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UP News : मौसम की मार वाले गेहूं को एमएसपी पर खरीदने के लिए केंद्र सहमत
Sun, 02 Apr 2023 10:15 PM IST
पंकज श्रीवास्तव
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Sun, 02 Apr 2023 10:15 PM IST
सार
कृषि विभाग की मदद से यह रिपोर्ट तत्काल शासन को भेजने के लिए कहा गया है। इससे उन जिलों के किसानों को राहत मिलेगी, जहां बेमौसम अधिक बारिश, ओलावृष्टि और तेज हवाओं से गेहूं की फसल प्रभावित हुई है।
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गेहूं
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
टूटा, काला, सिकुड़ा और पतला गेहूं भी न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर खरीदने के लिए केंद्र व राज्य सरकार के बीच सैद्धांतिक सहमति बन चुकी है। इस संबंध में जिलाधिकारियों की रिपोर्ट आने पर केंद्र सरकार की अनुमति के लिए प्रस्ताव भेजने की औपचारिकता पूरा करना भर शेष है। कृषि विभाग की मदद से यह रिपोर्ट तत्काल शासन को भेजने के लिए कहा गया है। इससे उन जिलों के किसानों को राहत मिलेगी, जहां बेमौसम अधिक बारिश, ओलावृष्टि और तेज हवाओं से गेहूं की फसल प्रभावित हुई है।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कमतर क्वालिटी का गेहूं भी सरकारी खरीद केंद्रों पर खरीदने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए केंद्र सरकार से पूर्वानुमति लेनी होगी। अगर किसी राज्य में खराब मौसम के कारण फसल की गुणवत्ता प्रभावित होती है, तो संबंधित राज्य सरकार ऐसी फसल एमएसपी पर खरीदने के लिए केंद्र को प्रस्ताव भेज सकती है। केंद्र सरकार विशेष परिस्थितियों में गुणवत्ता संबंधी मानकों को शिथिल कर सकती है।
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मार्च में हुई बारिश के कारण गेहूं की फसल की गुणवत्ता काफी प्रभावित हुई है। अलग-अलग जिलों से शिकायतें आ रही हैं कि गेहूं में या तो मानक से ज्यादा नमी है। मानक के अनुसार 12-14 प्रतिशत से अधिक नमी नहीं होनी चाहिए। कहीं गेहूं के दाने टूट गए हैं या काले पड़ गए हैं। दानों के सिकुड़ने और पतले होने के मामले आ रहे हैं। आम तौर पर इस श्रेणी के गेहूं को कमतर गुणवत्ता का माना जाता है और सेंटर पर तैनात स्टाफ इसे नहीं खरीदता है।
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शासन के उच्च पदस्थ सूत्रों के मुताबिक, कमतर क्वालिटी का गेहूं खरीदने के लिए केंद्र व राज्य सरकार के बीच सैद्धांतिक सहमति बन गई है। इसी आधार पर नियमों मे ढील दिए जाने के लिए आवश्यक प्रस्ताव तैयार करवाया जा रहा है। जिलाधिकारियों की रिपोर्ट के आधार पर उत्तर प्रदेश का खाद्य विभाग प्रस्ताव तैयार करेगा, जिसे केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय को भेजा जाएगा। उच्चस्तर से इस प्रस्ताव को शीघ्रातिशीघ्र भेजने के निर्देश दिए गए हैं।
इस मामले में सर्वे कराया जा रहा है। रिपोर्ट के आधार पर किसान हित में उचित निर्णय लिया जाएगा।
- सूर्य प्रताप शाही, कृषि मंत्री, उत्तर प्रदेश सरकार