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देश-विदेश में की जाएगी यूपी के आम की ब्रांडिंग
Sun, 14 Jun 2020 12:48 PM IST
विक्रांत चतुर्वेदी
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: विक्रांत चतुर्वेदी
Updated Sun, 14 Jun 2020 12:48 PM IST
सार
- सीएम ने दिए आम निर्यातकों के सुझावों के आधार पर कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश
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Dashari mango
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आम की अंतर्राज्यीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर ब्रांडिंग किए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में आम की अच्छी किस्में हैं। इनकी गुणवता के प्रचार-प्रसार की आवश्यकता है। उन्होंने आम उत्पादकों और निर्यातकों के सुझावों के आधार पर कार्ययोजना बनाए जाने के निर्देश भी दिए।
मुख्यमंत्री ने शनिवार को अपने सरकारी आवास पर आम के निर्यात और बिक्री के संबंध में समीक्षा की। इस बैठक में कई प्रमुख आम उत्पादकों व निर्यातकों ने भी भाग लिया। सीएम ने कहा कि आम के विपणन एवं निर्यात के संबंध में तेजी से कार्यवाही की जाए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार आम उत्पादकों, निर्यातकों और किसानों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है।
आम के निर्यात को बढ़ावा देने के लिए पुराने बागों का जीर्णोंद्धार, कोल्ड रूम की व्यवस्था और पैक हाउस की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। कीटनाशकों के छिड़काव के बारे में किसानों को जागरूक किया जाए। आम के बागों के लिए अवस्थापना सुविधाओं के विकास पर भी ध्यान दिया जाए। आम आधारित उद्योगों की इकाइयों को प्रोत्साहित किया जाए। अंतर्राज्यीय विपणन के लिए हॉफेड, नैफेड एवं मंडी परिषद योजनाबद्ध तरीके से कार्यवाही करें। इस संबंध में अन्य प्रदेशों के व्यापारियों से संपर्क कर कार्य किया जाए।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा दिए गए विशेष आर्थिक पैकेज को ध्यान में रखते हुए आम उत्पादकों और निर्यातकों को सहूलियतों मुहैया कराई जाएं। गंगा के तटवर्ती क्षेत्रों और बागवानी के लिए जैविक खेती को बढ़ावा दिया जाए। प्रदेश की प्रमुख व्यावसायिक किस्मों को बायर-सेलर मीट के माध्यम से प्रोत्साहित किया जाए। आम उत्पादकों और निर्यातकों के बीच समन्वय स्थापित करते हुए आम के निर्यात में तेजी लाई जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उतर प्रदेश में आम उत्पादक प्रमुख जिले-सहारनपुर, मेरठ, बागपत, बुलन्दशहर, अमरोहा, बाराबंकी, हरदोई, सीतापुर, अयोध्या, लखनऊ, प्रतापगढ़, वाराणसी आदि हैं। आम की दशहरी, लंगड़ा, चैसा, रामकेला, रटौल, लखनऊ सफेदा, गौरजीत, आम्रपाली, मल्लिका जैसी प्रजातियों की मांग है। इनकी ब्रांडिंग करते हुए निर्यात संबंधी समस्याओं का समाधान किया जाए।
इस अवसर पर आम उत्पादकों व निर्यातकों ने मुख्यमंत्री के सामने आम के विपणन व निर्यात संबंधी सुझाव प्रस्तुत किए। कई सुझावों पर सीएम ने कार्यवाही किए जाने के निर्देश दिए। बैठक के दौरान उद्यान राज्यमंत्री श्रीराम चौहान, कृषि उत्पादन आयुक्त आलोक सिन्हा, अपर मुख्य सचिव वित संजीव मितल, प्रमुख सचिव कृषि विपणन एवं विदेश व्यापार डॉ. देवेश चतुर्वेदी, प्रमुख सचिव उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण बीएल मीणा उपस्थित थे।
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मुख्यमंत्री ने शनिवार को अपने सरकारी आवास पर आम के निर्यात और बिक्री के संबंध में समीक्षा की। इस बैठक में कई प्रमुख आम उत्पादकों व निर्यातकों ने भी भाग लिया। सीएम ने कहा कि आम के विपणन एवं निर्यात के संबंध में तेजी से कार्यवाही की जाए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार आम उत्पादकों, निर्यातकों और किसानों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है।
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आम के निर्यात को बढ़ावा देने के लिए पुराने बागों का जीर्णोंद्धार, कोल्ड रूम की व्यवस्था और पैक हाउस की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। कीटनाशकों के छिड़काव के बारे में किसानों को जागरूक किया जाए। आम के बागों के लिए अवस्थापना सुविधाओं के विकास पर भी ध्यान दिया जाए। आम आधारित उद्योगों की इकाइयों को प्रोत्साहित किया जाए। अंतर्राज्यीय विपणन के लिए हॉफेड, नैफेड एवं मंडी परिषद योजनाबद्ध तरीके से कार्यवाही करें। इस संबंध में अन्य प्रदेशों के व्यापारियों से संपर्क कर कार्य किया जाए।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा दिए गए विशेष आर्थिक पैकेज को ध्यान में रखते हुए आम उत्पादकों और निर्यातकों को सहूलियतों मुहैया कराई जाएं। गंगा के तटवर्ती क्षेत्रों और बागवानी के लिए जैविक खेती को बढ़ावा दिया जाए। प्रदेश की प्रमुख व्यावसायिक किस्मों को बायर-सेलर मीट के माध्यम से प्रोत्साहित किया जाए। आम उत्पादकों और निर्यातकों के बीच समन्वय स्थापित करते हुए आम के निर्यात में तेजी लाई जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उतर प्रदेश में आम उत्पादक प्रमुख जिले-सहारनपुर, मेरठ, बागपत, बुलन्दशहर, अमरोहा, बाराबंकी, हरदोई, सीतापुर, अयोध्या, लखनऊ, प्रतापगढ़, वाराणसी आदि हैं। आम की दशहरी, लंगड़ा, चैसा, रामकेला, रटौल, लखनऊ सफेदा, गौरजीत, आम्रपाली, मल्लिका जैसी प्रजातियों की मांग है। इनकी ब्रांडिंग करते हुए निर्यात संबंधी समस्याओं का समाधान किया जाए।
इस अवसर पर आम उत्पादकों व निर्यातकों ने मुख्यमंत्री के सामने आम के विपणन व निर्यात संबंधी सुझाव प्रस्तुत किए। कई सुझावों पर सीएम ने कार्यवाही किए जाने के निर्देश दिए। बैठक के दौरान उद्यान राज्यमंत्री श्रीराम चौहान, कृषि उत्पादन आयुक्त आलोक सिन्हा, अपर मुख्य सचिव वित संजीव मितल, प्रमुख सचिव कृषि विपणन एवं विदेश व्यापार डॉ. देवेश चतुर्वेदी, प्रमुख सचिव उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण बीएल मीणा उपस्थित थे।