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UP: "धर्म के कॉलम में इस्लाम, मात्र भाषा में उर्दू भरें मुस्लिम", जनगणना को लेकर मौलाना खालिद रशीद ने की अपील
Sun, 12 Apr 2026 08:39 PM IST
Ishwar Ashish Bhartiya
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: Ishwar Ashish Bhartiya
Updated Sun, 12 Apr 2026 08:39 PM IST
सार
मौलाना खालिद रशीद ने कहा कि जनगणना वह प्रक्रिया है, जिससे किसी भी समाज की असल तस्वीर सामने आती है। ऐसे में लापरवाही या अनदेखी भविष्य की योजनाओं को प्रभावित कर सकती है।
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मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
इस्लामिक सेंटर ऑफ इंडिया के चेयरमैन मौलाना खालिद रशीद ने कहा कि जनगणना महज आंकड़ों की कवायद नहीं, बल्कि पहचान की गिनती है। लिहाजा मुस्लिम समुदाय के लोगों को इसमें सक्रिय और सजग भागीदारी निभानी चाहिए।
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उन्होंने बयान जारी कर कहा कि देश में जनगणना का काम चल रहा है। जनगणना वह प्रक्रिया है, जिससे किसी भी समाज की असल तस्वीर सामने आती है। ऐसे में लापरवाही या अनदेखी भविष्य की योजनाओं को प्रभावित कर सकती है। उन्होंने खास तौर पर धर्म और मातृभाषा के कॉलम को अहम बताते हुए कहा कि इन्हें भरते समय पूरी सावधानी बरतनी चाहिए। मुस्लिमों से अपील की कि वह धर्म के कॉलम में इस्लाम और मातृभाषा के कॉलम में उर्दू दर्ज करें। यह हमारी पहचान और विरासत से जुड़ा मामला है।
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मौलाना ने कहा कि उर्दू सिर्फ भाषा नहीं, बल्कि एक पूरी तहजीब और सांस्कृतिक धरोहर है। जब तक सही आंकड़े सामने नहीं आएंगे, तब तक भाषा और समुदाय के विकास के लिए ठोस नीतियां बन पाना मुश्किल है।
उन्होंने इसे नागरिक जिम्मेदारी से जोड़ते हुए कहा कि हर व्यक्ति का सहयोग ही यह तय करेगा कि आने वाले समय में उसकी पहचान कितनी मजबूती से दर्ज हो पाती है। इसलिए जनगणना में भाग लेना केवल कर्तव्य नहीं, बल्कि अपने भविष्य को सुरक्षित करने का जरिया भी है।