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यूपी : डेल्टा से ज्यादा खतरनाक नहीं है नया वैरिएंट, स्कूल से लेकर अस्पतालों तक आज से होगी फोकस सैंपलिंग
Wed, 01 Dec 2021 09:44 AM IST
पंकज श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Wed, 01 Dec 2021 09:44 AM IST
सार
पूरे प्रदेश में बुधवार से स्कूल, कॉलेज, अस्पताल आदि में फोकस सैंपलिंग कराई जाएगी। जांच का दायरा भी डेढ़ लाख से बढ़ाकर ढाई लाख कर दिया गया है। कोरोना के नए स्वारूप को लेकर सभी जिलों में रैपिड रिस्पॉन्स टीम, निगरानी कमेटी, कोविड कंट्रोल रूम को सक्रिय कर दिया गया है।
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कोरोना का नया वैरिएंट
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विस्तार
प्रदेश में कोविड के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन को लेकर हर स्तर पर सावधानी बरती जा रही है। पूरे प्रदेश में बुधवार से स्कूल, कॉलेज, अस्पताल आदि में फोकस सैंपलिंग कराई जाएगी। जांच का दायरा भी डेढ़ लाख से बढ़ाकर ढाई लाख कर दिया गया है। कोरोना के नए स्वारूप को लेकर सभी जिलों में रैपिड रिस्पॉन्स टीम, निगरानी कमेटी, कोविड कंट्रोल रूम को सक्रिय कर दिया गया है। महानिदेशक स्वास्थ्य डॉ. वेदब्रत सिंह ने बताया कि बुधवार से सभी जिलों में फोकस सैंपलिंग कराई जाएगी।
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रेलवे व बस स्टेशनों, स्कूल, कॉलेज, यूनिवर्सिटी, अस्पताल, वृद्धा आश्रम समेत प्रमुख चौराहों पर फोकस सैंपलिंग कराई जाएगी। जांच का दायरा भी हर दिन औसतन ढाई लाख कर दिया गया है। इसमें 70 फीसदी से ज्यादा जांच आरटीपीसीआर से की जाएगी। विदेश से आने वालों की जांच अनिवार्य रूप से की जा रही है। इन्हें 14 दिन तक क्वारंटीन रहने के निर्देश दिए गए हैं।
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गाइडलाइन तैयार करने में जुटी सरकार
चिकित्सा विशेषज्ञों की राज्य परामर्शदाता समिति भी नए स्वरूप को लेकर इलाज की गाइडलाइन तैयार करने में जुटी है। इस समिति के अध्यक्ष एसजीपीजीआई के निदेशक प्रो आरके धीमान हैं। कमेटी पहली और दूसरी लहर के अनुभव और विदेशों में इस स्वारूप को लेकर दिए जा रहे उपचार का अध्ययन कर रही है। इसके बाद नए सिरे से उपचार की गाइडलाइन तैयार की जा रही है।
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राज्य परामर्शदाता समिति के अध्यक्ष एवं एसजीपीजीआई के निदेशक प्रो आरके धीमान ने बताया कि नया वैरिएंट तेजी से फैलता है और इसकी संक्रमण दर भी अधिक है। लेकिन यह यह डेल्टा की तुलना में ज्यादा खतरनाक नहीं है। नए स्वरूप से मृत्यु दर की बढ़ने की आशंका कम है। ओमिक्रॉन को लेकर ड्राफ्ट तैयार कर लिया गया है। इसे जल्द ही शासन को सौंप दिया जाएगा। एसजीपीजीआई की विशेष टीम ने ड्राफ्ट में कोरोना के इस नए वैरिएंट को लेकर यूपी में बरती जाने वाली सावधानियां, खतरे, टीकाकरण के बाद इसके प्रभावों के बारे में चर्चा की है। उन्होंने कहा कि पिछले डेढ़ सालों में बढ़ाई गई चिकित्सीय सुविधाओं के चलते अब प्रदेश इस नए स्वरूप से निपटने के लिए तैयार है।