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UP News : तबादलों से पहले ही हो गया 'खेल', सूची भेजी 30 की और नाम हो गए 42
Mon, 25 Jul 2022 04:08 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अजीत बिसारिया, लखनऊ
अजीत बिसारिया, लखनऊ
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Mon, 25 Jul 2022 04:08 AM IST
सार
बताते हैं कि 30 एक्सईएन की तबादले की सूची ऊपर भेजी गई। इसमें 12 नाम और जोड़ दिए गए। यही वजह रही कि उस समय मांगे जाने के बावजूद तबादला सूची मीडिया को उपलब्ध नहीं कराई गई।
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विस्तार
पीडब्ल्यूडी में तबादलों के खेल में बड़ा सवाल यह सामने आया है कि जब 30 अधिशासी अभियंताओं (एक्सईएन) की सूची भेजी गई थी तो जारी करते समय यह संख्या 42 की कैसे हो गई? ये नाम कब और किसने जुड़वाए, इस पर सब चुप्पी साधे बैठे हैं। अगर इसका पर्दाफाश हो जाए तो तबादले का सारा खेल सामने आने में देर नहीं लगेगी। सूत्रों की माने तो इसके पीछे विभाग के ही एक मुख्य अभियंता का खेल बताया जा रहा है।
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नियम यह है कि किसी एक पद पर तैनात कर्मियों में से अधिकतम 20 फीसदी को ही स्थानांतरित किया जा सकता है। अधिशासी अभियंताओं के मामले में निर्धारित सीमा पार होने पर फाइल मुख्यमंत्री कार्यालय तक भेजे जाने का प्रावधान है। पीडब्ल्यूडी में हाल ही में 182 अधिशासी अभियंता नव प्रोन्नत हुए हैं। जाहिर है कि इन सभी को नई तैनाती दी ही जानी थी। वहीं, 146 अधिशासी अभियंता पहले से ही काम कर रहे थे। ऐसे में निर्धारित 20 प्रतिशत सीमा के तहत 146 में से 29 का ही स्थानांतरण हो सकता था।
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बताते हैं कि 30 एक्सईएन की तबादले की सूची ऊपर भेजी गई। इसमें 12 नाम और जोड़ दिए गए। यही वजह रही कि उस समय मांगे जाने के बावजूद तबादला सूची मीडिया को उपलब्ध नहीं कराई गई। अधिकारी तरह-तरह के बहाने बनाकर इसे टालते रहे। किसी अन्य माध्यम से भी इसे सार्वजनिक नहीं किया गया।
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12 नाम जोड़ने के लिए बदल दी सूची
विभागीय सूत्रों का कहना है कि 12 अतिरिक्त नाम जोड़ने के लिए और उन्हें मनचाही तैनाती देने के लिए पूरी सूची में फेरबदल करना पड़ा। यह कृत्य भ्रष्टाचार का कारण बना। साथ ही लोग असंतुष्ट हुए और मामला मुख्यमंत्री तक जा पहुंचा। इसके चलते पीडब्ल्यूडी के इतिहास में दूसरी बार विभागाध्यक्ष के निलंबन तक की कार्रवाई हुई। इसके पहले मायावती सरकार में भी 90 के दशक में लोनिवि के तत्कालीन विभागाध्यक्ष पीके सिंघल को निलंबित किया गया था।
पर्दा डालने की कवायद भी शुरू
पीडब्ल्यूडी के एक अधिकारी का यहां तक कहना है कि अगर नाम जोड़े जाने की इस गुत्थी को सुलझा लिया जाए, तो पूरा मामला सामना आने में देर नहीं लगेगी। हालांकि इस गुत्थी को सुलझाने के बजाय उस पर पर्दा डालने की कवायद शुरू हो गई है।
समीक्षा में लगेगा थोड़ा वक्त : विभागाध्यक्ष
शासन ने पीडब्ल्यूडी में हुए तबादलों की समीक्षा करने के निर्देश दिए हैं। इस बारे में पूछे जाने पर कार्यवाहक विभागाध्यक्ष सत्य प्रकाश ने बताया कि फिलहाल समीक्षा की कार्यवाही जारी है। थोड़ा वक्त लग सकता है।