{"_id":"632e068f48ae207f9c653286","slug":"up-monsoon-session-of-up-vidhan-sabha-will-be-memorable-for-women-rights","type":"story","status":"publish","title_hn":"UP Vidhan Sabha : महिलाओं के अधिकार और सुरक्षा के लिए यादगार रहेगा यूपी विधानसभा का मानसून सत्र","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
UP Vidhan Sabha : महिलाओं के अधिकार और सुरक्षा के लिए यादगार रहेगा यूपी विधानसभा का मानसून सत्र
Sat, 24 Sep 2022 05:39 AM IST
दुष्यंत शर्मा
सचिन मुद्गल, लखनऊ
सचिन मुद्गल, लखनऊ
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Sat, 24 Sep 2022 05:39 AM IST
सार
UP: 18वीं विधानसभा का पहला मानसून सत्र महिलाओं की सुरक्षा और अधिकार के लिहाज से यादगार रहेगा। विधानमंडल के दोनों सदनों में पहली बार महिला विधायकों को अपने अधिकार, समस्याओं और सुझावों पर एक पूरा दिन बोलने मौका मिला।
विज्ञापन
यूपी विधानसभा में महिलाओं का विशेष सत्र...
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
18वीं विधानसभा का पहला मानसून सत्र महिलाओं की सुरक्षा और अधिकार के लिहाज से यादगार रहेगा। विधानमंडल के दोनों सदनों में पहली बार महिला विधायकों को अपने अधिकार, समस्याओं और सुझावों पर एक पूरा दिन बोलने मौका मिला। वहीं महिलाओं और बेटियों के यौन उत्पीड़न के मामलों में आरोपियों को अग्रिम जमानत नहीं देने के लिए विधेयक भी पारित किया गया।
विज्ञापन
19 सितंबर से शुरू हुआ विधानसभा का मानसून सत्र 23 सितंबर को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित हो गया। सत्र का पहले दिन पूर्व विधायक अरविंद गिरी के निधन पर शोक प्रस्ताव के बाद सदन स्थगित किया गया। 20 से 23 सितंबर तक सदन में कुल 74 तारांकित और 610 अतारांकित प्रश्न पूछे गए। सदन में पांच महत्वपूर्ण विधेयक भी पारित किए गए।
विज्ञापन
विधानमंडल में 22 सितंबर को महिला विधायकों के लिए विशेष सत्र आयोजित किया गया। विधानसभा की 47 में से 38 विधायकों ने महिला अधिकार, रोजगार, शिक्षा, सुरक्षा, स्वावलंबन जैसे विषयों पर अपनी राय रखी। इसके जरिये ना केवल महिला विधायकों का वाकचातुर्य और राजनीतिक कौशल सामने आया वहीं क्षेत्र की समस्याओं के निस्तारण में उनकी संवेदनशीलता भी प्रकट हुई। महिलाओं की चर्चा में सामने आए निष्कर्ष पर बुकलेट प्रकाशित कराकर उसे सभी प्रदेशों की विधानसभा और लोकसभा के पुस्तकालय में भेजा जाएगा।
विज्ञापन
इतना ही नहीं सरकार महत्वपूर्ण मुद्दों पर कदम भी उठाएगी। सदन के अंतिम दिन दंड प्रक्रिया (उत्तर प्रदेश संशोधन) विधेयक 2022 पारित किया, इसके तहत अब बालकों से कुकर्म, बेटियों और महिलाओं के यौन उत्पीड़न के आरोपियों को अग्रिम जमानत नहीं मिलेगी। मानसून सत्र को दंगा और उपद्रव में किसी व्यक्ति की मौत पर दंगाइयों से न्यूनतम पांच लाख रुपये का मुआवजा वसूल कर आश्रितों दिलाने और दिव्यांगता पर एक लाख रुपये का मुआवजा दिलाने जैसे महत्वपूर्ण विधेयक पारित करने के लिए भी याद किया जाएगा। सदन में मुख्यमंत्री ने सूखे से प्रभावित किसानों को भी मदद की घोषणा की।
पैदल मार्च से शुरू, पैदल मार्च पर समाप्त
विधानमंडल का मानसून सत्र के पहले दिन सपा विधायकों ने सपा कार्यालय से विधानभवन तक पैदल मार्च किया। सदन के अंतिम दिन शुक्रवार को भी सपा विधायकों ने दोनों सदनों का बर्हिगमन कर विधानभवन से सपा कार्यालय तक पैदल मार्च किया।
ये विधेयक पारित किए
- उत्तर प्रदेश माल और सेवा कर संशोधन विधेयक -2022
- सामान्य भविष्य निधि (उत्तर प्रदेश) नियमावली 1985 नियम 12 (संशोधन और विधिमान्यकरण ) विधेयक-2022
- इंटरमीडिएट शिक्षा संशोधन विधेयक -2022
- दंड प्रक्रिया संहिता (उत्तर प्रदेश संशोधन) विधेयक -2022
- उत्तर प्रदेश लोक तथा निजी संपत्ति क्षति वसूली संशोधन विधेयक -2022