइवेट स्कूलों को फीस बढ़ाने पर रोक मामले में हाईकोर्ट से नहीं मिली राहत
Wed, 14 Jul 2021 10:43 PM IST
पंकज श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Wed, 14 Jul 2021 10:43 PM IST
सार
एसोसिएशन ऑफ प्राईवेट स्कूल्स ऑफ़ यूपी ने अंतरिम राहत की अर्जी दायर कर स्ववित्तपोषित स्कूलों में इस साल फीस वृद्धि की मनाही के शासनादेश पर रोक लगाने की गुजारिश की थी।
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लखनऊ हाईकोर्ट
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विस्तार
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने प्रदेश के प्राइवेट स्कूलों को फीस बढ़ाने पर रोक मामले में अंतरिम राहत देने से इन्कार करते हुए अर्जी खारिज कर दी। एसोसिएशन ऑफ प्राईवेट स्कूल्स ऑफ़ यूपी ने अंतरिम राहत की अर्जी दायर कर स्ववित्तपोषित स्कूलों में इस साल फीस वृद्धि की मनाही के शासनादेश पर रोक लगाने की गुजारिश की थी।
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न्यायमूर्ति राजन रॉय और न्यायमूर्ति सौरभ लवानिया की खंडपीठ ने यह आदेश एसोसिएशन ऑफ प्राईवेट स्कूल्स ऑफ़ यूपी की याचिका में दाखिल की गई अंतरिम राहत की अर्जी पर सुनवाई के बाद दिया। इसमें बीती 20 मई के शासनादेश को चुनौती देकर इस पर रोक लगाने का आग्रह किया था। याची एसोसिएशन की ओर से कहा गया कि कोरोना की वजह से ये स्कूल वर्ष 2020-21में फीस नहीं बढ़ा सके थे। अब 2021-22 के लिए भी शासनादेश के जरिए उन्हें फीस बढ़ाने की मनाही कर दी गई है।
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स्कूल को चलाने में कुछ खर्चे होते हैं। ऐसे में फीस वृद्धि पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया जाना तर्कसंगत नहीं है। उधर, सरकारी वकील ने अर्जी का विरोध करते हुए कहा कि याची को यह राहत दिए जाने लायक नहीं है। क्योंकि आपदा प्रबंधन कानून के प्रकाश में सरकार ने शासनादेश जारी किया है, जिसमें कोई अवैधानिकता नहीं है। कहा कि इसी याची की अन्य याचिका पर कोर्ट ने 18 मई 2020 को समान राहत देने से इन्कार कर दिया था।
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अदालत ने याची को अंतरिम राहत देने से इन्कार कर प्रतिपक्षी पक्षकारों को याचिका पर दो हफ्ते में जवाबी हलफ़नामा दाखिल करने का निर्देश दिया है। इसके बाद हफ्ते भर में याची इसका प्रतिउत्तर दाखिल कर सकेगा। कोर्ट ने इस याचिका को पिछले साल वाली याचिका के साथ 3 अगस्त को अंतिम निस्तारण के लिए प्राथमिकता पर पेश करने का आदेश दिया है।