राम मंदिर चढ़ावा चोरी: पुलिस ने आरोपियां की रिमांड सात दिन की मांगी थी, कोर्ट ने 40 घंटे की दी मंजूरी
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में अदालत ने तीन आरोपियों को एक दिन की पुलिस रिमांड पर भेजने की अनुमति दी। पुलिस पूछताछ के दौरान कथित गबन की साजिश, आर्थिक लेनदेन, बरामद साक्ष्यों का मिलान और चोरी की रकम के उपयोग से जुड़े तथ्यों की जांच आगे बढ़ाएगी।
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राम मंदिर में चढ़ावा धनराशि चोरी व गबन के मामले में जेल में निरुद्ध आरोपियों लवकुश मिश्रा, अनुकल्प व करुणेश की 40 घंटे के लिए पुलिस कस्टडी रिमांड को मंजूरी मिल गई है। जबकि, विवेचक आशुतोष तिवारी ने सात दिन की रिमांड की मांगी थी।
रिमांड प्रार्थना पत्र पर सुनवाई से पहले विशेष न्यायाधीश एंटी करप्शन कोर्ट ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये आरोपियों से उनका पक्ष जाना। इस दौरान विशेष अभियोजन अधिकारी व आरोपियों की ओर से लीगल एड डिफेंस कौंसिल डिप्टी चीफ भी मौजूद रहे। विशेष अभियोजन अधिकारी ने कहा कि कोर्ट के आदेश पर पांच जुलाई को विवेचक ने जेल में जाकर लवकुश मिश्रा, अनुकल्प मिश्रा व करुणेश पांडेय का बयान दर्ज किया था।
आरोपियों ने अपने बयान में राम मंदिर चढ़ावा धनराशि व आभूषण को छिपाकर रखने की बात कही है। धनराशि व आभूषण की बरामदगी के लिए लवकुश, अनुकल्प मिश्रा व करुणेश को सात दिन की पुलिस कस्टडी रिमांड देने की मांग की गई।
वहीं, आरोपियों की ओर से पैरवी करने के लिए नियुक्त किए गए लीगल एड डिफेंस कौंसिल डिप्टी चीफ ने पुलिस कस्टडी रिमांड का विरोध किया। तर्क दिया कि कस्टडी में लेने के बाद पुलिस आरोपी को प्रताड़ित करती है। जिस बरामदगी की बात प्रार्थना पत्र में कही गई है, उसे आरोपी को रिमांड में लिए बिना भी बरामद किया जा सकता है।
न्यायालय ने तलब की अविनाश की मेडिकल रिपोर्ट
न्यायाधीश ने रिमांड के दौरान आरोपी को प्रताड़ित करने की बात का संज्ञान लेते हुए पुलिस की पूर्व में रिमांड पर लिए गए आरोपी अविनाश शुक्ला की मेडिकल रिपोर्ट तलब की। तब विवेचक ने रिमांड में लेने से पहले व रिमांड अवधि पूरी होने के बाद अविनाश के मेडिकल रिपोर्ट को अदालत में दाखिल किया।